Hindi News »Punjab »Batala» 3 किस्म की एक लाख मछलियों के पुंग ब्यास में डाले

3 किस्म की एक लाख मछलियों के पुंग ब्यास में डाले

जंगलात विभाग की टीम की ओर से पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ कम चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन पंजाब डॉ. कुलदीप कुमार के निर्देशों पर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 20, 2018, 02:00 AM IST

3 किस्म की एक लाख मछलियों के पुंग ब्यास में डाले
जंगलात विभाग की टीम की ओर से पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ कम चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन पंजाब डॉ. कुलदीप कुमार के निर्देशों पर डीएफओ वाइल्ड लाइफ पठानकोट राजेश महाजन के नेतृत्व में गुरदासपुर-अमृतसर की हद पर गांव शेरोबागा और माड़ी बुच्चियां के नजदीक ब्यास दरिया में कुल एक लाख मछलियों के पुंग डाले गए हैं।

वहीं, इन मछलियों के पुंग में 25 हजार कतला, 40 हजार मराख और 35 हजार राहू मछलियों की किस्में शामिल हैं। इन मछलियों के पुंग को मछली पालक विकास एजेंसी गुरदासपुर से लाया गया है। इससे पहले भी विभाग को एक लाख मछलियों के पुंग डालने का टार्गेट मिला था, जिस दौरान विभाग की टीम द्वारा शेरोबाग से गुजरते ब्यास दरिया में 30 हजार और अन्य कई जगहों पर 70 हजार मछलियों के पुंग डाले गए थे।

इस संबंध में डीएफओ वाइल्ड लाइफ पठानकोट राजेश महाजन और बोबिंदर सिंह इंचार्ज बटाला ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा ब्यास दरिया कंजर्वेशन रिजर्व घोषित किया गया है। इस एरिया में घड़ियाल और डॉलफिन पाए जाते हैं, जिनकी खुराक केवल मछली है। टीम द्वारा ब्यास दरिया में डाले गए मछलियों के पुंग जब बड़े हो जाएंगे, तो यह घड़ियाल के खाने लायक हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि विभाग के हुए एक सर्वे के दौरान गांव शेरोबागा के ब्यास दरिया पर घड़ियाल देखे गए थे, उसके बाद से समय-समय पर यहां मछलियों के पुंग डालने का निर्णय किया गया है। उन्होंने बताया कि मई माह में ब्यास दरिया के हुए दूषित पानी के कारण कई मछलियां मारी गई थीं, जिसके बाद विभाग की ओर से ब्यास दरिया में मछलियां डालने का फैसला लिया गया था।

इस अवसर पर रेंज अफसर गुरदासपुर अमरजीत सिंह, ब्लाॅक अफसर बख्शीश सिंह, बोबिंदर सिंह इंचार्ज बटाला, सुनील सैनी, सुखदेव राज, मैडम सपना कौर, मैडम रमनदीप कौर, मैडम हरमनप्रीत कौर, मैडम नवनीत कौर आदि मौजूद थी।

सराहनीय प्रयास

शेरोबागा के ब्यास दरिया पर घड़ियाल दिखने पर डाले पुंग, मछलियां बड़ी होने पर घड़ियाल के भोजन की करेंगी पूर्ति

घड़ियाल मछलियां ही खाते हैं, मानव को खतरा नहीं

डीएफओ वाइल्ड लाइफ ने बताया कि पहले पड़ाव के तहत एक लाख मछलियों के पुंग ब्यास दरिया में डाले जा चुके हैं, अब दूसरे पड़ाव में भी एक लाख मछलियों के पुंग डाले हैं, ताकि घड़ियाल के भोजन की पूर्ति की जा सके। उन्होंने बताया कि घड़ियाल केवल मछलियां ही खाते हैं और किसी भी जीव या मानव के लिए यह खतरनाक नहीं हैं। यह किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Batala

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×