पंजाब / पूर्व उप मुख्यमंत्री के घोड़े का कद छोटा तो कीमत बड़ी, दूर से ही दर्शन करके लौटे खरीद के चाहवान

पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के स्टड फार्म के छोटे कद के महंगे घोड़े। पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के स्टड फार्म के छोटे कद के महंगे घोड़े।
X
पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के स्टड फार्म के छोटे कद के महंगे घोड़े।पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के स्टड फार्म के छोटे कद के महंगे घोड़े।

  • मुक्तसर के लंबी ढाब पर आयोजित चार दिवसीय पशु मेले में विभिन्न नस्लों के 1810 घोड़े लेकर पहुंचे
  • 35 करोड़ में बिके 680 घोड़ों में सबसे महंगा 2 लाख रुपए का, लेकिन बादल के घोड़ों की कीमत 8 लाख

Dainik Bhaskar

Jan 20, 2020, 02:53 PM IST

मुक्तसर. मुक्तसर में 40 मुक्तों की याद में पवित्र माघी मेले में आयोजित पशु मेला रविवार को संपन्न हो गया। इस मेले में पंजाब, हरियाणा व राजस्थान के व्यापारी अपने पशु के साथ पहुंचे, वहीं पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल के स्टड फार्म से घोड़े आकर्षण का केंद्र रहे, लेकिन पिछली बार की तरह इस बार भी ये बिक नहीं सके। कारण बड़ा ही दिलचस्प है। यूनाइटेड किंगडम से मंगवाए गए फलाबेला नस्ल के घोड़ों का कद भले ही 3 फीट का है, पर इनकी 8 लाख कीमत सुनकर इन्हें खरीदने के चाहवान लोग बिना खरीदे ही लौट गए।

ठेकेदार बिन्नी के अनुसार लंबी ढाब में आयोजित चार दिवसीय पशु मेले में इस बार पशुपालक विभिन्न नस्लों के 1810 घोड़े लेकर पहुंचे थे। इनमें से करीब 35 करोड़ रुपए में 680 घोड़ों की बिक्री हुई। हालांकि मेले में सुखबीर बादल के स्टड फार्म से भी आठ घोड़े लाए गए थे, जिनमें से मारवाड़ी, नुकरा के अलावा यूके से मंगवाए गए फलाबेला नस्ल के घोड़े शामिल थे। इनकी ऊंचाई तीन फुट के करीब है। एक घोड़े की कीमत करीब 8 लाख रुपए थी, लेकिन मेले में सबसे महंगा घोड़ा दो लाख रुपए में बिका।

इसके अलावा कहा यह भी जा रहा है कि पिछले वर्षों की अपेक्षा इस बार पशु पालकाें ने कम ही रुचि दिखाई। इसके लिए पशुपालक केंद्र सरकार की नीतियों को गलत बता रहे हैं। मुक्तसर निवासी बिल्लू सिद्धू ने बताया कि पहले उसके भाई एसएसपी मनदीप सिंह मेले में खुद भी आते थे, पर इस बार वह नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की व्यापार विरोधी नीतियों के कारण पशुपालक पैसे खर्च करने से डरने लगे हैं। मेले में इस बार दूसरे राज्यों से व्यापारी भी बहुत कम आए हैं।

यह है फलाबेला नस्ल के घोड़ों की ऊंची कीमत की वजह

जहां तक फलाबेला नस्ल के घोड़ों की कीमत ज्यादा होने की वजह है, ये साहसी, बुद्धिमान होते हैं। इन्हें आसानी से प्रशिक्षित किया जा सकता है और गाइड जानवरों के रूप में भी इन्हें इस्तेमाल किया जाता है। दिनभर में इन्हें तीन किलो दाना व करीब सात किलो हरा चारा खिलाया जाता है।

एक कमी भी है, जल्दी ठीक नहीं होता जुकाम

इनकी संभाल करने वाले ओमी सिंह ने बताया कि इन्हें सर्दी से बचाना जरूरी है। यदि एक बार इन्हें जुकाम हो जाए तो पूरी सर्दी ठीक नहीं होता।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना