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लख दाता पीर मंदिर गिराने के विरोध में उतरे लोग

भास्कर संवाददाता | कीरतपुर साहिब 5 मई को सड़क निर्माण करने वाली कंपनी ने गांव मौड़ा में लख दाता पीर मंदिर को प्रशासन...

Danik Bhaskar | May 11, 2018, 02:00 AM IST
भास्कर संवाददाता | कीरतपुर साहिब

5 मई को सड़क निर्माण करने वाली कंपनी ने गांव मौड़ा में लख दाता पीर मंदिर को प्रशासन व पुलिस के सख्त प्रबंधों के बीच गिरा दिया था। इसके विरोध में वीरवार गांव मौड़ा के लोगों ने इकट्ठे होकर गिराए गए मंदिर के नजदीक प्रदर्शन किया। इस मौके गांव के लोगों ने सड़क बनाने वाली कंपनी, गांव के सरपंच और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क बनाने वाली कंपनी और गांव की पंचायत की मिलीभगत के साथ मंदिर को गिराकर लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है जबकि सड़क बनाने के लिए मंदिर के नजदीक वाली जमीन भी प्रयोग की जा सकती थी जिससे मंदिर बच सकता था। लेकिन उक्त कंपनी ने मंदिर वाली जमीन को जानबूझकर एक्वायर किया। यही नहीं इसके लिए गांव के लोगों की राय भी नहीं ली गई। गांव के कुछ मकान जो मंदिर से पहले सड़क के बीच आते हैं, उन्हें न तो अभी तक कोई पैसा दिया गया और न ही गिराया गया। मंदिर करीब 200 से 250 साल पुराना था। जहां नए जोड़े भी पहले यहां आकर आशीर्वाद लेते थे। मंदिर के गिराने के कारण गांववासियों में भारी रोष है।

उन्होंने गांव के लोगों पर आरोप लगाया कि उन्होंने मंदिर की जमीन के मिले पैसे खर्च किए हैं। अगर वे मंदिर के पैसे सड़क निर्माण कंपनी को वापस करता तो शायद वह मंदिर को न तोड़ते। उन्होंने कहा कि अगर हमारा मंदिर यहां पर दोबारा नहीं बनाया गया तो वह इकट्ठे होकर संघर्ष करेंगे तथा भूख हड़ताल भी करेंगे। इस दौरान होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी सड़क बनाने वाली कंपनी और प्रशासन की होगी। इस मौके पर कृष्ण लाल, पवन कुमार, गुरचरन सिंह शादी, देसराज, हरबंस लाल, कर्म चंद, मीत राम, कमल सिंह, सुखविंदर सिंह, राम प्रकाश पप्पू, राम लोक, बिट्टू, मखण सिंह, भजन सिंह, राम सरूप, राम लोक, हिम्मत सिंह, सोमा देवी, सुरजीत कौर, प्यारी देवी, जीतो देवी, समत्ती देवी, कुशल्या देवी आदि मौजूद थे।

गिराए गए मंदिर के विरोध में रोष जताते गांववासी।

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जमीन एक्वायर होने के बाद करीब 2 साल पहले पैसा आने के बाद दो कमेटियों में हुआ झगड़ा : एसडीएम