कांस्टेबल ने 20 हजार में साैदा किया, साथी एएसआई गैंगस्टर नवीन को जेल में मोबाइल देने लगा तो काबू

Bathinda News - बठिंडा की केंद्रीय जेल आए दिन किसी न किसी मामले को लेकर सुर्खियों में रहती है। यहां कभी कैदियों से नशा मिलता है तै...

Nov 10, 2019, 07:40 AM IST
बठिंडा की केंद्रीय जेल आए दिन किसी न किसी मामले को लेकर सुर्खियों में रहती है। यहां कभी कैदियों से नशा मिलता है तै कभी गैंगस्टर मोबाइल फोन का प्रयोग करते हुए पकड़े जाते हैं। इस बार जो हुआ वो चौंकाने वाला है। जेल की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले कोई और नहीं बल्कि जिन मुलाजिमों पर जेल की सुरक्षा का जिम्मा है वहीं चंद पैसों के लिए गैंगस्टरों से हाथ मिला रहे हैं। केंद्रीय जेल में बंद एक गैंगस्टर को मोबाइल फोन देते हुए जेल गार्द ने एक एएसआई पवन कुमार को पकड़ा है। जबकि गैंगस्टर तक मोबाइल पहुंचाने का सौदा करने वाले सिपाही मनिंदरजीत िसंह को भी केस में नामजद किया है। दोनों के खिलाफ थाना कैंट में जेल नियमों के उल्लंघन और भ्रष्टाचार एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। जेल में तैनात उक्त दोनों मुलाजिम एएसआई पवन कुमार और सिपाही मनिंदरजीत सिंह को सीआईए-2 की पुलिस ने रिमांड में ले लिया है। पुलिस ने दोनों मुलाजिमों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं। सिपाही मनिंदरजीत के फोन पर यूपी की गाड़ी में आए अज्ञात लोगों की वाट्सएप काल आई थी। जिन्होंने सिपाही को गैंगस्टर नवीन सैनी उर्फ चिंटू को मोबाइल फोन, पावर बैंक और एक लीड देने के लिए 20 हजार रुपए देने का लालच देकर 5000 एडवांस दिए और बाकी पैसे काम होने पर देने का वादा किया। सिपाही ने उक्त फोन और अन्य सामान साथी एएसआई पवन कुमार काे दे दिया जो गैंगस्टर को फोन देते समय पकड़ा गया।

वाट्सएप काॅल कर कांस्टेबल को यूपी नंबर की गाड़ी में आए गैंगस्टर के साथियों ने दिया था मोबाइल व अन्य सामान

एएसआई पवन और सिपाही मनिंदरजीत को सीआईए-2 पुलिस ने पकड़ा।

जेल में गार्द ड्यूटी में तैनात कांस्टेबल मनिंदरजीत सिंह वासी चुघे कलां ने थाना कैंट पुलिस की ओर से की गई पूछताछ में बताया कि केंद्रीय जेल के हाई सिक्योरिटी जोन 1 में कुछ दिन पहले गैंगस्टर नवीन सैनी उर्फ चिंटू वासी न्यू गोबिंद नगर जालंधर के साथ उसकी जेल में ड्यूटी होने के कारण पहचान है। एक दिन ड्यृूटी के दौरान उसे नवीन सैनी ने कहा कि उसे बस स्टैंड के पास दो युवक कार में मिलेंगे जो एक मोबाइल फोन, पावर बैंक और एक लीड देंगे जो वह उसे पहुंचा दे। इसके बदले में उसे 20 हजार रुपए दिए जाएंगे। कांस्टेबल मनिंदरजीत ने कहा कि नवीन से बातचीत होेने के बाद उसे उसके मोबाइल फोन पर वाट्सएप काॅल आई, काॅल करने वाले ने उसे बस स्टैंड के पास बुलाया। उसे एक यूपी नंबर की आई-20 गाड़ी से उतरे दो युवकों में से एक ने अोपी कंपनी का टच स्क्रीन फोन, एक पावर बैंक और एक लीड दे दी अाैर कहा कि ये सब नवीन सैनी को दे देना, इतना कहते हुए उक्त दोनों युवकों ने उसे 5000 रुपए देते हुए कहा कि बाकी के 15000 रुपए काम होने के बाद मिल जाएंगे। वह लालच में आ गया और मोबाइल फोन और अन्य सामान लेकर अपने साथ ड्यूटी करते एएसआई पवन कुमार को दे दिए और उसे बता दिया कि ये नवीन सैनी तक पहुंचाना है, इसके बारे में पवन को पहले ही बता दिया था। जब एएसआई पवन कुमार गैंगस्टर नवीन सैनी को मोबाइल फोन व अन्य सामान देने लगा तो उसे चेकिंग पर आए वार्डन जगसीर सिंह ने पकड़ लिया। एसपी डी गुरविंदर सिंह संघा ने बताया कि दोनों मुलाजिमों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। दोनों को अरेस्ट कर लिया है।

गैंगस्टर नवीन सैनी उम्र कैद काट रहा है

जालंधर के कोर्ट ने गांव दौलतपुर के रहने वाले 23 साल के मनवीर सिंह जोगा की 11 नंवबर 2012 को सरेआम हत्या करने वाले गैंगस्टर सुरिंदर पाल सप्प, नवीन कुमार सैनी उर्फ चिंटू, प्रदीप कुमार दीपू और गोपाल सिंह गोपी को उम्रकैद और 11-11 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। तब से नवीन सैनी बठिंडा की केंद्रीय जेल में बंद है।

20 कैदियों और गैंगस्टरों सेपकड़े जा चुके मोबाइल

इस साल अब तक 20 कैदियों और गैंगस्टरों से मोबाइल फोन और नशा मिल चुका है। लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि अब जेल अधिकारियों और संबंधित थाने की पुलिस ये पता लगाने की काेशिश नहीं की कि आखिरकार गैंगस्टरों और कैदियों के पास मोबाइल फोन और नशा पहुंचता कैसे है जबकि जेल में दाखिल होने से पहले लगाई गई स्कैनर मशीन में नशा, मोबाइल फोन और अन्य पाबंदीशुदा चीज पकड़ी जाती है। लेकिन जेल की इस घटना से ये बात तो साफ हो गई है कि जेल में बंद बंदियों तक मोबाइल फोन और अन्य सामग्री पहुंचाने वाले कोई और नहीं बल्कि जेल के ही मुलाजिम है।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रही ये घटनाएं



ये मोबाइल और नशा कैसे जेल पहुंचा, खुलासा नहीं कर सकी पुलिस




















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