समाजसेवी संगठनों के पास एकाएक देर रात रद्द, कांग्रेसी नेताओं को कर्फ्यू पास किए जारी

Bathinda News - लोगों के सहयोग से शहर के अलग-अलग कोनों में करीब 4 से 5 हजार गरीब व जरूरतमंद लोगों तथा परिवारों को पिछले करीब 48 घंटों...

Mar 27, 2020, 07:27 AM IST

लोगों के सहयोग से शहर के अलग-अलग कोनों में करीब 4 से 5 हजार गरीब व जरूरतमंद लोगों तथा परिवारों को पिछले करीब 48 घंटों से दो से तीन वक्त का भोजन उपलब्ध करवा रहे समाजसेवी संगठनों के पास एकाएक बुधवार देर रात प्रशासन ने रद्द कर दिए जिससे वीरवार को शहर में गरीबों को खाना बांटने का काम पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। इसके विपरीत शहर में अलग-अलग वार्डों के कांग्रेस नेताओं को कर्फ्यू पास इश्यू कर दिए गए जो सरकार व प्रशासन की तैयारियों का लाइव होकर गुणगान करते नजर आए जबकि शहर के अधिकतर जगहों पर लोग अभी भी रोजमर्रा की चीजें जिसमें सब्जियां व दूध आदि नहीं पहुंचने के साथ-साथ उनके महंगा मिलने की बात कह रहे हैं। कांग्रेस के नेताओं के शहर में अलग-अलग जगह रोजमर्रा का सामान बेचने ले जारी ट्रालियों पर कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी तथा समाजसेवी संस्थाओं के पास रद्द करने पर विपक्ष ने आड़े हाथों लेते हुए इसे कांग्रेसी नेताओं की शरारत करार दिया। उनके अनुसार शहर में समाजसेवी संगठन दूर इलाकों में जाकर परिवारों को मदद दे रहे हैं जिनके पास सामान खरीदने को पैसे नहीं हैं या राशन खत्म हो गया है, लेकिन कांग्रेस ने ऐसे लोगों की मदद करने की बजाए उलटा संगठनों के पास रद्द करवाने के साथ समाजसेवियों को पुलिस स्टेशन में बिठा ओच्छी राजनीति करनी शुरू कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दावों के बावजूद प्रशासन की पहुंच नहीं होने से जरूरतमंद परिवार कष्ट भोग रहे हैं जिसमें कांग्रेस की वाही-वाही लूटने की कोशिश गरीबों की जान पर तलवार बनकर लटक गई है। वहीं वित्तमंत्री मनप्रीत बादल के आफिस इंचार्ज जयजीत जौहल ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि शहर में मात्र 8-10 एनजीओ की काम कर रहे हैं, लेकिन शहर में कुछ लोग दो-तीन पैकेट खाना बांटकर फेसबुक लाइव कर सिर्फ भीड़ बढ़ा रहे हैं। हमारी कोशिश सोशलवर्क को स्ट्रीम लाइन करने की है, जिसमें राजनीति जैसा कुछ नहीं है तथा शहर को क्लस्टर में बांटकर एक से दो दिन के भीतर सिस्टम दुरुस्त कर दिया जाएगा।

अगर कोई संस्था या व्यक्ति पास का दुरुपयोग करता है तो प्रशासन कार्रवाई करे : एनजीओ


