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कौंसिल प्रधान बनने-बनाने की होड़, पुलिस मुस्तैद मगर एसडीएम दफ्तर में पड़ा रहा चुनाव स्थगन का पत्र

भदौड़ नगर कौंसिल के प्रधान के चुनाव को लेकर भदौड़ में पूरा दिन लड़ाई होने के डर के कारण तनाव का माहौल रहा। पुलिस...

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 02:20 AM IST
भदौड़ नगर कौंसिल के प्रधान के चुनाव को लेकर भदौड़ में पूरा दिन लड़ाई होने के डर के कारण तनाव का माहौल रहा। पुलिस पूरा दिन बेरीकेड्स लगाकर नगर कौंसिल दफ्तर के अंदर बाहर तैनात रही। प्रधान बनने व बनाने की होड़ में नेता जोर आजमाइश करते रहे। लेकिन सोमवार की तारीख में चुनाव नहीं करवाने का फैसला एसडीएम तपा 72 घंटे पहले ही ले चुके थे।

नगर कौंसिल भदौड़ की पूर्व प्रधान परमजीत कौर ने पिछले साल 23 अक्टूबर को इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद से यह कुर्सी खाली थी। एसडीएम भदौड़ संदीप कुमार ने 10 जनवरी को नोटिफिकेशन जारी कर नए प्रधान के चुनाव के लिए 15 जनवरी तारीक निर्धारित की थी। भदौड़ में कांग्रेस व अकाली दल दोनों पार्टियों की गुटबंदी के कारण प्रधान के चुनाव के दौरान खूनी झड़प होने की आशंका थी। जिसके चलते एसडीएम ने डीएसपी तपा अच्छरू राम शर्मा को भारी पुलिस बल तैनात करने के हुक्म दिए गए थे।

शाम 6 बजे नगर कौंसिल भदौड़ के ईओ बरजिंदर सिंह ने दीवार पर नोटिस चिपका दिया कि प्रधान के चुनाव की प्रक्रिया एसडीएम को जरूरी काम होने के कारण अगले हुक्मों तक स्थगित की जाती है।

एसडीएम बोले-12 जनवरी को पत्र जारी कर दिया था लेकिन डाक सुपरडेंट के पास ही पड़ी रही

भदौड़ नगर कौंसिल के बाहर पूरा दिन तैनात रही पुलिस। -भास्कर

एसडीएम तपा ने जरूरी काम का हवाला देकर तीन दिन पहले ही प्रधान का चुनाव नहीं करवाने का फैसला कर लिया था। लेकिन इस बात की जानकारी ना तो पुलिस को दी गई और ना ही नगर कौंसिल को। एसडीएम तपा संदीप कुमार ने कहा कि उन्होंने 12 जनवरी दोपहर 3.8 बजे भदौड़ नगर कौंसिल प्रधान का चुनाव स्थगित करने का लेटर जारी कर दिया था। उन्हें 15 को किसी जरूरी काम से बाहर जाना था। लेकिन उनके दफ्तर से यह लेटर सुपरडेंट के पास गया। जहां से इसे नगर कौंसिल भदौड़ भेजा जाना था। लेकिन दफ्तरी गलती के कारण नहीं भेजा जा सका। अब नई तारीख का ऐलान किया जाएगा।

13 में 10 पार्षद शाम तक करते रहे एसडीएम का इंतजार

नगर कौंसिल भदौड़ के कुल 13 पार्षद है। इनमें 10 पार्षद आज प्रधान के चुनाव के लिए नगर कौंसिल भदौड़ में हाजिर थे। पार्षद परमजीत सिंह सेखों, अशोक कुमार, जतिंदर सिंह, सुरजीत कौर, गुरजंट सिंह, दियाल कौर, गोकुल सिंह, सुखदेव कौर, परमजीत कौर, नाहर सिंह एक साथ प्रधान के चुनाव के लिए इकट्ठे हुए थे। अकाली पार्षद जसवीर धम्मी, जसविंदर मान चुनाव के लिए हाजिर नहीं हुए। जबकि एक पार्षद हंस राज पहले से जेल में बंद है। प्रधान के चुनाव के लिए सिर्फ एसडीएम का इंतजार था। मौजूद पार्षदों ने कहा कि अगर चुनाव को पहले से ही स्थगित कर दिया गया थातो उन्हें बुलाया ही क्यो गया। सभी पार्षद अपना सा मुंह लेकर वहां से चले गए। 13 में 10 पार्षद शाम तक एसडीएम का इंतजार करते रहे। इनमें 10 पार्षद प्रधान के चुनाव के लिए कौंसिल में हाजिर थे।

9 पार्षदों व विधायक ने चीमा नगर पंचायत का प्रधान चुना, डीसी ने कहा - गैर कानूनी

भास्कर संवाददाता| चीमा

नगर पंचायत चीमा के प्रधान और उपप्रधान के लिए नगर पंचायत कार्यालय में रखी बैठक में 13 पार्षदों में से 9 पार्षदों और हलके के विधायक ने वार्ड नंबर 12 के पार्षद अवतार सिंह तारी को प्रधान चुन लिया, जबकि वार्ड नंबर 7 से पार्षद बलविन्द्र कौर को उपप्रधान चुना है। हालांकि डीसी ने बैठक में उनका कोई प्रतिनिधी शामिल नहीं होने के कारण चुनाव को गैर कानूनी करार दिया है। बैठक में शामिल 9 पार्षदों और उन्होंने सर्वसम्मति से अवतार सिंह तारी को प्रधान जबकि बलविन्द्र कौर को उपप्रधान चुन लिया। उन्होंने चुनाव की प्रक्रिया नगर पंचायत चीमां की प्रोसिडिंग बुक में भी दर्ज की है जिस पर 9 पार्षदों और उन्होंने अपने हस्ताक्षर भी किए हैं। अमन अरोड़ा का कहना है कि एसडीएम सुनाम की ओर से पहले 12 जनवरी को चुनाव बैठक बुलाई थी परंतु बिना कारण बताए बैठक को स्थगित कर दिया गया था। सोमवार को भी एसडीएम बैठक बुलाकर खुद बैठक में नहीं पहुंचे और न ही बैठक में कोई सूचना भेजी गई।

चीमा के नगर पंचायत कार्यालय में प्रधान चुनने की कार्रवाई में मौजूद पार्षद।

चुनाव की तारीख दोबारा घोषित की जाएगी : डीसी

डीसी एपीएस विर्क का कहना है कि एसडीएम के अचानक बीमार होने के कारण वह छुट्टी पर चले गए हैं। जिस कारण चुनाव को स्थगित करना पड़ा है। चुनाव की तारीख दोबारा घोषित की जाएगी। सोमवार को पार्षदों की ओर से किया गया चुनाव गैरकानूनी है क्योंकि चुनाव में प्रशासन का प्रतिनिधि होना अनिवार्य है।