गेस्ट फैकल्टी सहायक प्रोफेसरों ने चुनाव मेनिफेस्टो की काॅपियां फूंक किया प्रदर्शन
सरकारी राजिंदरा कॉलेज के गेस्ट फैकल्टी सहायक प्रोफेसरों ने पंजाब सरकार के खिलाफ रोष जताते हुए हड़ताल के चौथे दिन शनिवार को भी हड़ताल रखी और चुनाव मेनिफेस्टो के साथ-साथ भर्ती की शर्त संबंधी पत्र की कापियां फूंकी। सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए सहायक प्रोफेसरों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों को जल्द पूरा न किया गया तो तीखा संघर्ष किया जाएगा।
प्रो. हरमिंदर सिंह डिंपल, प्रो. रविंदर सिंह व प्रो. हरिंदर कुमार ने कहा कि प्रदेश के 48 सरकारी कॉलेजों की 1996 के बाद से भर्ती न होने पर खाली पोस्टों पर लगभग 1011 गेस्ट फैकल्टी सहायक प्रोफेसरों को ज्वाइन करवाया गया। उस दौरान सरकारी कॉलेजों की ओर से अपने स्तर पर वेतन दिया जाता रहा और जुलाई से मार्च तक सेवाएं ली जाती रहीं जबकि 2017 से पंजाब सरकार के हस्तक्षेप से वेतन में बढ़ोतरी करके 10 हजार रुपए डीपीआई कॉलेज जबकि 11 हजार रुपए कॉलेज की ओर से दी जाने लगी हैं। प्रो. रीटा अग्रवाल ने पंजाब सरकार से सवाल उठाया कि गेस्ट फैकल्टी के तौर पर भर्ती करते वक्त तमाम नार्म्स पूरा करने के बाद की गई, अब वे अपनी जिंदगी का गोल्डन पीरियड सरकारी कॉलेजों में दे चुके हैं और अब रेगुलर भर्ती के लिए अयोग्य ठहराना अनुचित है। प्रो. रमनदीप कौर ने कहा कि सरकारी भर्ती प्रक्रिया में बनाए नीतियां वापस ले तथा उनमें संशोधन करके सभी गेस्ट फैकल्टी सहायक प्रोफेसरों को बिना शर्त पक्का किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि उनकी मांगें न शीघ्र न माने जाने पर वे विद्यार्थियों और अपने परिवारों के साथ सड़कों पर उतरेंगे। इस दौरान डॉ. डिंपल डोगरा, प्रो. रूबी बांसल, प्रो. कमलजीत सिंह आदि उपस्थित रहे। गेस्ट फैकल्टी सहायक प्रोफेसर संघर्ष कमेटी पंजाब को सीपीआईएम के प्रांतीय सचिव सुखविंदर सिंह सेखों व जिला सचिव गुरदेव सिंह बांडी ने समर्थन दिया। भाजपा के जिला प्रधान डॉ. जगसीर सिंह बराड़ ने भी समर्थन दिया।
चुनाव मेनिफेस्टो की कॉपियां फूंकक रोष प्रदर्शन करते हुए गेस्ट फैकल्टी सहायक प्रोफेसर।