स्टाफ हड़ताल पर, मिनी सचिवालय में काम ठप

Bathinda News - कांग्रेस सरकार की अाेर से 10 मार्च को लोकसभा चुनाव के उपरांत आचार संहित हटने के बाद कर्मचारियों कीं मांगों को पूरा...

Oct 22, 2019, 07:40 AM IST
कांग्रेस सरकार की अाेर से 10 मार्च को लोकसभा चुनाव के उपरांत आचार संहित हटने के बाद कर्मचारियों कीं मांगों को पूरा करने के वादे व कमेटी बनाने के बावजूद फैसले लागू नहीं करने के चलते कलम छोड़ हड़ताल पर बैठे साझा मुलाजिम मंच पंजाब व यूटी की हाईपावर कमेटी ने सोमवार को चंडीगढ़ में मीटिंग की। इस दौरान पंजाब सरकार का दिवाला दिवस मनाने की घोषणा करते हुए 24 अक्टूबर को पंजाब भर में गेट रैलियां करने का आह्वान किया गया। कनवीनर गुरनाम सिंह विर्क द्वारा भेजी प्रेस विज्ञप्ति में मंच पदाधिकारियों ने कहा कि मंच की हाईपावर कमेटी को चंडीगढ़ में बुलाकर भी सरकार विशेषकर वित्तमंत्री पंजाब ने मीटिंग नहीं कर निंदनीय काम किया है। उन्होंने कहा कि 27 अक्टूबर को दीवाली के त्योहार व 5 से 15 नवंबर तक गुरुपर्व मनाने के बाद 16 नवंबर को मंच की राज्य स्तरीय मीटिंग में पुन अगले एक्शन की प्लॉनिंग हाेगी। उन्होंने कहा कि दर्जा चार कर्मचारियों को दीवाली से पहले सरकार लोन अदायगी करे। वहीं बठिंडा में कलम छोड़ हड़ताल का पूरा असर मिनी सचिवालय में देखने को मिला। अधिकांश आफिस खाली नजर आए तथा मात्र कुछ एक अधिकारी ही ऑफिस में बैठे दिखे। सरकारी कर्मियों की पांचवें दिन हड़ताल से सभी लोगों के रजिस्ट्री, लाइसेंस व अन्य जरूरी काम रुके हुए हैं। गांव जंगीराणा व गांव संगत से आए लोगों ने कहा कि वह लोग इस उम्मीद में आए थे कि उनकी रजिस्ट्री हो जाएगी, लेकिन यहां आकर पता लगा कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं।

मिनिस्ट्रियल स्टाफ की हड़ताल से खाली पड़ी दफ्तरों की कुर्सियां।

ये हैं मुलाजिमों की मांगें

हाई पावर कमेटी ने कहा कि महंगाई भत्ते ही सभी चारों किश्तें जनवरी 2016 से दंे, छटे वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू हो, 2004 से पूर्व की पेंशन स्कीम बहाल करने, प्रोबेशन को क्वालिफाई पीरियड करार देने, बराबर काम बराबर वेतन लागू करने, 200 रुपए विकास टैक्स वापस लेने, कैशलेस हेल्थ स्कीम लागू करने, कांट्रेक्ट व कच्चे कर्मचारियों को रेगुलर करने, स्टेनो कार्डर की मांगें मानने तथा शिक्षा विभाग में किए गए तबादलों को रद्द किया जाए।

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