स्कूल बस-वैन चालकों ने की हड़ताल, अभिभावक परेशान

Bathinda News - जिले में निरंतर चल रही जिला प्रशासन की स्कूल वाहनों पर कार्यवाही से नाराज स्कूल बस-वैन चालक वीरवार को हड़ताल पर...

Feb 21, 2020, 07:30 AM IST
Bathinda News - school bus van drivers strike parents upset

जिले में निरंतर चल रही जिला प्रशासन की स्कूल वाहनों पर कार्यवाही से नाराज स्कूल बस-वैन चालक वीरवार को हड़ताल पर रहे। परीक्षा के इन संवेदनशील दिनों में स्कूली वाहनों की हड़ताल से अभिभावकों के लिए परेशानी खड़ी हो गई। अभिभावकों को बच्चों छोड़ना व लाना पड़ा। हड़ताल की वजह से सेफ स्कूल वाहन पाॅलिसी के पाबंद बनाने को एसडीएम की अगुवाई में गठित टीमों की चैकिंग भी प्रभावित हुई। हालांकि विभिन्न पुलिस थाना की टीमों ने ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से वीरवार को चौथे दिन भी जिले में विभिन्न जगह पर नाकाबंदी करके कुछेक स्कूली वाहन चेक करके चालान काटे।

भारी चालान की कार्यवाही से स्कूल वैन चालकों में डर का माहौल बना हुआ है और प्रशासन की कार्यवाही के विरोध में हड़ताल कर दी। इस इस हड़ताल में सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल, सेंट जेवियर्स सीसे स्कूल, डीएवी पब्लिक सीसे स्कूल, श्री गुरु हरकृष्ण पब्लिक स्कूल, सेंट जेवियर्स वर्ल्ड, विश्वास पब्लिक स्कूल, एमएसडी पब्लिक स्कूल के अलावा रामपुरा तहसील के स्कूल वैन बस ऑपरेटर शामिल रहे। दिल्ली पब्लिक स्कूल, सिल्वर ओक्स स्कूल, सेंट कबीर कॉन्वेंट स्कूल, द मिलेनियम, सेंट पॉल्स हाई स्कूल आदि की अपनी ट्रांसपोर्ट चालक हड़ताल में शामिल नहीं हुए जिससे इन स्कूलों के बच्चे निर्धारित समय पर स्कूल गए और घर लौटे। हालांकि 21 फरवरी को महाशिवरात्रि की छुट्टी है जबकि इसके बाद स्कूल वैन बस ऑपरेटरों ने अभी अपने एक्शन का खुलासा नहीं किया।

सीबीएसई से संबंधित अधिकांश स्कूलों में इन दिनों परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, ऐसे में बच्चों के लिए स्कूल पहुंचना बेहद जरूरी होने की वजह से पेरेंट्स को सुबह जल्दी उठकर अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जाना पड़ा। वहीं दोपहर में छुट्टी होने पर बच्चों को स्कूल से लाने के महत्वपूर्ण काम के लिए अपने सब कामकाज छोड़ने पड़े। छुट्टी होने से कई देर पहले स्कूल के बाहर खड़े अभिभावक भीड़ में से अपने बच्चा पहचान कर ले जाने में जुटे रहे। हालांकि स्कूल बस-वैन चालक ही बच्चों को लेकर जाते हैं जिन्हें सिक्योरिटी गार्ड अच्छे से पहचानते हैं लेकिन वीरवार को अभिभावकों के अलावा अन्य पारिवारिक सदस्य ही बच्चों को लेने आए और इसके लिए सिक्योरिटी से किसी तरह की कोई परमिशन भी नहीं ली गई। ऐसे में दुर्भाग्य से कोई बच्चा इधर-उधर हो जाता तो सीधे तौर पर स्कूल प्रबंधकों को ही जिम्मेदार ठहराया जाता। अभिभावकों ने इस परेशानी के लिए स्कूल वैन बस संचालकों को ही जिम्मेदार ठहराया, वे बोले कि छुट्टी के दो महीने समेत पूरे साल की फीस ली जाती है, इसके बावजूद निर्धारित मापदंड पूरा नहीं किए जाते और जब प्रशासन कार्यवाही करता है तो हड़ताल करके अभिभावकों को परेशान करना उचित कदम नहीं है। उन्होंने कहा कि स्कूल बस-वैन ऑपरेटरों की हड़ताल से किसी बच्चे की परीक्षा खराब होना से पूरा साल बर्बाद हो सकता है।

स्कूलों में बस-वैन पार्क करवाने का किया आग्रह

पेरेंट्स एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से स्कूली वाहनों को मुख्य सड़कों पर खड़े करके बच्चों को बिठाने व उतारने वाले स्कूल प्रबंधकों को नियमों के पाबंद बनाने का आग्रह किया है। प्रधान गुरविंदर शर्मा ने अफसोस बताया कि लोंगोवाल के स्कूल वैन के दर्दनाक हादसे के बाद भी बठिंडा जिले के स्कूल प्रबंधक कोई सबक नहीं ले रहे। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से स्कूल बस-वैनों की चैकिंग की जा रही है लेकिन अभी भी बच्चों को लादकर ले जा रहे अनेकों नकारा और कंडम स्कूल वैन व ऑटो सड़कों पर दौड़ रहे हैं। प्रशासन की सख्ती के बावजूद शहर के नामी स्कूलों की बस-वैन मुख्य आवाजाही वाली सड़कों पर खड़ी रहती हैं तथा सड़क पार करके छोटे बच्चों को स्कूल वैन में बिठाया जाता है जोकि किसी भी समय बड़े हादसे को अंजाम दे सकता है। इन स्कूलों की ओर से सीधे तौर पर हाइकोर्ट के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है हालांकि बस-वेन को स्कूल के अंदर ले जाकर ही बच्चों को उतारने व चढ़ाने की हिदायत है लेकिन इन बड़े व रसूखदार स्कूलों द्वारा अपनाए जा रहे अड़ियल रवैये के कारण मासूमों की जान को हरदम खतरा बना रहता है।

पेरेंट्स को परेशान करने का कोई मंसूबा नहीं : प्रधान

स्कूल बस वैन ऑपरेटर यूनियन के प्रदेश प्रधान दविंदर पाल का कहना है कि वे पेरेंट्स को किसी तरह से परेशान करने के हक में नहीं है, बच्चों की परीक्षाओं को लेकर वे भी चिंतित हैं। वे हड़ताल नहीं करना चाहते लेकिन प्रशासन की लगातार चल रही कार्यवाही अब बर्दाश्त से बाहर हो गई है। स्कूल बस वैन चालकों को बिना मतलब चालान काटे जा रहे हैं, भगवान सिंह की स्कूल बस नंबर पीबी03एएक्स 0934 पीले रंग की है, इसके बावजूद तलवंडी साबो नाके पर इसका पीला रंग न होने का चालान काटा गया। इस तरह की कार्यवाही से स्कूल ट्रांसपोर्ट वाले बस-वैन ऑपरेटर भी परेशान हैं और उन्होंने भी हड़ताल में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है।

स्कूल वैनों की हड़ताल के कारण परिजन अपने बच्चों को लेने पहुचे।

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