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खजूरी गेट स्थित 4 दुकानों का कब्जा छुड़वाने गए इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के कर्मचारियों और कब्जाधारियों के बीच हुआ विवाद

खजूरी गेट स्थित 4 दुकानों का कब्जा छुड़वाने गए इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के कर्मचारियों और कब्जाधारियों के बीच विवाद हो...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 27, 2018, 02:20 AM IST

खजूरी गेट स्थित 4 दुकानों का कब्जा छुड़वाने गए इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के कर्मचारियों और कब्जाधारियों के बीच हुआ विवाद
खजूरी गेट स्थित 4 दुकानों का कब्जा छुड़वाने गए इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के कर्मचारियों और कब्जाधारियों के बीच विवाद हो गया। दोनों में खूब बहस हुई। यही नहीं कुछेक कब्जाधारियों द्वारा हाथापाई भी की गई। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट टीम में सीनियर सुपरिंटेंडेंट नरेश कुमारी, जेई कुलदीप सिंह, सर्वेयर जसपाल सिंह, अवतार सिंह, सुखविंदर सिंह, जोगिंदर सिंह, राजेश कुमार, गुरजीत सिंह, दविंदर सिंह, नरेश कुमार, अमरजीत सिंह, कृष्ण कुमार, जनक राज, अनिल कुमार, ठाकुर दास, धर्मपाल, तरसेम लाल आदि शामिल थे।

इस संबंध में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की सीनियर सुपरिटेंडेंट नरेश कुमारी ने बताया कि उन्हें बताया गया था कि 4 दुकानों पर पवन खोसला ने कब्जा किया हुआ है। ईओ इंप्रूवमेंट ट्रस्ट द्वारा आॅर्डर किया गया था कि इन चारों दुकानों से कब्जा छुड़वाया जाए। उनके आर्डर पर पुलिस की सहायता से वह कब्जा लेने के लिए गए थे। वहीं, पुलिस की मौजूदगी में पवन खोसला उनसे झगड़ा करने लगे। जेई कुलदीप शर्मा ने बताया कि ईओ द्वारा दुकानों से कब्जा छुड़वाने के लिए लिखित आॅर्डर किए गए थे, जिस दौरान वह कब्जा छुड़वाने के लिए गए थे। खजूरी गेट स्थित 4 दुकानों पर पवन खोसला और नरेश खोसला द्वारा करीब 6 महीने से अपने ताले गए थे। कब्जा छुड़वाने के समय डीसी गुरदासपुर से पुलिस प्रोटेक्शन की मांग की गई थी, जिस पर पुलिस टीम द्वारा वीरवार को वह उक्त 4 दुकानों पर अपने ताले लगाकर आए हैं। उन्होंने बताया कि जब वह अपनी कार्रवाई कर रहे थे, तो उक्त लोगों द्वारा उनसे बदतमीजी की गई है और एक उनका मुलाजिम जो कि कार्रवाई करने के समय कैमरे में रिकार्डिंग कर रहा था, उसका कैमरा भी पवन खोसला द्वारा छीन लिया गया था।

इस संबंधी में अपना पक्ष रखते पवन खोसला ने बताया कि 17 जुलाई 2004 को पंजाब एंड हरियाना हाइकोर्ट द्वारा आर्डर किया था कि 2 हफ्ते के अंदर दुकानदारों को नई दुकानें बनाकर उन्हें वापस दी जाएं। इसके बावजूद उन्हें दुकानें नहीं मिलीं। हाईकोर्ट ने उन्हें स्टे दिया हुआ है। पवन खोसला ने बताया कि वह इंप्रूवमेंट ट्रस्ट से स्टे की कॉपी कई बार मांग चुके हैं, लेकिन वह नहीं दे रहे। स्टे की कॉपी लेने के लिए वह कई बार आरटीआई डाल चुके हैं, उल्टा उनकी ओर से यह कहा जाता है कि उन्होंने दुकानों के ताले तोड़े हैं, जबकि दुकानों के ताले पहले से ही टूटे हुए थे। यह दुकानें खुद ईओ ने पैसे लेकर किराए पर दी हुई थीं। वहीं, दिनेश खोसला ने बताया कि उनके द्वारा एसडीएम को शिकायत की गई थी, जिसका जवाब एसडीएम बटाला द्वारा उन्हें मिला है। उसमें लिखा गया है कि इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के दफ्तर का जो रिकाॅर्ड वह मांग रहे हैं, वह रिकाॅर्ड लेकर 27 जुलाई को सुबह 11 बजे उनके दफ्तर पहुंचाया जाए।

इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के कर्मचारी को बाजू से पकड़कर खींचते हुए पवन खोसला। (मध्य) पुलिस के साथ बहस करते हुए पवन खोसला। (दाएं) दुकान में ताले लगाने के समय आपस में उलझते हुए पवन खोसला और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के कर्मचारी। -भास्कर

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