पंजाब / युवक को पहले अमेरिका, फिर कनाडा भेजने के नाम पर लगाई 30 लाख की चपत



FIR against a congress leader and a fake travel agent for making Fraud
X
FIR against a congress leader and a fake travel agent for making Fraud

  • कांग्रेस नेता ने ट्रैवल एजेंट के साथ मिलकर रिश्तेदार को बनाया ठगी का शिकार
  • फर्जी एजेंट सुच्चा सिंह निवासी घल्लकलां व दविंदर सिंह रणियां के खिलाफ केस दर्ज

Dainik Bhaskar

Aug 19, 2019, 11:54 AM IST

मोगा. अकाली दल छोड़कर कांग्रेस में आए एक नेता के खिलाफ फर्जी एजेंट के साथ मिलकर अपने रिश्तेदार युवक को पहले अमेरिका तथा बाद में कनाडा भेजने के नाम पर 30 लाख रुपए की ठगी मारने के आरोप में पुलिस ने केस दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

 

एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल के प्रभारी वेद प्रकाश ने बताया कि गांव रसूलपुर मल्ला निवासी सेवक सिंह ने एसएसपी मोगा को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि मोगा में लंबे तक समय अकाली दल में रहे और अब कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए नेता दविंदर सिंह रणियां उसकी मासी का बेटा है। साल 2015 में उसने अपने बेटे गुरप्रीत सिंह को विदेश भेजने की बात कही। इस पर रणियां ने उसकी मुलाकात अपने घर पर सुच्चा सिंह निवासी गांव घल्लकलां से करवाई तथा अमेरिका भेजने की बात कही। इसके लिए 3 बार अमेरिकी एम्बेसी में इंटरव्यू हुई। इसमें तीनों बार उसका बेटा फेल हो गया, जबकि उसके बेटे ने प्लस टू पास करने के बाद आइलेट्स में पांच बैंड हासिल किए थे। अमेरिका भेजने के लिए हुई इंटरव्यू में प्रति इंटरव्यू चार चार लाख रुपए के हिसाब से 12 लाख रुपए कैश ले लिए।

 

इसके बाद दविंदर सिंह ने कहा कि अमेरिका जाने की छोड़ो कनाडा भेज देते है। 18 लाख रुपए और लगेंगे। अब सारी कार्यवाही पूरी होने के बाद रुपए लेंगे। साल 2016 में सुच्चा सिंह व दविंदर सिंह रणियांं ने उसको बेटे का वीजा और पासपोर्ट थमा दिया, लेकिन वह पड़ताल करना चाहता था कि वीजा सही है या गलत है। इसके बाद सुच्चा सिंह ने दिल्ली से खरीदी मशीन दिखाते हुए कहा कि यह मशीन चेक करके बता देती है कि वीजा सही है या गलत। उसने रिश्तेदार व एजेंट पर भरोसा कर उस मशीन से चेक करने के बाद बताया कि यह वीजा सही है। उसने 18 लाख रुपए कैश दोनो को पकड़ा दिए। वह हवाई टिकट का इतंजाम कर दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंच गए। अंदर जाने पर पासपोर्ट व वीजा की जांच करने पर एयरपोर्ट ऑथोरिटी ने उनसे कहा कि वीजा नकली है। पहले तो बेटे को गिरफ्तार करने लगे थे, लेकिन जब उन लोगों को सच्चाई बताई तो बेटे को छोड़ दिया। सेवक सिंह ने बताया कि उसके बेटे ने स्टडी बेस पर विदेश जाना था। उक्त दोनों लोगों ने उससे कहा था कि आइलेट्स में 5 बैंड आने के बाद गुरप्रीत सिंह इंटरव्यू में पास हो जाएगा और उसे विदेश भेज दिया जाएगा। इसके बाद दविंदर सिंह से सपंर्क करने पर उसने बेटे गुरप्रीत सिंह को छह महीने अपने पास रखा। लेकिन उसे न तो विदेश भेजा और न ही 30 लाख रुपए लौटाए। अपने साथ हुई ठगी के कारण अक्टूबर 2018 में उसकी पत्नी की दिल का दौरा पड़नेे से मौत हो गई।

 

शिकायतकर्ता का आरोप है कि दविंदर सिंह रणियां सियासी नेता होने के चलते पुलिस पर लगातार दबाव डालकर केस दर्ज होने से रोकता रहा। आखिरकार पुलिस की लंबी जांच के बाद 17 अगस्त 2019 को शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए जाने पर फर्जी एजेंट सुच्चा सिंह निवासी घल्लकलां व दविंदर सिंह रणियां के खिलाफ धोखाधड़ी व गबन के आरोप में केस दर्ज किया गया है।

 

DBApp

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना