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पटवारखाने से कोई फर्द, जमाबंदी तो कोई इनकम सर्टिफिकेट लेने के लिए भटकता रहा

3 वर्ष पहले
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लगातार नौ दिनों की पटवारी-कानूनगो की हड़ताल पर भले ही जिला प्रशासन ने कोई गंभीरता न दिखाई हो लेकिन कई-कई किलोमीटर दूर से आने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसी को फर्द तो किसी को जमाबंदी के लिए लगातार कई चक्कर काटने पड़ रहे हैं, वहीं अनेक लोग तो पटवारी से इनकम सर्टिफिकेट न मिलने से वजीफा का लाभ नहीं मिलने से आशंकित हैं। जिला प्रशासन और रेवेन्यू पटवार यूनियन, दोनों पक्षों की ओर से वार्तालाप संबंधी बीच का कोई रास्ता नही निकालना।

नौवें दिन भी सुबह 10 से 3 बजे तक धरना-प्रदर्शन

रेवेन्यू पटवार यूनियन के बैनर तले बुधवार को नौवें दिन भी पटवारी एवं कानूनगो ने सुबह 11 से 3 बजे तक धरना लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जिला प्रधान गुरतेज सिंह पक्का ने चेतावनी दी कि 30 नवंबर को कड़े आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी और हड़ताल अनिश्चितकालीन करने का ऐलान होगा। जिला महासचिव जगवंत सिंह ने कहा कि हड़ताल पर रहने की वजह से आम नागरिकों को होने वाली परेशानी के लिए जिला प्रशासन व पंजाब सरकार जिम्मेदार है। कानूनगो संरक्षक बलौर सिंह ने कहा कि जिले में डीआरए व डीआरटी की पोस्टें सीनियर कानूनगो में भरी जाए। डीसी अथवा समकक्ष अधिकारी की पड़ताल अथवा निजी राय के बिना किसी भी पटवारी कर्मचारी पर पर्चा दर्जा न किया जाए। जिला के तमाम पटवारखानों में पीने का पानी और पुरुष-महिला शौचालय का अलग-अलग प्रबंध होना चाहिए। धरना प्रदर्शन को जगमेल सिंह मछाना, वरिष्ठ उपप्रधान गुरचरण सिंह, उपप्रधान पंजाब हरमेल सिंह, तहसील फूल के प्रधान सुखप्रीत सिंह, प्रेम सुखदास तहसील प्रधान तलवंडी साबो, जगदीप सिंह तहसील प्रधान मौड़, रमेश नागपाल तहसील प्रधान बठिंडा ने संबोधित किया।

मांग... डीसी या समकक्ष की राय के बिना न हो पटवारी पर केस

बठिंडा मंे अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते पटवार यूनियन के सदस्य।

लोग बोले- आखिर कब होगी हड़ताल खत्म
फर्द के लिए करनाल से आया

भूपिंदर सिंह विर्क कहते हैं कि उनकी पुश्तैनी जायदाद बठिंडा में है। इसकी फर्द के लिए उसे करनाल से आना पड़ता है, आज दूसरी बार भी निराशा हुई। हड़ताल खत्म होने की कोई जानकारी नहीं है।

आिखरी तारीख निकली, नहीं बना इनकम सर्टिफिकेट

जगतार सिंह की बेटी मानसा में अपनी बुआ के पास पढ़ती है। उसकी एससी स्कॉलरशिप के लिए इनकम सर्टिफिकेट बनवाने के लिए पटवारी के पास बार-बार आना पड़ रहा है। आज आखिरी तारीख भी निकल गई। वे हड़ताल पर हैं, ऐसे में उनकी बेटी स्कॉलरशिप का फायदा नहीं ले पाएगी।

चार चक्कर काट चुकी हूं

कोटफत्ता की जसविंदर कौर कहती है कि इनकम सर्टिफिकेट लेने को 4 बार आ चुकी हैं। पटवारी न होने से नहीं बन पाया।

दफ्तरों पर ताले, किससे पूछें

महिंदर सिंह का कहना है कि पटवारी से बठिंडा स्थित अपनी जमीन की फर्द लेने को मलोट से तीसरी बार चक्कर लगाना पड़ा है। दफ्तरों में ताले लटके हैं, अब पूछे भी तो किससे।

नहीं बना आय प्रमाण-पत्र

कोटफत्ता की गुरचरण कौर को भी बच्चे के वजीफा के लिए आय प्रमाण-पत्र चाहिए लेकिन कई दिनों से धक्के खाने पड़ रहे हैं।

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