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15 वर्षीय बच्चे को डॉ. ने घोषित किया डेड, फॉर्मेलिटीज पूरी कर हॉस्पिटल ने कहा- बॉडी घर ले जा सकते हैं; अंतिम संस्कार की तैयारी के समय एक अजीब हरकत देख चिल्लाने लगे लोग / 15 वर्षीय बच्चे को डॉ. ने घोषित किया डेड, फॉर्मेलिटीज पूरी कर हॉस्पिटल ने कहा- बॉडी घर ले जा सकते हैं; अंतिम संस्कार की तैयारी के समय एक अजीब हरकत देख चिल्लाने लगे लोग

पंजाब न्यूज: मौत के 8 घंटे बाद इकलौते बेटे ने अचानक खोल दी आंखें...

Dainikbhaskar.com

Jan 14, 2019, 04:14 PM IST
punjab news: Chandigarh PGI doctor declared the barnala youth dead but while funeral he was found him alive in

बरनाला (पंजाब). इसे कुदरत का करिश्मा कहें या डॉक्टरों की लापरवाही। चंडीगढ़ PGI के डॉक्टर द्वारा मृत घोषित किए जाने के 8 घंटे बाद एक युवक जिंदा हो गया। दरअसल, फॉर्मेलिटीज पूरी करने के बाद हॉस्पिटल ने परिजनों से कहा कि अब आप डेडबॉडी घर ले जा सकते हैं। लेकिन अंतिम संस्कार की तैयारी के समय 10वीं में पढ़ने वाले 15 साल के गुरतेज सिंह की सांसें लौट आईं। ये देख पहले तो घरवाले चौंके, फिर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिजनों ने अब पीजीआई के डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।

- पक्खोकलां गांव निवासी सिंगारा सिंह के 15 वर्षीय बेटे गुरतेज बीते दिनों आंख की रोशनी कम होने की शिकायत के बाद बठिंडा के सिविल हॉस्पिटल में भर्ती हुआ था। जहां डॉक्टरों ने सिर में रसौली बताकर उसे डीएमसी लुधियाना व फिर पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया।
- 10 जनवरी को उसे चंडीगढ़ पीजीआई में एडमिट किया गया। 11 जनवरी की सुबह डॉक्टरों ने उसे डेड डिक्लेयर कर दिया। लेकिन बेटे का डेथ सर्टिफिकेट नहीं दिया गया। ऐसे में घरवालों को उस डॉक्टर का नाम नहीं पता, जिसने उनके बेटे को मृत करार दिया।

और फिर लौट आई सांसें

- घर में गुरतेज के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं। जब उसके कपड़े बदले जा रहे थे, तब पड़ोसी सतनाम सिंह को गुरतेज की धड़कनें चलने का आभास हुआ। जिसके बाद फौरन पास के एक केमिस्ट को बुलाया गया।
- फिर पता चला कि वो तो जिंदा है। उसका ब्लड प्रेशर भी नॉर्मल है। इस दौरान गुरतेज ने आंखें खोलकर बोलने की कोशिश की। जिसके बाद परिजन उसे सिविल अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने चेकअप में उसे जीवित पाया और फरीदकोट के बाबा फरीद मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।

सीएम से की कार्रवाई की मांग, इलाज पर 4 लाख खर्च

सिंगारा सिंह ने बताया, गुरतेज उनका इकलौता बेटा है। वह किसान हैं। बेटे के इलाज में अब तक 4 लाख रुपए का खर्च आ चुका है। गांववालों से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

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