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खसरा-रुबेला वैक्सीन सुरक्षित : डीसी

खसरे को जड़ से खत्म करने और रुबेला की रोकथाम के लिए सेहत विभाग की तरफ से चलाई जा रही मुहिम का डिप्टी कमिश्नर धर्मपाल...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 02, 2018, 02:10 AM IST

खसरा-रुबेला वैक्सीन सुरक्षित : डीसी
खसरे को जड़ से खत्म करने और रुबेला की रोकथाम के लिए सेहत विभाग की तरफ से चलाई जा रही मुहिम का डिप्टी कमिश्नर धर्मपाल गुप्ता ने गांधी आर्य स्कूल में आगाज किया। डीसी गुप्ता ने बताया कि एमआर मुहिम देश भर में 13 राज्यों में 7 से 8 करोड़ बच्चों को अपने कलावे में ले चुकी है और चौथे पड़ाव में यह मुहिम पंजाब में मंगलवार से शुरू हो गई है। इस मुहिम के अंतर्गत जिले में 9 महीने से लेकर 15 वर्ष तक के करीब 1.45 लाख बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खसरा और रुबेला वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और इस लिए मां-बाप को इस टीकाकरण मुहिम में पूर्ण सहयोग देना चाहिए। सिविल सर्जन डाॅ. जुगल किशोर ने बताया कि इस मुहिम में लगभग 102 टीकाकरण टीमों और 34 सुपरवाइजरों की तरफ से 483 स्कूलों में टीकाकरण सेशन लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि स्कूलों के अध्यापकों को इस मुहिम संबंधित विशेष ट्रेनिंग पहले ही दी जा चुकी है। इस मौके पर जिला परिवार भलाई अफसर डाॅ. हरिंदरपाल सिंह, डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डाॅ. ज्योति कौशल, मांस मीडिया अफसर उर्मिला देवी, जिला बीसीसी हरजीत सिंह, ईपीआई असिस्टेंट गुरदीप सिंह, गुरजीत सिंह, सेहत विभाग और गांधी आर्य स्कूल का समूह स्टाफ उपस्थित थे। डीसी धर्मपाल गुप्ता ने बताया कि इस टीकाकरण मुहिम के बारे में फैलाई जा रही अफवाहें झूठी और बेबुनियाद हैं और यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है, क्योंकि प्राइवेट अस्पतालों में छोटे बच्चों को यह टीका पहले ही लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि माता पिता अपने बच्चों की सेहत के मद्देनजर यह टीका जरूर लगवाएं। (लखवीर चीमा)

डीसी धर्मपाल गुप्ता टीकाकरण मुहिम का आगाज कराते हुए।

खसरा अौर रुबेला दोनों छूत के घातक रोग : सिविल सर्जन

सिविल सर्जन ने मीजल और रुबेला संबंधित जानकारी देते डाॅ. जुगल किशोर ने बताया कि खसरा एक घातक छूत का रोग है और इसके साथ पूरे देश में वार्षिक 49000 बच्चों की मौत होती है। उन्होंने कहा कि रुबेला भी एक तरह छूत का रोग है, जो बच्चों और बालिगों में मौत का कारण बनता है और यदि गर्भवती औरत इस विषाणू की चपेट में आ जाए तो नवजात बच्चों के अपंग होने का खतरा बना रहता है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सेहत विभाग की तरफ से पोलियों की बीमारी से मुक्ति की तरह अब 2020 तक राज्य और देश को खसरे व रुबेला से मुक्त करने का लक्ष्य माना गया है।

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