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विकास कार्य पूरा कराने को हंगामा, बजट में नहीं शहर का बड़ा प्रोजेक्ट

नगर कौंसिल द्वारा पास किए गए 26.86 करोड़ रुपए के बजट में सिर्फ 17 प्रतिशत रकम ही शहर के विकास के लिए रखी गई है। 52 प्रतिशत...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 03:10 AM IST
नगर कौंसिल द्वारा पास किए गए 26.86 करोड़ रुपए के बजट में सिर्फ 17 प्रतिशत रकम ही शहर के विकास के लिए रखी गई है। 52 प्रतिशत राशि सिर्फ वेतन पर ही खर्च होगी। शहर के लोगों की परेशानी का कारण बनी टूटी हुई सड़कों से निजात पाने के लिए सिर्फ प्रदेश सरकार के विशेष पैकेज का ही सहारा है। इसलिए बजट में शहर के किसी बड़े प्रोजेक्ट का कही पर जिक्र नहीं है। 6 महीने बाद हुई बैठक के कारण पार्षदों ने नाराजगी जताई। वहीं कुछ पार्षदों ने लटक रहे विकास कार्यों को पूरा करवाने के लिए हंगामा किया।

पार्षद बोले- सुनवाई नहीं हुई तो धरने दिए जाएंगे, बैठक हर महीने होनी चाहिए

बैठक में भड़ास निकालते कांग्रेसी पार्षद विनोद चौबर (सफेद कमीज), उन्हें शांत करने की कोशिश करते कौंसिल के वाइस प्रधान रघुवीर प्रकाश गर्ग (नीली शर्ट)।

कांग्रेसी पार्षद विनोद चौबर व आजाद पार्षद प्रवीण बबली ने तय समय पर बैठक नहीं होने से नाराजगी जताई। विनोद चौबर ने कहा कि कौंसिल में उनकी सुनवाई नहीं हो रही। बैठक हर महीने होनी चाहिए, जबकि इस बार बैठक 6 महीने बाद हो रही है। साथ ही उनके वार्ड कलगीधर गुरुद्वारा के पास सड़कें एक बार खोद कर ठेकेदार भाग गया, उसे पूरा करवाया जाए। पार्षद प्रवीण बबली ने कहा कि कौंसिल के अधिकारी मनमानी से काम करते हैं। उनके वार्ड में जिन लोगों ने मकान बनाने के लिए पैसे भर दिए उन्हें मकान नही बनाने दिए जा रहे।

संसाधन वित्त वर्ष-2017-18 साल 2018-19

हाउस टैक्स 2.80 करोड़ 2.77 करोड 2.73 करोड़

किराया 15 लाख 11.95 लाख 15 लाख

नक्शा फीस 50 लाख 44.71 लाख 55 लाख

विकास चार्ज 30 लाख 61.18 लाख 30 लाख

वैट 16.30 करोड 14.23 करोड़ 18.00 करोड़

बिजली खपत चार्ज 1.90 करोड 1.00 करोड़ 1.60 करोड़

समझौता फीस 5.00 लाख 3.32 लाख 5.00 लाख

लाइसेंस फीस 1.55 लाख 88 हजार 2.10 लाख

लैड सेल 0000 0000 2.00 करोड़

मरे पशु ठेक 4 लाख 4 लाख 4 लाख

एक्साइज 1.00 करोड़ 1.00 करोड़ 1.08 करोड़

कुल 23.05 करोड़ 26.86 करोड़

अधिकारियों को नियमों के अनुसार काम करने की दी जाएगी हिदायत : शौरी

नगर कौंसिल के प्रधान संजीव शौरी ने कहा कि पार्षदों की शिकायतों का पूरा ख्याल रखा जाएगा। अगर कोई कौंसिल का अधिकारी सही तरीके से काम नहीं करता तो उन पर सख्ती की जाएगी।

विकास के लिए ‌Rs.4.68 करोड़

इस साल कौंसिल की आमदन 26.86 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। जिसमें से 13.43 करोड़ रुपए सिर्फ वेतन देने में खर्च हो जाएंगे। इसके अलावा 57 लाख रुपए दफ्तरी खर्चों के लिए रखे गए हैं। दो लाख की आबादी वाले 31 वार्डों में बंटे शहर के विकास के लिए मात्र 4.68 करोड़ रखे गए है। इसके अलावा 6.75 करोड़ रुपए बिजली, ट्यूबवेल व अन्य बिलों के लिए रखे गए हैं। नगर कौंसिल के बजट में शहर की सड़कों की दयनीय हालत, बरसाती नाले, सीवरेज सिस्टम, तर्कशील चौक रोड आदि का कही भी जिक्र नहीं किया गया।