पंजाब / एक ही गांव के 150 युवा नशे की दलदल में, सवा 2 साल में जिले में 27 युवा भी गंवा चुके जिंदगी



मोगा जिले के गांव धल्लेके में नशे का इंजेक्शन लगाता एक युवक। यही नहीं, गांव में नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। मोगा जिले के गांव धल्लेके में नशे का इंजेक्शन लगाता एक युवक। यही नहीं, गांव में नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है।
गांव के बाहर सुनसान इलाके में पड़ा सिरिंजों का ढेर, जो नशेड़ियों ने इस्तेमाल करके फेंक रखी हैं। गांव के बाहर सुनसान इलाके में पड़ा सिरिंजों का ढेर, जो नशेड़ियों ने इस्तेमाल करके फेंक रखी हैं।
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मोगा जिले के गांव धल्लेके में नशे का इंजेक्शन लगाता एक युवक। यही नहीं, गांव में नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है।मोगा जिले के गांव धल्लेके में नशे का इंजेक्शन लगाता एक युवक। यही नहीं, गांव में नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है।
गांव के बाहर सुनसान इलाके में पड़ा सिरिंजों का ढेर, जो नशेड़ियों ने इस्तेमाल करके फेंक रखी हैं।गांव के बाहर सुनसान इलाके में पड़ा सिरिंजों का ढेर, जो नशेड़ियों ने इस्तेमाल करके फेंक रखी हैं।

  • नशे का इंजेक्शन ले रहे युवक का वीडियो आया सामने तो Dainik Bhaskar+ ने खोली हकीकत
  • मोगा जिले के गांव धल्लेके में नशा विरोधी कमेटी के सदस्यों ने बनाया था वीडियो

Dainik Bhaskar

May 06, 2019, 01:13 PM IST

मोगा (नवदीप सिंगला). मोगा जिला मुख्यालय से ठीक 5 किलोमीटर दूर गांव धल्लेके। गांव के बाहर खेतों के रास्ते खाली पड़ा एक कमरा। कमरे के अंदर और बाहर लगा नशेड़ियों का जमावड़ा और पास ही पड़ा सिरिंजों का ढेर। यह सब गांव ही नहीं, सोहणे पंजाब को दाग लगाने के लिए काफी है। दैनिक भास्कर प्लस ऐप्प की टीम ने जब हकीकत खंगाली तो चौंकाने वाली बात सामने आई कि गांव के 150 से ज्यादा युवा नशे की चपेट में हैं। गांव में हर तरह का नशा मिल जाता है।

 

ग्रामीणों ने बनाई नशा विरोधी कमेटी

हालांकि आए दिन यहां पुलिस रेड करती रहती है, लेकिन कोई फायदा नहीं। नशेड़ी पकड़े जाते हैं, छोड़ दिए जाते हैं। अब मजबूर होकर गांव के लोगों ने युवाओं को नशे के दलदल से निकालने का बीड़ा उठा नशा विरोधी कमेटी बनाई है। इस कमेटी के प्रयासों के परिणामस्वरूप बीते तीन सप्ताह पहले गांंव के चार युवा सुखमंदर, रवि, चंदू और सुखदेव ने करीब दो सप्ताह पहले नशा छोड़कर गोलियां खानी शुरू कर चुके हैं।

 

एक वीडियो के बाद खुली परतें

असल में हमारे एक सहयोगी के हाथ एक वीडियो लगा, जिसमें देखा जा सकता है कि किस तरह एक युवक पहले नशे का इंजेक्शन तैयार करता है। उसके बाद अपनी बाजू पर रूमाल बांधकर नस को बाहर निकालता है। जिससे उस नस में टीका लगाया जा सके। इसके बाद जैसे ही नस दिखने लगती है, वह अपनी दाईं बाजू की नस में चिट्टे का टीका लगा लेता है। इतना ही नहीं युवक कुछ सेकंड्स तक नशे का टीका बाजू में छोड़कर पास खड़े युवकों को कुछ बताने में व्यस्त हो जाता है।


इसके बाद टीम ने गांव की हकीकत से पर्दा उठाने के लिए कोशिशें शुरू की। गांव की नशा विरोधी कमेटी का सहारा ले दैनिक भास्कर प्लस ऐप्प की टीम ने निकाला कि किस तरह युवा नशा करते ही नहीं, बल्कि खरीदते और बेचते भी हैं। साथ ही जहां कमेटी के जरिये पता चला यहां इस वक्त 150 युवा नशे की चपेट में हैं, वहीं कई और राज भी खुले।

 

आए दिन रेड करती रहती है पुलिस

हमारे सूत्रों ने बताया कि बीते दिनों मोगा के थाना सिटी साउथ के एक एएसआई ने अपने सहयोगी के साथ मिलकर एक स्विफ्ट कार से दो तस्करों को हेरोइन के साथ पकड़ा। बाद में पुलिस पार्टी पर हाथापाई व मारपीट करके दोनों तस्करों को मौके से भगा दिया था। पुलिस अधिकारी एएसआई द्वारा बिना किसी अधिकारी को सूचित किए रेड करना शक में दायरे में है।

 

नशा विरोधी कमेटी के सदस्य गुरमीत सिंह का कहना है कि अक्सर पुलिस यहां रेड करके नशेड़ियों को पकड़ने का दावा करती है। या तो नशेड़ी पुलिस पर हमला करके अपने साथियों को छुड़वा लेते हैं या फिर कुछ ले-देकर उन्हें छोड़ देती है। अभी भी नशेड़ियों का मामला वीडियो के साथ पुलिस के संज्ञान में लाया जा चुका है। इसके अलावा जल्द ही गांव में लोगों को इकट्ठा किया जाएगा, ताकि नशा बेचने व नशा करने वालों के संबंंध में गांववासियों से विचार-विमर्श किया जा सके।

 

वा दो साल पहले यह दावा किया था सीएम ने

2017 में पंजाब विधानसभा चुनाव का नतीजा आने के बाद सीएम की कुर्सी पर बैठने से पहले प्रदेश के कद्दावर नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब का गुटका स्वरूप हाथ में लेकर शपथ उठाई थी कि चार सप्ताह के अंदर प्रदेश में चल रहे नशे के कारोबार की कमर तोड़ दी जाएगी। अब लोकसभा चुनाव के चलते ताहौल एक बार फिर सरगर्म है। विरोधी पार्टियों के नेता सीएम को बार-बार उनका वादा याद दिला प्रदेश में नशे को लेकर बने हालात पर ध्यान खींचने की कोशिश करते हैं।

 

सवा दो साल में जिले में हुई 27 मौतें

चार सप्ताह के वादे को अब सवा दो साल बीत चले हैं और प्रदेश में हालात बहुत खराब हैं। अकेले मोगा जिले में नशे की ओवरडोज की वजह से 25 युवा अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं। ये आंकड़े एक तरह से सरकारी दावों की हवा निकालने के लिए काफी हैं।

 

क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी?

दूसरी ओर इस बारे में एसपीडी हरिन्द्रपाल सिंह का कहना है कि पूरा मामला उनके ध्यान में है। मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर अगली कार्रवाई होगी। इसके अलावा एक युवक का नशे का टीका लगाते हुए का वीडियो भी पुलिस को मिला है। पता किया जाएगा कि यह वीडियो कब बना है और वीडियो में नशे का टीका लगाने वाला युवक कौन है। वैसे पुलिस इलाके में समय-समय पर रेड करके नशेड़ियों को पकड़ती रहती है। पूरी कोशिश है कि जिले में नशे का काराबार पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया जाए।

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