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बच्चियों/महिलाओं से बढ़ते दुष्कर्म मामलों के खिलाफ डीसी कार्यालय के बाहर दिया धरना

भास्कर संवाददाता | गुरदासपुर जनवादी स्त्री सभा पंजाब के बुलावे पर इकाई जिला गुरदासपुर के नेताओं/कार्यकर्ताओं...

Dainik Bhaskar

Jul 31, 2018, 02:10 AM IST
बच्चियों/महिलाओं से बढ़ते दुष्कर्म मामलों के खिलाफ डीसी कार्यालय के बाहर दिया धरना
भास्कर संवाददाता | गुरदासपुर

जनवादी स्त्री सभा पंजाब के बुलावे पर इकाई जिला गुरदासपुर के नेताओं/कार्यकर्ताओं ने सोमवार को डीसी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इससे पहले शिंदर कौर, दविंदर कौर और मनजीत कौर के संयुक्त नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने स्थानीय नेहरू पार्क में एकत्र किया।

इसके बाद नेहरू पार्क से काफिले के रूप में निकल कर सैकड़ों महिलाओं ने प्रदेश/केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स की ओर कूच किया और डीसी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगें सामने रखीं और पीएम पंजाब के नाम का ज्ञापन डीसी गुरदासपुर को सौंपा। इस दौरान प्रदेश जनरल सचिव नीलम घुमान ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की महिलाओं व लोक विरोधी नीतियों के चलते समाज में स्त्रियों काफी असुरक्षित महसूस कर रही हैं। आए दिन महिला/बच्ची के साथ कई तरह के शोषण, दुष्कर्म और हिंसा के मामले सामने आ रहे हैं। रोजाना ऐसी वारदातें सामने आने से ऐसा प्रतीत होता है कि भारत देश महिलाओं सहित दलितों और अल्पसंख्यकों के लिए असुरक्षित देश बन गया है। वहीं सरकार की आर्थिक/लोक विरोधी नीतियों के चलते महिलाओं पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप लूटमार, छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसी वारदातें बढ़ीं हैं।

इस धरना प्रदर्शन को गुरमीत कौर बटाला, रशपाल, कश्मीर कौर, परमजीत कौर, भजन कौर, रोजी, नीलम, कमलेश, नीलम, मधु बाला, संपूर्ण देवी, संतोष, गुरमीत कौर, हरजीत कौर, जसबीर कौर, रजनी, कंवलजीत राज, राजविंदर, परमजीत कौर व रजनी ने भी संबोधित किया।

डीसी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करती महिलाएं। -भास्कर

ये हैं मुख्य मांगें

महिलाओं को हर क्षेत्र में समानता के अधिकार देने के अलावा काम के बदले पर्याप्त मेहनताना दिया जाए, महिलाओं/लड़कियों से हिंसा, छेड़छाड़ और दुष्कर्म मामलों के आरोपियों को सख्त सजा मिले, महिलाओं की सुरक्षा कमेटियों का गठन हो, आंगनबाड़ी, आशा वर्करों, मिड-डे मील वर्करों और सिलाई अध्यापकों को योग्यता अनुसार पूरी पगार और सुविधाएं मिलें, मनरेगा महिलाओं को 600 रुपए दिहाड़ी मिले, जबकि काम न मिलने की सूरत में बेरोजगारी भत्ता मिले और स्थायी रोजगार मिले।

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