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शुगर मिल में तापमान बढ़ने से टैंक ओवरफ्लाे, प्रबंधकों ने शीरा ब्यास दरिया में डाला, प्रदूषण से भारी संख्या में मछलियां मरीं

भास्कर संवाददाता | बटाला/घुमान ब्यास दरिया के किनारे बसे लोगों में वीरवार सुबह उस समय दहशत फैल गई, जब उन्होंने...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 03:10 AM IST
शुगर मिल में तापमान बढ़ने से टैंक ओवरफ्लाे, प्रबंधकों ने शीरा 
 ब्यास दरिया में डाला, प्रदूषण से भारी संख्या में मछलियां मरीं
भास्कर संवाददाता | बटाला/घुमान

ब्यास दरिया के किनारे बसे लोगों में वीरवार सुबह उस समय दहशत फैल गई, जब उन्होंने देखा कि दरिया के पानी का रंग भूरा हो गया है और दरिया से बदबू उठ रही है। रंग बदल चुके पानी की सतह पर दरिया की मरी मछलियां तैर रही हैं। दरिया का पानी प्रदूषित होने के विरोध में लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों को पता चला कि मंत्री दरिया की इस हालत का कारण जानने दौरे पर आने वाले हैं, तो वे शांत हुए। शिक्षा मंत्री ओपी सोनी अफसरों की टीम को साथ मौके पर पहुंचे और जांच करवाई तो पाया गया कि कीड़ी अफगाना स्थित चड्ढा शुगर मिल के शीरे (केमिकल) ने ब्यास दरिया में मिलकर उसके पानी का रंग बदल दिया। जानकारी अनुसार कीड़ी अफगाना स्थित चड्ढा शुगर मिल के अंदर शीरे वाले टैंक का शीरा ओवरफ्लो होने लगा तो फैक्ट्री प्रबंधकों ने उसे ब्यास दरिया में डाल दिया, जिससे यह घटना हुई है। मंत्री ने मिल को बंद करवा मामले में जांच के आदेश दिए है। वहीं, 8 जिलों में पानी के इस्तेमाल रोक लगा दी है।

जहरीला पानी

मंत्री ओम प्रकाश सोनी का कहना है कि उन्होंने दरिया के दोनों तरफ जाकर मुआयना किया। उन्होंने देखा कि पानी का रंग बदल चुका था। दरिया के पानी में शीरा मिलने से आक्सीजन की कमी से मछलियां मरी हैं। उसके बाद तुरंत दरिया में और पानी छोड़ा गया ताकि आक्सीजन की कमी पूरी की जा सके। फिलहाल जांच के आदेश दे दिए गए हैं और फैक्टरी बंद करवा दी है। शाम को फिर से पानी के सैंपल लिए गए जिसमें खतरे की कोई बात नहीं पाई गई।

पानी में ऑक्सीजन की हुई कमी, मंत्री ओपी सोनी ने बंद करवाई मिल, दरिया में और पानी छोड़ा गया

प्रदूषित पानी पीने से बीमार पड़े गुज्जरों के पशु

ब्यास दरिया के किनारे बसे गांव बाघे, भोल, कपूर के लोगों ने बताया कि वे अपने पशुओं को इस दरिया का पानी पिलाते हैं और इसी में उन्हें नहलाते हैं। इसके अलावा अन्य कामों में भी इस पानी का प्रयोग करते हैं लेकिन अब यह पानी पूरी तरह से प्रदूषित हो चुका है। दरिया के पास रहने वाले गुज्जर परिवारों का कहना है कि गांव बाघे में करीब 100 गुज्जर परिवार के घर हैं। उनके पास 1200 भैसें हैं और वे ब्यास दरिया का पानी ही अपने पशुओं को पिलाते हैं। यह पानी पीने से उनके पशु तक बीमार पड़ चुके हैं।

शुगर मिल में शराब फैक्टरी के लिए बनता है शीरा

शुगर मिल के अंदर ही एक शराब फैक्टरी भी चलती है और शराब बनाने के लिए शीरा बनाया जाता है। उसी फैक्टरी का टैंक शीरा बनाते हुए तापमान बढ़ने से फट गया जिससे यह हादसा हुआ।

मिल से निकला यह शीरा, जो दरिया में मिल गया

सूत्रों से जानकारी मिली है कि बुधवार को केमिकल को दरिया में डाल दिया गया। बुधवार को इसका कम असर दिखा लेकिन वीरवार सुबह दरिया की सतह पर मरी मछलियां दिखाई देने लगी। लोगों ने बताया कि बुधवार सुबह से ही पानी के रंग में फर्क पड़ना शुरू हो गया था लेकिन अफसरों की तरफ से तब कोई कार्रवाई नहीं की गई। वीरवार को जब मछलिया मरीं तो उसे देखकर टीमें मौके पर आईं।

पानी में केमिकल मिलने से मछलियों के मरने पर विरोध जताते स्थानीय लोग।

सुबह तक ठीक हो जाएगा दरिया का पानी : डीसी

डीसी अमृतसर ने कई अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है और वे मामले को देख रहे हैं। डीसी अमृतसर कमलदीप सिंह संघा का कहना है कि मछलियां आक्सीजन की कमी से मरी हैं। लोगों से कहा गया है कि वे इन मछलियों को न खाएं। जल वैज्ञानिक भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जांच करने के बाद पानी के सैंपल लिए हैं। सुबह तक पानी ठीक हो जाएगा। प्रदूषण अफसर काहन सिंह पन्नू का कहना है कि उन्होंने सूचना मिलने के बाद मौके पर जाकर जांच की।

प्रदूषण बोर्ड या तहसीलदार

रिपोर्ट दें तो कार्रवाई : डीएसपी

डीएसपी वरिंदरप्रीत सिंह का कहना है कि उन्हें अभी तक कोई लिखित रिपोर्ट नहीं मिली है। अगर प्रदूषण बोर्ड या तहसीलदार से पुलिस को कोई लिखित रिपोर्ट मिलेगी तो वह कार्रवाई करेंगे।

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 ब्यास दरिया में डाला, प्रदूषण से भारी संख्या में मछलियां मरीं
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