बैंगों के चीफ को-आर्डिनेटर रमणीक वालिया तथा को-आर्डिनेटर साधुराम कुसला ने कहा कि वह पिछले तीन दिनों से शहर के अलग-अलग एरिया में 2100 व्यक्तियों को भोजन प्रदान कर चुके हैं। जबकि उनके साथ 12 संस्थाओं के 23 पास ही इश्यू करवाए गए हैं जो फील्ड में काम कर रहे हैं, लेकिन फर्ज निभाने के बावजूद उनके पास रद्द कर दिए गए जिसमें राजनीतिक ही नजर आ रही है। हमारा मकसद तकलीफ में गरीब लोगों को मदद प्रदान करना है तथा आलम यह है कि 25 मार्च को देर रात पास रद्द करने के बाद 26 मार्च दोपहर तक सैकड़ों फोन रोटी के लिए आए, लेकिन हम चाहते हुए भी पास रद्द होने के कारण जरूरतमंद लोगों की मदद नहीं कर सके। हालांकि बाद दोपहर अधिकारियों के आश्वासन पर हमने लंगर बांट सामान खराब होने से बचाया। डीसी साहब को अगर कोई शिकायत मिली हैं तो वह हमें बुला सकते हैं। वहीं अगर कोई संस्था या व्यक्ति पास का दुरुपयोग करता है तो उस पर प्रशासन कार्यवाही करने का अधिकार रखता है। नीलकंठ महादेव वेलफेयर ट्रस्ट के महासचिव मनोज जैन ने कहा कि वह भी पिछले करीब 40 घंटे से भोजन उपलब्ध करवाने में जुटे हैं, लेकिन पास रद्द करने से काम रुक गया। वहीं नौजवान वेलफेयर सोसायटी के प्रधान सोनू महेश्वरी ने कहा कि कुछ संस्थाएं भोजन बांटते समय प्रशासन के नियमों की पालना नहीं कर रही हैं, जिसकी वजह से यह समस्या आई है।


काम 10 एनजीओ कर रही हैं, पास दर्जनों: जौहल


वित्तमंत्री मनप्रीत बादल के आफिस की जिम्मेदारी संभालते उनके साले जयजीत जौहल ने कहा कि शहर में 180 संस्थाएं हैं, लेकिन काम मात्र 10 एनजीओ ही कर रहे हैं। सभी के पास 10-10 पास होने से शहर में बेहद भीड़ हो रही है। शाम को ऐसे लोग जो फेसबुक पर तीन पैकेट बांट फोटो डालते हैं तो यह किसी के हित में नहीं है। उनके इस काम से अच्छा काम करने वाले एनजीओ को भी समस्या आ गई। हमारी कोशिश प्रशासनिक स्तर पर शहर को क्लस्टर में बांटकर उसका एडमिन इंचार्ज लगाकर जरूरतमंद लोगों की सही संख्या को सामने लाना है ताकि सभी को खाना मिल जाए। इसे एक से दो दिनों में लागू करने के बाद संस्थाएं बेहतर काम करेंगी। बुधवार को धोबियाना बस्ती चार एनजीओ खाना लेकर पहुंच गए जो बर्बादी है। शुक्रवार को कांग्रेस गरीब बस्तियों में राशन बांटने की शुरुआत कांग्रेस करने जा रही है।

विपक्ष बोला-लोगों की दिक्कतें नहीं बढ़ाए कांग्रेस

शिअद के हलका इंचार्ज सरूप सिंगला ने फेसबुक पर अपील करते हुए कहा कि कोरोना वायरस के खतरे के चलते कर्फ्यू के बावजूद बठिंडा में प्रशासन अभी तक लोगों को राहत नहीं पहुंचा सका है। वहीं गरीब लोगों की मदद कर रहे एनजीओ के पास रद्द कर आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी गई है। कांग्रेस 1 करोड़ रिलीज होने का दावा कर रही है, लेकिन किसी को मदद नहीं मिली है। हमें पार्टी से हटकर एकजुट होकर काम करना चाहिए। वहीं भाजपा के प्रदेश सचिव सुखपाल सरां ने कहा कि कोरोना वायरस लोगों की जान पर आफत बना हुआ है, लेकिन कांग्रेस राजनीतिक रोटियां सेंकने के चक्कर में पास रद्द करवा अपनी साख बनाने में लगी है। संस्थाओं कीं तरह कांग्रेस नेता भी गरीबों को भोजन मुहैया करवाएं तो अधिक बेहतर होगा। अगर एनजीओ को काम नहीं करने दिया जाता तो वह शुक्रवार को एसएसपी के घर के सामने धरना देंगे जिसकी जिम्मेदार प्रशासन होगी।

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