बंगी निहाल सिंह वाला में पंचायत ने 4.5 लाख की लागत से बनाया शानदार पार्क
जिले के गांव बंगी निहाल सिंह वाला में 4 कनाल में बेहद शानदार पार्क तैयार किया गया है। लगभग 4.15 लाख रुपए की लागत से तैयार किया गया यह पार्क वातावरण की शुद्धता व गांव के निवासियों के सैर करने के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है। डीसी बी श्रीनिवासन ने बताया कि मनरेगा स्कीम के तहत जिले में विभिन्न विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। इससे स्वरोजगार के मौके पैदा करके आमदनी में भी इजाफा किया जा रहा है। डीसी ने पार्क की विशेषता का जिक्र करते हुए बताया कि गांव के लोग अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए अपना समय बढ़िया तरीके से व्यतीत कर रहे हें। यह पार्क एक बढ़ियां पड़ोसी जैसा अहसास करवाता है। पार्क एक ऐसी जगह है जहां प्रकृति का संरक्षण मिलता है। उन्होंने बताया कि पार्क की हरियाली तापमान को कम करने में सहायी होती है, वहीं भाईचारा में बढ़ोतरी करते हैं। पार्क साफ हवा, मानसिक व शारीरिक सेहत को तंदरुस्त रखने में कारगर हैं। यह कसरत करने व बच्चों के घर से बाहर निकलकर खेलने के लिए भी मनोरंजक स्थल हैं। पार्कों से प्राकृतिक वातावरण को संभाला जा सकता है पार्क बच्चों के फलने-फूलने व स्फूर्ति बनाए रखने का जरिया होते हैं।
26 पुरुष व 40 महिलाओं ने 580 दिहाड़ी लगाकर काम किया
एडीसी विकास परमवीर सिंह ने बताया कि गांव बंगी निहाल सिंह वाला में यहां की पंचायत ने ग्रामीण विकास फंड के अधीन मनरेगा के जरिए तैयार किए इस पार्क पर लगभग 1.50 लाख रुपए, मनरेगा मजदूरी 1.40 लाख रुपए व साजो-सामान पर 2.52 लाख रुपए खर्च किए हैं। इस पार्क को तैयार करने के लिए 66 मनरेगा मजदूर जिनमें 26 पुरुष व 40 महिलाओं ने 580 दिहाड़ी लगाकर काम किया। एडीसी के अनुसार बेहद सुंदर डिजाइन से तैयार किए इस पार्क में बच्चों के लिए खेल का मैदान व आम लोगों के लिए सैर के लिए खूबसूरत ट्रैक तैयार किए गए हैं। यह पार्क मनोरंजन एवं अन्य गतिविधियों के मद्देनजर योजनाबद्ध तरीके से बनाया गया। पार्क में जंगली जानवर व प्राकृतिक स्रोतों की महत्ता संबंधी सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं। पार्क के सुंदर डिजाइन के साथ-साथ बच्चों के लिए खेलों का सामान भी रखा गया है। गांव के निवासियों के लिए पैदल चलने वाले रास्ते पर खूबसूरत डिजाइन और हरी भरी घास भी पार्क की सुंदरता को बढ़ाती है। पार्क में छोटे बच्चों के लिए खिलौना ट्रेन का भी प्रबंध किया गया है।
बंगी निहाल सिंह वाला पार्क में बैठकर विचार-चर्चा करते हुए इलाका निवासी।