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अपहरण /रास्ता पूछने के बहाने मुंह बांध उठा लिया 11 साल का बच्चा, दो बार फोन कर मांगे 22 लाख



moga police traced a kidnapping case from ferozepur about 6 hours
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moga police traced a kidnapping case from ferozepur about 6 hours

  • जानकार महिला को 10 हजार रुपए दे बच्चे का ख्याल रखने के लिए कहा
  • अपहरण के साढ़े 6 घंटे के भीतर पुलिस ने ढूंढकर परिजनों के हवाले किया

Dainik Bhaskar

Sep 21, 2018, 03:15 PM IST

मोगा। फिरोजपुर में रास्ता पूछने के बहाने पास आ खेल रहे 11 साल के बच्चे को उठा लिया गया। बाद में मोगा लाकर उसके पिता को दो बार फोन करके 22 लाख रुपए की फिरौती भी मांगी, लेकिन सब धरा का धरा रह गया। साढ़े 6 घंटे के भीतर पुलिस ने बच्चे को ढूंढकर उसके परिजनों के हवाले कर दिया। पता चला है कि आरोपियों ने बच्चे का भाग जाने के डर से ख्याल रखने और खिलाने-पिलाने के लिए एक परिचित महिला को 10 हजार रुपए भी दिए थे।

  • जबरदती बाइक पर बिठा मोगा ले आए आरोपी

    जानकारी के अनुसार फिरोजपुर के बस्सी निमाजदीन में रहने वाले जगरूप सिंह काला व मंजीत कौर का 11 साल का बेटा माही रविवार दोपहर 12 बजे घर के बाहर खेल रहा था। इतने में बाइक पर सवार दो युवक किशोर के पास आकर रुके और उससे लुधियाना को जाने वाला रास्ता पूछा। इसी बहाने उसका मुंह बांधकर बाइक के बीच में बिठाकर मोगा ले आए। मोगा की साधांवाली बस्ती में पहले से मौजूद मौजगढ़ की रहने वाली महिला मनजीत कौर को दोनों युवक ने बच्चा सौंपा और दस हजार रुपए देकर कहा कि जब तक वह लोग वापस नहीं आते, उसे खिलाती-पिलाती रहे।

  • साढ़े 3 घंटे बाद पहला, फिर डेढ़ घंटे बाद किया दूसरा फोन

    अपहरणकर्ताओं ने माही के पिता जगरूप सिंह को दोपहर साढ़े 3 बजे फोन करके 20 से 22 लाख रुपए रात 10 बजे तक इंतजाम करने के लिए कहा। रुपए नहीं देने पर बेटे की लाश घर के बाहर से उठाने की धमकी दी। बाद में पांच बजे फिर से फोन करके पूछा कि रुपयों का इंतजाम हुआ या नहीं।

  • बच्चे को जबरदस्ती खिलाने की शिकायत मिली तो हरकत में आई पुलिस

    इसी बीच मोगा सिटी साउथ के एसएचओ जतिंदर सिंह को किसी ने फोन पर गुप्त सूचना दी कि सांधावाली बस्ती में एक महिला बच्चे को जबरन कुछ खिलाने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए रेड की और महिला से बच्चे के बारे में सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सच बोल दिया। एसएचओ बच्चे को बरामद करके और महिला को गिरफ्तार करके थाने ले आए। इसके बाद एसएचओ ने बच्चे से उसके परिवार के बारे में पूछा। नंबर लेकर उसके पिता को फोन करके थाने बुला लिया। बाद में बच्चे को उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया, लेकिन अभी तक अपहरण के आरोपियाें की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

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