लसाड़ा राइजिंग मेन की 15 नवंबर को होगी निशानदेही

Bathinda News - बरसाती मौसम में शहर को जलभराव के विकट हालातों से बचाने की महत्वपूर्ण योजना लसाड़ा राइजिंग मेन का बकाया प्रोजेक्ट...

Nov 10, 2019, 07:40 AM IST
बरसाती मौसम में शहर को जलभराव के विकट हालातों से बचाने की महत्वपूर्ण योजना लसाड़ा राइजिंग मेन का बकाया प्रोजेक्ट एक बार फिर से शुरू होने की उम्मीद जगी है। नगर निगम की ओर से बकाया प्रोजेक्ट की 15 नवंबर को निशानदेही की जाएगी। इसके आधार पर सीवरेज-पानी के प्रोजेक्ट पर काम कर रही त्रिवेणी कंपनी की ओर से बकाया 8 किलोमीटर लाइन डाली जाएगी। कोई अड़चन न आने पर राइजिंग मेन का काम आगामी माॅनसून से पहले मुकम्मल हो जाएगी जिससे बरसात के दिनों में जलभराव से मुक्ति मिलेगी।

162 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट : 12 किलोमीटर के प्रोजेक्ट पर 10 साल में सिर्फ 4 किलोमीटर का ही निर्माण हो पाया है

जस्सी व गहरी भागी में राइजिंग मेन साइट से गांव कोटफत्ता के आगे मानसा रोड पर स्थित लसाड़ा ड्रेन तक 8 किलोमीटर 1200 एमएम चौड़ाई की राइजिंग मेन लाइन बिछाना बकाया है, जिस पर 18 करोड़ खर्च आएगा। त्रिवेणी कंपनी की ओर से इस प्रोजेक्ट पर अलग-अलग 2-3 जगहों पर लेबर लगाकर काम करवाने की योजना पर काम सिरे चढ़ गया तो आगामी 4 महीने के अंतराल में प्रोजेक्ट मुकम्मल होने की संभावना है। लसाड़ा राइजिंग मेन का काम शुरू होने से पहले निगम व त्रिवेणी कंपनी के अधिकारी राइजिंग मेन साइट का दौरा कर मैपिंग एवं अन्य प्वाइंट्स की जानकारी हासिल कर चुके हैं।

2015 में त्रिवेणी ने शुरू किया था काम

शहर के पानी को लसाड़ा ड्रेन तक लेकर जाने के लिए स्लज कैरियर की कम होती क्षमता को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने वर्ष 2010 में इसके साथ लसाड़ा ड्रेन तक 12 किलोमीटर लंबी राइजिंग मेन बड़ी सीवरेज लाइन बिछाने की योजना बनाई। लगभग 1200 एमएम चौड़ाई की राइजिंग मेन पर 2015 में त्रिवेणी ने काम शुरू किया लेकिन इसके अधीन आने वाली जमीन के कुछ किसानों के रायल्टी मांगने पर काम को हो गया जिसके चलते अभी तक 4.5 किलोमीटर लाइन ही डाली गई है।

सभी 8 मोटरें चलने से जल्द हो सकेगी पानी की निकासी

लसाड़ा ड्रेन तक राइजिंग मेन मुकम्मल होने पर बरसात के दिनों में शहर को जल भराव की समस्या से निजात मिलेगी। सभी 8 मोटरें चलाकर पूरी क्षमता से पानी की निकासी हो सकेगी। स्लज कैरियर में क्षमता के अनुसार पानी की निकासी न होने से सड़कों पर ही पानी घूमता रहता है। मेन डिस्पोजल पर 9 मोटर हैं, लेकिन स्लज कैरियर पुराना होने की वजह से मात्र 4 मोटरें ही एक बार में चलती हैं, जिससे शहर में पानी निकासी बेहद धीमी रहती है। बरसात का पानी सड़कों-गलियों में कई दिनों से भरा रहने की वजह से सड़कों का बहुत नुकसान हो रहा है, वहीं इलाका निवासियों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है।

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