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  • The main witness of the Bahbal Kalan firing died of heart attack, the family said that the life was killed under political pressure

पंजाब / बहबल कलां गोलीकांड के मुख्य गवाह की हार्ट अटैक से मौत, घर वाले बोले-सियासी दबाव में गई जान

बहबल कलां गोलीकांड के चश्मदीद और मुख्य गवाह सुरजीत सिंह की फाइल फोटो। बहबल कलां गोलीकांड के चश्मदीद और मुख्य गवाह सुरजीत सिंह की फाइल फोटो।
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बहबल कलां गोलीकांड के चश्मदीद और मुख्य गवाह सुरजीत सिंह की फाइल फोटो।बहबल कलां गोलीकांड के चश्मदीद और मुख्य गवाह सुरजीत सिंह की फाइल फोटो।

  • 12 अक्टूबर 2015 को फरीदकोट जिले के गांव बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटना सामने आई थी
  • आरोप-14 अक्टूबर को कोटकपूरा व बहबल कलां में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने गोली चलाई तो गई दो जानें
  • घटनास्थल पर मौजूद पूर्व सरपंच सुरजीत सिंह ने कमिशन के पास करवाए थे बयान दर्ज, मिली हुई थी सिक्युरिटी

Dainik Bhaskar

Jan 19, 2020, 08:23 PM IST

फरीदकोट. बहबल कलां गोलीकांड के मुख्य गवाह और पूर्व सरपंच सुरजीत सिंह की रविवार को दिल का दौरा पड़ने से अचानक मौत हो गई। उसके परिवार ने सुरजीत सिंह की मौत का कारण सियासी दबाव बताया है। गवाही देने पर मृतक की पत्नी ने कहा कि उसके पति से जबरदस्ती बयान लिए गए और उसके पति को बलि का बकरा बनाया गया। उन्होंने अपने पति की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

ध्यान रहे कि 12 अक्टूबर 2015 को बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटना सामने आने के बाद 14 अक्टूबर को कोटकपूरा व बहबल कलां में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने गोली चलाई थी। बहबल कलां में दो युवकों की जान चली गई थी। बेटे लखविंदर सिंह के मुताबिक जिस वक्त बहबल कलां गोलीकांड हुआ था, तब पूर्व सरपंच सुरजीत सिंह भी घटनास्थल पर मौजूद थे। जांच के दौरान एक वीडियो में चेहरा सामने आने के बाद उन्होंने जस्टिस रणजीत सिंह कमिशन के पास अपने बयान भी दर्ज करवाए थे। आयोग के रिकाॅर्ड व इस संबंध में फरीदकोट अदालत में चल रहे मामले में वह मुख्य गवाह थे और इस कारण सिक्युरिटी भी मिली हुई थी।

हालांकि सुरजीत सिंह की मौत बीते गुरुवार को ही हो गई थी, लेकिन तीन दिन तक इस बारे में किसी को भनक तक नहीं लगी। शनिवार देर रात दैनिक भास्कर के विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से इस घटना के राज से पर्दा उठा तो उनके परिजनों से बात की गई। इस मौत को लेकर सुरजीत सिंह की पत्नी और बेटे ने सियासी दबाव को जिम्मेदार बताया है।

मृतक की पत्नी ने लगाए ये आरोप

पूर्व सरपंच सुरजीत सिंह की पत्नी ने गांव के ही एक कांग्रेसी नेता पर उन्हें तंग करने के आरोप लगाए हैं।उन्होंने बताया कि कई बार उनके घर पर फायरिंग भी की जा चुकी है। बहबल कलां गोलीकांड मामले में गवाही देने पर मृतक की पत्नी ने कहा कि उसके पति से जबरदस्ती बयान लिए गए और उसके पति को बलि का बकरा बनाया गया। सियासी दबाव के चलते ही अक्टूबर 2019 में बिजली वालों ने बिना किसी वजह से 50 हजार रुपए जुर्माना भी डाला। पत्नी की मानें तो हालांकि सुरजीत के परिवार ने मुख्यमंत्री से शिकायत भी दर्ज करवाई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। उन्होंने मांग की कि उनके पति की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

चार साल में नहीं निकला कोई ठोस नतीजा

दूसरी ओर पंजाब पुलिस की दो एसआईटी, प्रदेश सरकार की ओर से बनाए गए दो आयोग और सीबीआई की तमाम एंगल से जांच के बाद भी ठोस नतीजा आज तक नहीं निकल सका है। बीते चार साल में डेढ़ साल तक प्रदेश में बादल सरकार रही और ढाई साल से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार है। दोनों ही सरकारों द्वारा सिख संगत की भावनाओं के अनुरूप एसआईटी व आयोग का गठन कर नतीजे पर पहुंचने की कोशिश की गई, लेकिन अभी तक पूरी तरह से यह नहीं तय हो पाया है कि मुख्य दोषी कौन है। बेअदबी व गोलीकांड को लेकर प्रदेश में सियासत भी खूब हुई, जो अब भी जारी है। चाहे 2017 के विधानसभा चुनाव हों या फिर 2019 के लोकसभा चुनाव, राजनीतिक दलों द्वारा एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए। इन चुनावों में अकाली दल का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, जिसके पीछे इस कांड का प्रभाव भी माना गया।

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