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नशे को खत्म करने के लिए सभी धर्मों के संत आगे आए : गोबिंद लोंगोवाल

नशा पंजाब की आज सबसे बड़ी समस्या है। हमारे युवक इस दलदल में बुरी तरह से फंस चुके हंै। इसे खत्म करने के लिए सभी...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:05 AM IST
नशे को खत्म करने के लिए सभी धर्मों के संत आगे आए : गोबिंद लोंगोवाल
नशा पंजाब की आज सबसे बड़ी समस्या है। हमारे युवक इस दलदल में बुरी तरह से फंस चुके हंै। इसे खत्म करने के लिए सभी धर्मों के महापुरुष आगे आएं। ये बात एसजीपीसी के प्रधान गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने कही। वह धार्मिक समागम में हिस्सा लेने के लिए गुरुद्वारा बीबी प्रधान कौर में विशेष तौर पर पहुंचे थे।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि नशा एक सामाजिक समस्या है। अगर युवा पीढ़ी धर्म के साथ जुड़ जाएगी तो वह नशा नहीं करेगी। इसलिए हम सभी को नशे को रोकने के लिए आगे आना होगा। एसजीपीसी की तरफ से हर साल धर्म प्रचार किया जाता है। जिससे युवा धर्म के साथ जुडे रहे। इसलिए सभी धर्मो के संत महापुरूष सांझे तौर पर अभियान चलाए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि एसजीपीसी की तरफ से सिख धर्म के पहले गुरु नानक देव के 550 वें प्रकाश उत्सव पर विशेष तैयारी की गई है। इस मौके पर एसजीपीसी मैंबर परमजीत सिंह खालसा, बाबा अवतार सिंह मौडा वाले, बाबा हरबेअंत सिंह, बाबा भगवान दास, संत जगदेव मुनि खाई वाले, संत राम सिंह, संत दबिंदर सिंह, संत हाकम सिंह, संत सुखदेव सिंह आदि हाजिर थे।

एसजीपीसी प्रधान गोबिंद सिंह लौगोंवाल का सम्मान करते हुए धार्मिक संगठन के सदस्य।

बादल कौम के मसले केंद्र से हल कराएं नहीं तो भाजपा से नाता तोड़ें : हरजिंदर

बरनाला| शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने वार्षिक इजलास में पास हुए बजट के मौके पर प्रधान शिरोमणि समिति की तरफ से जीएसटी के कारण साढ़े चार करोड़ की अदायगी सरकारों को करने संबंधित जानकारी पर प्रतिक्रिया देते हुए सिख पंथ के कथावाचक हरजिन्दर सिंह माझी ने कहा कि सरकारें गुरु की गोलक को जीएसटी के द्वारा लूट रही हैं और शिरोमणि समिति के नुमाइंदे इस मसले पर सिर्फ ब्यानबाजी करके सिख संगत को गुमराह कर रहे हैं। पंजाब सरकार की तरफ से गुरु की लंगर की वस्तुओं पर अपने हिस्से की जीएसटी से मुक्ति देने का स्वागत करते हुए भाई माझी ने कहा कि शिरोमणि समिति के मौजूदा प्रबंधक बादल के साथ संबंधित हैं। ऐसी स्थिति में भी केंद्र सरकार की तरफ से गुरु की लंगर के लिए इस्तेमाल की जाती वस्तुओं पर जीएसटी लगाना और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर की तरफ से अपना बनता रोल अदा नहीं किया जा रहा, जिसके साथ बादल दल फिर सिख संगत के कटघरे में खड़ा है। माझी ने कहा कि बादल दल को जीएसटी समेत सिखों के लटकते सभी मसले जोर देकर केंद्र सरकार से हल करवाना चाहिए या फिर भाजपा से नाता तोड़ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर बादल ग्रुप सिख मसलों के लिए भाजपा के साथ अपनी सांझ नहीं तोड़ सकता तो सिखों की शहादतों में से निकली शिरोमणि कमेटी संस्था का पीछा छोड़कर भाजपा, कांग्रेस, आप आदि राजनैतिक पार्टियों की तरह सिर्फ राजनैतिक पार्टी बन जाए। (लखवीर चीमा)

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