अप्रैल से सेहत बीमा कार्ड बनने शुरू होने की उम्मीद, वार्ड और ग्रामीण स्तर पर बनेगा कार्ड
पंजाब में आयुष्मान भारत (सरबत स्वास्थ्य बीमा योजना) में फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने सभी 5 हजार निजी कॉमन सेंटरों की आईडी तुरंत बंद करते हुए कार्रवाई के लिए स्टेट हेल्थ एजेंसी को जांच सौंप दिए थे। सरकार व स्टेट हेल्थ एजेंसी हरकत में आते ही सिस्टम में सुधार करने के लिए अलग-अलग दो हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को टेंडर दिया गया है। जिसमें एमडी इंडिया और विडाल हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी शामिल है। करीब दो माह से सॉफ्टवेयर व आईडी बंद होने के कार्ड नए कार्ड नहीं बन रहे थे। इस संबंध में डीसी बठिंडा उक्त दोनों कंपनियों व हेल्थ विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थित के बारे में विचार चर्चा करते हुए जल्द कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि उक्त कंपनी शहर के विभिन्न वार्ड व ग्रामीण क्षेत्रों में कैंप लगाकर लोगों के कार्ड बनाएगी। कंपनी अधिकारियों का मनना है कि सॉफ्टवेयर अपडेट होने व डाटा अपलोड होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन कंपनी को अभी तक बाकी लाभपात्रियों का डाटा ही उपलब्ध नहीं करवाया गया। जिस कारण कंपनी जरूरत अनुसार आयुष्मान मित्रों की नियुक्ति व नए सेंटरों के चुनाव में देरी कर रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि डाटा अपलोड होते ही अप्रैल माह के पहले सप्ताह से सिविल अस्पताल व हेल्थ सेंटरों पर नए कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। एमडी इंडिया और विडाल दोनों कंपनी हेल्थ विभाग की देखरेख में अलग-अलग कार्य करेगी।
तैयारियां पूरी कर ली हैं : जसपाल सिंह
विडाल कंपनी के क्षेत्र अधिकारी जसपाल सिंह ने बताया कि कंपनी की ओर से सभी तैयारी कर ली गई है। इस संबंध जिला प्रशासन के साथ मीटिंग भी हो चुकी है। लेकिन अभी तक बाकी लाभपात्रियों का डाटा उपलब्ध नहीं हुआ है। कार्ड का फर्जीवाड़ा रोकने के लिए वार्ड व गांव स्तर पर जाकर कार्ड बनाएंगे और जरूरत पड़ने पर सरपंच और वार्ड पार्षदों की मदद ली जाएगी।