मुकदमे रद्द कराने को एसएसपी से मिले अध्यापक
6060 अध्यापक यूनियन पंजाब, अध्यापक और अन्य सहयोगी संगठनों का शिष्टमंडल वीरवार को एसएसपी डॉ. नानक सिंह से मिला और अध्यापकों पर दर्ज मुकदमे रद करवाने का आग्रह किया। एसएसपी अध्यापक संगठनों को मुकदमे रद करने का भरोसा दिया। यूनियन के प्रदेश प्रधान रघुवीर सिंह, उपप्रधान विकास गर्ग व अमनिंदर सिंह ने बताया कि जून 2016 में अकाली सरकार के दौरान वे बेरोजगार थे तो उन्होंने 6060 अध्यापकों की भर्ती पूरा करवाने के संबंध में बठिंडा में शांतिमय प्रदर्शन किया। उस दौरान एसएसपी स्वप्न शर्मा की अगुवाई में बेरोजगारों पर लाठीचार्ज किया गया और प्रधान रघवीर सिंह समेत 5 नेताओं पर केस दर्ज जेल में ठूंस दिया। इसके बाद बेरोजगार अध्यापकों के अलावा अन्य अध्यापक व किसान संगठनों ने डीसी कांप्लेक्स के बाहर दो दिन का धरना लगाया। इसके दबाव में एसएसपी स्वप्न शर्मा व एसपी सिटी देसराज ने अध्यापक संगठनों व किसानों से समझौता करके धरना खत्म करवाया और 5 नेताओं को बिना शर्त रिहा कर दिया था। अब 4 साल बाद जब वे शिक्षा विभाग में बतौर सरकारी अध्यापक सेवाएं दे रहे हैं तो थाना कनाल उसी केस के संबंध में 5 अध्यापकों के खिलाफ अदालत में चालान पेश करने जा रहा है जोकि सरासर धक्का है। डीटीएफ के जिला प्रधान रेशम सिंह, प्रांतीय नेता जसविंदर सिंह, जगपाल बंगी, दर्शन मौड़ व रमसा अध्यापक यूनियन के प्रांतीय नेता हरजीत सिंह जीदा ने बठिंडा प्रशासन के इस तानाशाही रवैये की निंदा करते हुए झूठे पर्चे रद न करने के विरोध में संघर्ष की चेतावनी दी।
एसएसपी से मिलने जाते हुए अध्यापक संगठन।