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ओट सेंटरों में मरीजों की भीड़ न हो, नशा पीड़ितों को मिलेगी 15 दिन की डोज

6 महीने पहले
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कोरोना वायरस के चलते सरकार द्वारा लगाए गए कर्फ्यू के कारण सेहत विभाग ने ओट क्लीनिकों में रजिस्टर्ड मरीजों को एक साथ 15 दिन की खुराक देने का निर्णय लिया है। ताकि इन मरीजों को कर्फ्यू दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। सेहत विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि ओट में आने वाले मरीज लाइन बनाकर एक-एक मीटर की दूरी पर खड़े हों, मरीज एक-दूसरे के साथ बात न करें, किसी भी तरह की वस्तुओं का लेनदेन न करें, डाक्टर ओपीडी स्लिप मरीज के हाथ में ही देखें, उसको पकड़ कर न देंखे, ओपीडी में मरीजों की भीड़ घटाने के लिए रोजाना दवाई लेने वाले मरीजों को 15 दिन की खुराक दी जाए, आने वाले प्रत्येक मरीजों पर नजर रखी जाए, अगर नया मरीज रजिस्टर्ड होता है तो उसके बारे में अवश्य जानकारी प्राप्त करें। अगर वह विदेश से यात्रा करके लौटा है या फिर किसी रिश्तेदार के संपर्क है तो इसकी जानकारी कंट्रोल रूम में दी जाए। कर्मचारी अपने कंप्यूटर और अन्य प्रयोग में आने वाली सभी वस्तुओं को एल्कोहल सेनेटाइजर से प्रतिदिन साफ रखें।

सिविल अस्पताल डी एडिक्शन प्रोग्राम के नोडल अफसर डाॅ. अरुण बांसल ने बताया कि जिला सेहत विभाग के अधीन सरकारी और प्राइवेट 10 सेंटर चल रहे हैं, 7 प्राइवेट और सरकारी शामिल है। इसके अलावा 6 ओट सेंटर चल रहे है, जिसमें बठिंडा सिविल अस्पताल के नशा छुड़ाओ केंद्र, तलवंडी साबो, रामा, रामपुरा फूल, भगता व सेंटर जेल शामिल है। इन सेंटरों में सबसे अधिक मरीज बठिंडा, तलवंडी साबो और रामपुरा फूल ओट सेंटर में करीब 5 हजार 10 मरीज रजिस्टर्ड है। ओट सेंटर में औसतन रोजाना 300 पीड़ित दवा लेने के लिए आते हैं, भीड़ एकत्र न हो इसके लिए एक-एक मीटर की दूरी पर खड़ा होने के लिए विभाग के फैसले के अनुरूप सभी मरीजों को 1 अप्रैल से 15-15 दिन की डोज दी जाएगी। फिलहाल अभी 5-5 दिन की डोज दी गई है। उधर, नशा छुड़ाओ केंद्र में मीथाडोन की खुराक लेने वाले 95 मरीज रजिस्टर्ड है। मीथाडोन वाले सभी मरीजों को आइडीप्रूफ उपलब्ध करवाया गया है।

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