पंजाब / गांव के चौक पर लगा खंडा प्रशासन ने उखाड़ा, सिख संगठनों में विरोध बढ़ता देख साढ़े 6 घंटे बाद फिर लगाया

अबोहर के गांव आलमगढ़ में स्थापित निशान साहिब। अबोहर के गांव आलमगढ़ में स्थापित निशान साहिब।
tension after removing holy symbol of Sikhism by the police at village Slamgarh
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अबोहर के गांव आलमगढ़ में स्थापित निशान साहिब।अबोहर के गांव आलमगढ़ में स्थापित निशान साहिब।
tension after removing holy symbol of Sikhism by the police at village Slamgarh
tension after removing holy symbol of Sikhism by the police at village Slamgarh

  • अबोहर के नजदीकी गांव आलमगढ़ में शनिवार सुबह करीब 5 बजे की घटना
  • पुलिस का कहना-सिख रेफ्रेंडम की तरफ से लगाए जाने का शक
  • दोबारा स्थापित करने की मांग पर अड़े सिख संगठन तो साढ़े 11 बजे फिर से स्थापित किया निशान साहिब

दैनिक भास्कर

Aug 31, 2019, 01:46 PM IST

अबोहर. अबोहर के नजदीकी गांव आलमगढ़ में शनिवार सुबह उस वक्त माहौल खराब हो गया, जब यहां चौक पर लगे सिख समुदाय के पवित्र निशान खंडा साहिब को उखाड़ दिया गया। खंडा उखाड़े जाने का आरोप प्रशासन पर है। जैसे ही इसका पता चला, एक-एक करके सिख संगठनों के सैकड़ों लोग इकट्‌ठा हो गए। विरोध के चलते आखिर साढ़े 6 घंटे के बाद इसे फिर से स्थापित कर दिया गया, तब कहीं माहौल शांत हुआ। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

 

मिली जानकारी के अनुसार गांव आलमगढ़ में मुख्य चौराहे पर करीब डेढ़-दो महीना पहले निशान साहिब स्थापित किया गया था। तब से न तो यह किसी भी रूप में प्रशासन के संज्ञान में था और न ही आम लोगों का ध्यान इस पर गया। ध्यान जाने के बाद शनिवार सुबह करीब 5 बजे प्रशासनिक अमले ने इसे उखाड़ दिया। जैसे ही गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाशोत्सव के दिन हुई इस घटना की जानकारी फैलती चली गई, माहौल तनावपूर्ण हो गया। सिख संगठनों के सैकड़ों लोग मौके पर इकट्‌ठा हो गए। पुलिस के खिलाफ नारे लगाते हुए इन्होंने मांग की कि पवित्र निशान साहिब को दोबारा स्थापित किया जाए।

 

तनाव के चले भारी पुलिस बल तैनात था, वहीं सूचना पाकर अबोहर की एसडीएम पूनम, फाजिल्का के एसडीएम सुभाष खटक के अलावा अबोहर के डीएसपी कुलदीप सिंह भुल्लर, एसएचओ सदर रणजीत सिंह और थाना सिटी-2 प्रभारी सुनील कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया।

 

आखिर विरोध के बीच करीब साढ़े 11 बजे पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में पवित्र निशान साहिब को दोबारा स्थापित कर दिया गया। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना था कि उन्हें इसके राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त माने जाते सिख रेफ्रेंडम 2020 की तरफ से लगाए जाने का शक था, इसलिए इसे उखाड़ दिया गया। जब पता चला कि ऐसा कुछ नहीं है तो निशान साहिब को फिर से स्थापित कर दिया। फिलहाल मामला शांत है।

 

 

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