पंजाब / आतंकी 'पीएचडी' 2009 में भागा था पाक, 11 साल में 10 टारगेट किलिंग, ग्रेनेड अटैक व तस्करी से बना केएलएफ चीफ

हरमीत सिंह। हरमीत सिंह।
हरमीत (बाएं) पंजाब की एक यूनिवर्सिटी में डिग्री हासिल करता। हरमीत (बाएं) पंजाब की एक यूनिवर्सिटी में डिग्री हासिल करता।
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हरमीत सिंह।हरमीत सिंह।
हरमीत (बाएं) पंजाब की एक यूनिवर्सिटी में डिग्री हासिल करता।हरमीत (बाएं) पंजाब की एक यूनिवर्सिटी में डिग्री हासिल करता।

  • आईएसआई व विदेशों में बैठे आतंकियों व बाॅर्डर एरिया के स्मगलरों के बीच कड़ी का काम करता था हैप्पी पीएचडी
  • नार्को टेररिज्म का हिस्सा बन आतंकी मुस्लिम संगठनों व आईएसआई के लिए कर रहा था काम

दैनिक भास्कर

Jan 29, 2020, 11:22 AM IST

बठिंडा (नरिंद्र शर्मा). पंजाब में आतंकी वारदात को बढ़ावा दे रहे खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स (केएलएफ) के चीफ हरमीत सिंह उर्फ हैप्पी पीएचडी की पाक के लाहौर में गोली मारकर हत्या कर दी। लाहौर के डेरा चहल साहिब से सटे गुरुद्वारा बेबे नानकी के बाहर सोमवार को 2 बाइक सवारों ने उसे गोलियां मारी। हरमीत पंजाब ही नहीं जेएंडके व दिल्ली तक नेटवर्क बढ़ा चुका था।

वह पिछले कुछ समय से नार्को टेररिज्म का हिस्सा बन मुस्लिम आतंकी संगठनों की पाक से पंजाब के रास्ते हथियारों की डिलीवरी करा रहा था। इसमें फिरोजपुर, अमृतसर, तरनतारन व पठानकोट बाॅर्डर के ड्रग तस्कर व कुछ गैंगस्टर उसकी मदद कर रहे थे। वहीं, पाक में आईएसआई के लिए भी काम कर रहा था।

अमृतसर के छेहरटा का रहने वाला पीएचडी 2008 में खालिस्तानी विचारधारा से जुड़कर आतंकी संगठन केएलएफ के संपर्क में आया था। 2009 में उसने पाक से हथियारों की कंसाइनमेंट मंगाई थी जो पकड़ी गई। इसके बाद वह नेपाल के रास्ते पाक भाग गया था। उसके बाद कभी नहीं लौटा। पिछले 11 साल में पीएचडी ने पाक से ही 10 टारगेट किलिंग कराई थीं।

2014 में केएलएफ चीफ हरमिंदर के मलेशिया में गिरफ्तार होने के बाद पीएचडी केएलएफ चीफ बना था। उसके बाद उसने आतंकी गतिविधियां बढ़ाई थीं। इंग्लैंड में गुरशरणवीर व इटली में बैठे गुरजिंदर से फंडिंग लेकर पीएचडी पंजाब में तस्कर, गैंगस्टर व खालिस्तान समर्थक युवाओं को भटका आए दिन नए टेररिस्ट मॉड्यूल खड़े कर रहा था। पिछले 3 साल में सूबे में पकड़े 27 आतंकी मॉड्यूल का संबंध भी पीएचडी से जुड़ा था। 2019 में अमृतसर में पकड़े ग्रेनेड में भी उसका हाथ था।

ये पहला केस- जिसने बदल दी हरमीत सिंह की जिंदगी और बन गया हैप्पी पीएचडी
पुलिस के मुताबिक 6 नवंबर, 2008 को फिरोजपुर की थाना मक्खू पुलिस ने 3 आरोपियों गुरसागर, सुखविंदर व कुलदीप को अरेस्ट किया था। इनसे 5 एके-56 राइफल, 11 पिस्टल, 900 कारतूस, 25 लाख की जाली करंसी व 25 किलो हेरोइन मिली थी। पुलिस के मुताबिक यह कंसाइनमेंट हरमीत ने मंगाई थी। लेकिन वह मौके से भाग गया था। बाद में पुलिस ने उसके घर रेड की थी, पर वह नहीं मिला।

