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विभिन्न मांगों को लेकर डीसी दफ्तर के कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर

डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन पंजाब की राज्य समिति के दो दिवसीय कलम छोड़ हड़ताल के न्योते पर जिला बरनाला के नुमाइंदों...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 02:10 AM IST

डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन पंजाब की राज्य समिति के दो दिवसीय कलम छोड़ हड़ताल के न्योते पर जिला बरनाला के नुमाइंदों ने पहले दिन वीरवार को मुकम्मल कलम छोड़ हड़ताल की। जिला प्रधान कमलजीत सिंह ने कहा कि पंजाब राज के समूह कर्मचारी सरकार के अड़ियल रवैये और मुलाजिम विरोधी नीतियों के विरोध में यह कलम छोड़ हड़ताल कर रहे हैं। पउन्होंने कर्मचारियों को विश्वास दिलाया कि उनकी मांगों के लिए अपनी आवाज आने वाले विधान सभा के सेशन में उठाएंगे। इस समय कर्मचारी यूनियन के चंचल कौशल, बलदेव राज, गुरविंदर सिंह, बिकी, हरविंदर सिंह, फतेह चंद, बलविंदर कौर, अंशु गुप्ता, वरिदरपाल, नरपिन्दर सिंह, हरप्रीत विर्क, अवतार सिंह, हरिन्दरपाल, जगप्रीत दयोल, दलबीर सिंह, जगदेव सिंह, गौरव शर्मा, विकास, रुपिन्दर, मोहित कुमार, अश्वनी कुमार, मनप्रीत सिंह, दीपक कुमार मौजूद थे। (लखवीर चीमा)

अाप विधायक मीत हेअर धरने के दौरान मुलाजिमों से बातचीत करते हुए।

ये हैं कर्मचारियों की मांगें

1995 के नौरमज अनुसार असामियां मंजूर कर तुरंत स्टाफ दें।

तहसीलदार पदोन्नति के लिए तजुर्बों की शर्त 5 साल से घटा कर 3 साल करना।

शर्तें पुरी करते सीनियर सहायकों को नायब तहसीलदार पद उन्नत करना।

डीआरए की असामी 1976 के रूल 9(ई) अनुसार भरना।

सुपरिंटेंडेंट और निजी सहायक की पदोन्नति के अधिकार डीसी को देना।

सीनियर सहायकों के पदोन्नति असामी 100 फीसदी कोटा करना ।

जनवरी 2016 से लंबित महंगाई भत्ते की किश्त देना।

महंगाई भत्ता तनख्वाह में मर्ज करके तनख्वाह कमिशन का अमला नियुक्त करके रिपोर्ट पेश करने के लिए पाबंद करना।

एसीपी की रिपोर्ट नौकरी पूरी होने पर अगला हायर स्केल देना।

2004 के बाद भरती हुए कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम में लाना।

छीने भत्ते बहाल करना, आउटसोर्सिंग भरती करना।

2015 से भरती करने के काले कानून वापिस लेना।

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