प्रॅापर्टी टैक्स में 10 फीसदी रिबेट लेने के बचे मात्र 18 दिन
नगर निगम में प्राॅपर्टी टैक्स में 10 फीसदी रिबेट लेने को मात्र 18 दिन बचे हैं, लेकिन नगर निगम को डिस्काउंट के बावजूद कमर्शियल टैक्सपेयर का कहीं न कहीं टोटा पड़ रहा है। हालांकि निगम अपने प्राॅपर्टी टैक्स के बकाये के टारगेट के नजदीक पहुंचता नजर आ रहा है, लेकिन सरकार के आॅफर के बावजूद पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस वित्तीय वर्ष में करीब 1800 लोगों ने हाउस टैक्स के सेल्फ असेसमेंट फार्म नहीं भरे हैं जिससे निगम अपने तय टारगेट से करीब सवा करोड़ रुपये पीछे चल रहा है। 31 मार्च के बाद निगम नोटिफिकेशन अनुसार 10 फीसदी पैनल्टी व जून 2020 के बाद डबल डिजिट में पैनल्टी प्रापर्टी टैक्स नहीं देने वालों से वसूल करेगा। वहीं सरकारी विभागों जिला परिषद बिल्डिंग, मिनी सचिवालय व पुलिस स्टेशन तथा पुलिस लाइन कालोनी के मद में निगम का करीब 50 लाख रुपये पिछले सात सालों में बकाया हो चुका है।
16 हजार कमर्शियल एरिया : अधिकांश जगह कमर्शियल प्राॅपर्टी पर हाउस टैक्स बकाया
अधिकांश जगह कमर्शियल प्राॅपर्टी पर हाउस टैक्स बकाया
बठिंडा शहर में वर्तमान में करीब 56 हजार रिहायशी व करीब 16 हजार कमर्शियल एरिया हैं। इनमें से 50 गज के अलावा 125 गज सिंगल स्टोरी मकानों को प्रापर्टी टैक्सों से छूट है। शहर में वर्तमान में करीब 56 हजार रिहायशी व 16 हजार से कुछ अधिक कमर्शियल दुकानें व शोरूम आदि आते हैं। लेकिन शहर में प्रापर्टी रखते लोगों को प्रापर्टी टैक्स की असेसमेंट देना जरूरी होने के तहत हर वर्ष निगम को रिहायशी केसों में अधिकांश यूनिट के प्रापर्टी टैक्स मिलते हैं, क्योंकि हाउस टैक्स काफी नगण्य जैसा है, लेकिन कमर्शियल में यह मामला बिल्कुल उलट है तथा निगम ने इस मद में करीब 12.50 करोड़ रुपये जुटाने का टारगेट रखा था, जिसमें उन्हें करीब 11.25 करोड़ रुपये ही रिकवरी ही हुई है। ऐसे में पेडिंग रहते करीब 1.25 करोड़ की रिकवरी को निगम टीम प्रयास में जुटी है। 2018-19 के मुकाबले मौजूदा वित्तीय वर्ष में 11054 के मुकाबले करीब 9165 लोगों ने यह टैक्स अदा किया है। नोटिफिकेशन नंबर 2/07/2012 - 4 एलजी3 (पीएफ) /949/1 के अनुसार 10 फीसदी प्राॅपर्टी टैक्स डिस्काउंट 31 मार्च के बाद समाप्त हो जाएगा तथा जून 2020 तक उपभोक्ता को 10 फीसदी पैनल्टी के साथ इसे अदा करना होगा। वहीं जून 2020 के बाद पैनल्टी डबल होने के साथ 18 फीसदी ब्याज भी प्रापर्टी टैक्स नहीं चुकाने वालों से वसूल किया जाएगा। ऐसे में निगम टीम को उम्मीद है कि 31 मार्च तक टारगेट के काफी नजदीक निगम पहुंच जाएगा। वहीं सरकारी विभागों से प्रॅापर्टी टैक्स की वसूली को लेकर फिलहाल कोई पॉलिसी नहीं बनी है।