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37 दिन, 40 गांव और 400 से ज्यादा घरों में शोक जता चुके हैं 92 साल के बादल

2 वर्ष पहले
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  • बहू के लिए दिन रात एक कर रहे बड़े बादल
  • बादल की शोक सभाओं ने मुक्तसर पुलिस के लिए मुसीबत

बठिंडा (पंजाब). बठिंडा लोकसभा सीट से शिरोमणि अकाली दल की प्रत्याशी और बादल परिवार की बहू हरसिमरत कौर मैदान में हैं। 40 डिग्री तापमान में भी 92 साल के प्रकाश सिंह बादल घर-घर जाकर लोगों से उन्हें जिताने की अपील कर रहे हैं। वे लंबी इलाके में लगाताार 37 दिन से गांव-गांव जाकर शोक सभाएं कर रहे हैं।बादल हर उस घर में दस्तक दे रहे हैं, जहां पर हाल में या फिर सालभर में किसी न किसी की मौत हुई है।

 

बादल 27 मार्च से लंबी के 40 गांव को कवर कर चुके हैं, जिनमें 400 से ज्यादा घरों में वह गए। इतने ही और घरों में वे जा सकते हैं। इनमें से 293 शोक सभाएं तो उन्होंने पिछले 16 दिन में मालवा के 23 गांव में जाकर की हैं। बादल एक गांव में 13 से 17 घरों में शोक जताने जाते हैं।

 

लंबी से अकाली दल को मिलती है लीड : यही वजह है कि प्रकाश सिंह बादल इस इलाके में अपनी पकड़ को बरकरार रखने के लिए मेहनत कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव में लंबी से 34 से 35 हजार की लीड बादल परिवार को मिलती आई है। 2014 के चुनाव में लंबी से हरसिमरत को 35 हजार वोटो की बढ़त मिली थी और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार मनप्रीत सिंह बादल को 19000 वोटो से हराया था। हरसिमरत को 514727 ( 43.7%) वोट और मनप्रीत को 495332 (42.1%) वोट मिले थे। 

 

5 वाहन, 60 पुलिसवाले, सालभर पहले मरे लोगों के यहां शोक जताने पहुंच रहे:  बादल की शोक सभाएं मुक्तसर पुलिस के लिए मुसीबत खड़ी कर रखी हैं। रोजाना शोक सभाओं का शेड्यूल जारी होता है। पुलिस विभाग की तरफ से तीन थानों- लंबी, मलोट सदर, सिटी तो कभी कबरवाला के 60 सुरक्षाकर्मी एसएचओ समेत बादल की सुरक्षा में तैनात हो जाते हैं। काफिले में करीब 14-15 गाड़ियां चलती हैं, जिसमें ज्यादातर सुरक्षाकर्मी ही होते हैं। 

 

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मरने वालों की पहले होती लिस्ट तैयार : 

 

  • शिरोमणी अकाली दल के नेता दो दिन पहले अपने गांव में उन परिवारों की सूची बनाते हैं, जिनके यहां मौत हुई है। यह जानकारी बादल के ऑफिस के साथ शेयर की जाती है। इसके बाद शेड्यूल जारी होता है।
  • बादल हर घर में 10 से 15 मिनट रुकते हैं। अफसोस जताते हैं फिर शोक सभा होती है, कोई राजनीतिक बात नहीं होती।