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राजनीति /पूर्व सीएम बादल बोले-मेरे और सुखबीर की शहादत से शांति आती है तो हम गोली खाने को तैयार



  • बरगाड़ी गुरु ग्रंथ साहिब बेअदबी मामले के चलते प्रशासन ने नहीं दी थी मंजूरी
  • रैली के दौरान 25 हजार कुर्सियां लगाई गई, लंगर की व्यवस्था थी, एआरपी भी तैनात रही
Danik Bhaskar | Sep 16, 2018, 07:53 PM IST
  • रैली को लेकर ये थे तमाम इंतजाम

    रैली को लेकर ये थे तमाम इंतजाम

    फिरोजपुर रोड पर स्थित सब्जी मंडी परिसर में रैली के लिए विशाल पंडाल बनाया गया। इसमें 25 हजार कुर्सियां लगाई गई। रैली में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं के लिए लंगर की व्यस्था की गई थी। रैली की सुरक्षा व निगरानी के लिए एआरपी की 5 कंपनियों समेत आसपास के जिलों की पुलिस फोर्स के एक हजार मुलाजिमों की तैनाती की गई। सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात रहे। 

  • विरोधी पहुंचे तो रोक लिया फोर्स ने

    विरोधी पहुंचे तो रोक लिया फोर्स ने

    विरोध की आशंका के चलते पुलिस ने सिख जत्थेबंदियों की गतिविधियों पर पुलिस की पैनी निगाह रही। रैली स्थल पर आने वाले हर व्यक्ति को तलाशी ली जा रही थी। रैली का विरोध करने के लिए सिख संगठन फरीदकोट पहुंच गए, जिन्हें मौके पर मौजूद पुलिस ने रोक लिया। हालांकि एक बार बैरीकेड्स तोड़कर विरोधी आगे बढ़ गए, लेकिन पुलिस ने उन्हें फिर रोक लिया।

  • रूट निर्धारित किए, बरगाड़ी वाले रास्ते बंद रहे

    रूट निर्धारित किए, बरगाड़ी वाले रास्ते बंद रहे

    रैली के चलते बरगाड़ी से होकर बाजाखाना से कोटकपूरा का रूट बंद किया गया। जैतों से होकर बाजाखाना से कोटकपूरा के रूट का विकल्प दिया गया। कोटकपूरा से फरीदकोट मुख्य हाईवे से लोग जा सकते थे, वहीं कोटकपूरा से फरीदकोट का ओल्ड रोड/रूट बंद किया गया था। कोटकपूरा से फरीदकोट न्यू/मुख्य हाईवे के रूट को मंजूरी मिली। कोर्ट में एजी पंजाब ने शांति व्यवस्था के लिए खतरा बताते हुए कहा कि सरकार को मंजूरी दी जाए कि रैली में आने वाले लोगों के लिए बरगाड़ी के पास के सभी रूट बंद कर ले। वहीं याची स्टेटमैंट दे कि वह हथियारों समेत रैली में नहीं आएंगे। वहीं सरकार को मंजूरी दी जाए कि वह कानून व्यवस्था के लिए रैली को लेकर रूट बदले। याची अकाली दल ने कहा कि वे बरगाड़ी में चल रहे धरने के आसपास नहीं जाएंगे। पूरा दिन इसी के मुताबिक लोगों का आना-जाना रहा।