नगर पंचायत मंडीकलां को भंग करवाने को किसानों ने नेशनल हाइवे किया जाम
भाकियू सिद्धूपुर की तरफ से गांव वासियों और भ्रातृ भाव जत्थेबंदियों के सहयोग से नगर पंचायत मंडीकलां को ग्राम पंचायत बनाने के लिए लगाया गया धरना उस समय विकराल रूप धारण कर गया जब अलग-अलग गांवों से किसान यूनियन के नेताओं ने धरने को समर्थन देते हुए धरने वाली जगह की तरफ कूच कर दिया।
बेशक पुलिस की तरफ से दूसरे गांवों से आ रहे किसान यूनियन के नेताओं को धरने वाली जगह पर नहीं जाने दिया परन्तु भारतीय किसान यूनियन और नेताओं की तरफ से गांव रामपुरा नजदीक सड़क को जाम करते हुए रोष प्रदर्शन किया गया। जिस पर पुलिस की तरफ से डीसी बठिंडा के साथ किसान यूनियन के नेताओं की मीटिंग करवाई गई जो कि बेनतीजा रही। जिसके बाद धारनाकर्मियों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकते हुए आख़िर शाम करीब पांच बजे बठिंडा जीरकपुर राष्ट्रीय मार्ग स्थित मोड़ चौक पर धरना लगा यातायात को ठप कर दिया। भारतीय किसान यूनियन के नेता काका सिंह कोटड़ा, ब्लाक प्रधान कर्म सिंह रोमाना के नेतृत्व में लगाए इस धरने को संबोधन करते वक्ताओं ने कहा कि सरकार की तरफ से किया वायदा यदि पूरा न किया गया तो संघर्ष को तेज़ किया जाएगा। इस मौके कामरेड गुरजंट सिंह की मौत पर किसान यूनियन की तरफ से गहरे दुख का प्रगटावा भी किया गया। जिक्रयोग्य है कि गांव मंडी कलां निवासियों की तरफ से संघर्ष को तेज़ करते हुए सहयोगी जत्थेबंदियों के सहयोग के साथ भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर के नेतृत्व में पिछले पांच साल से नगर पंचायत मंडीकलां को ग्राम पंचायत बनाने के लिए संघर्ष लड़ रहे हैं। इस मौके जनरल सचिव साधा सिंह खोखर, ब्लाक प्रधान बलराज सिंह मंडीकलां, पूर्व सरपंच सुखदेव सिंह, उज्जल सिंह, नगर पंचायत प्रधान महिंदर सिंह, गुरविन्दरदीप सिंह कोंसलर, गुरदीप सिंह कोंसलर, बलवीर सिंह गिल, बाबा मघर सिंह, लक्खा सिंह, अमरीक सिंह ढिल्लों, दर्शन सिंह भाईका, भागा सिंह भाईका, सुखदेव सिंह भाईका, उगर सिंह, पप्पा सिंह, बलजिंदर सिंह रोमाना, नथा सिंह, नाभा सिंह, हरदीप कुमार आदि उपस्थित थे।
बठिंडा जीरकपुर मार्ग पर सड़क जाम कर रोष प्रदर्शन करते गांव मंडीकलां निवासी व किसान यूनियन के नेेता।