इस केस में गुरसागर को तो सजा व 2 अन्य बरी हो गए थे, जबकि हरमीत कभी अरेस्ट नहीं हुआ। इसके बाद हरमीत पाक चला गया और केएलएफ के लिए काम करने लगा। यहीं उसे नया नाम हरमीत सिंह उर्फ हैपी पीएचडी मिला। हालांकि उसकी पीएचडी पूरी नहीं हुई थी। उसने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में धर्म विषय पर पीएचडी में एनरोलमेंट ली थी। पर इस एक अपराध ने उसे आतंक के रास्ते की तरफ मोड़ दिया।

स्ट्रैटजी- फेसबुक में अपनी पोस्ट पर कमेंट देख युवाओं को परखता था

  1. युवाओं के खाते में पैसे डालकर भेजता था विदेश- पीएचडी स्लीपर सेल बनाने व उसे ऑपरेट करने में माहिर था। फेसबुक पर वह युवाओं के लिए भड़काऊ पोस्ट डालता था और कमेंट देख उनके खालिस्तानी समर्थक होने का पता लगाता था। फिर उनके खाते में पैसे डाल इंग्लैंड भेजता, वहां गुशरणवीर युवाओं का माइंडवाश कर उन्हें मॉड्यूल का हिस्सा बनाता था। 
  2. गैंगस्टर गौंडर को भी पाक से भेजी थी राइफल- गैंगस्टरों से संपर्क साधने को हांगकांग में बैठे नाभा जेल ब्रेक के वांटेड रोमी सिद्धू से गुरशरणवीर के जरिए संपर्क बनाता था। गौंडर से भी रोमी के जरिए ही संपर्क साधा था और उसे पाक से एक असाल्ट राइफल भिजवाई थी। 10 टारगेट किलिंग में शामिल शूटर रमनदीप व शेरा से भी पीएचडी ने इसी तरह संपर्क किया था।
  3. फिरोजपुर समेत कई जिलों के तस्करों से थे संपर्क- पीएचडी फिरोजपुर, पठानकोट तरनतारन और अमृतसर, बार्डर पर एक्टिव स्मगलरों के संपर्क में था। 2019 में अमृतसर में पकड़े ग्रेनेड फिरोजपुर बाॅर्डर के जरिए पीएचडी ने किसी स्मगलर के जरिए पहुंचाए थे। वहीं, तरनतरन में पकड़े गए तस्कर निशान व जजबीर के मोबाइल से पीएचडी का मोबाइल नंबर मिला था। 

पंजाब में कराईं बड़ी आतंकी वारदात

  • 2016-17 में हुई 10 टारगेट किलिंग का मॉड्यूल तैयार करने व कराने में पीएचडी का ही हाथ था।
  • 18 नवंबर, 2018 को अमृतसर के निरंकारी सत्संग भवन में हुए ग्रेनेड अटैक में 3 की मौत हो गई थी। पाक मेड इन ग्रेनेड को पीएचडी ने ही पहुंचाया था। 
  • 3 जून, 2019 को 2 युवक ग्रेनेड का बैग छोड़कर फरार हो गए। यह ग्रेनेड भी पाक से पीएचडी ने फिरोजपुर सीमा के जरिए भिजवाए थे।
  • 24 सितंबर, 2019 को फिरोजपुर सीमा के जरिए 5 एके-74 राइफल व कारतूस डिलीवर कराने के पीछे भी पीएचडी का हाथ था।
  • पंजाब में पिछले 3 साल में बढ़ी आतंकी गतिविधियों के बाद एनआईए ने जांच के बाद इंटरपोल को रेडकाॅर्नर नोटिस जारी कर 9 आतंकियों की सूची सौंपी थी जो विदेश में रहते थे। इनमें हरमीत पीएचडी का नाम सबसे ऊपर था।

पिता अवतार सिंह बोले- हमारे लिए तो मर गया था हरमीत

‘12 साल पहले आतंकी गतिविधियों में हरमीत का नाम आने के बाद से ही वह हमारे लिए मर गया था। आज आस है कि हरमीत का शव हमें सौंपा जाए ताकि आखिरी बार उसे देख दाहसंस्कार कर सकूं। वह इकलौता था। मैनें और उसकी मां खुशबीर ने एक बार उसे कहा था कि घर वापस आ जाए और सजा काट अपना जीवन बसर करे। लेकिन नहीं माना’। अमृतसर से हरमीत के पिता अवतार

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