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विभाग ने नहीं भरवाया कांटीन्यूशन फीस-प्रोफार्मा, जिले के 118 एसोसिएट स्कूल अगले सेशन में हो सकते हैं बंद

हर साल की तरह इस बार भी पंजाब के एसोसिएट स्कूलों पर कांटीन्यूशन का खतरा बन खड़ा हुआ है। शिक्षा विभाग एसोसिएट...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:05 AM IST

हर साल की तरह इस बार भी पंजाब के एसोसिएट स्कूलों पर कांटीन्यूशन का खतरा बन खड़ा हुआ है। शिक्षा विभाग एसोसिएट स्कूलों को जारी रखने में खास दिलचस्पी लेता नहीं प्रतीत हो रहा। इसी के चलते जनवरी खत्म होने के बाद भी कांटीन्यूशन प्रोफार्मा जारी नहीं किया, जिससे प्रदेश के एसोसिएट स्कूलों को अगले सेशन में चालू रखने की चिंता सता रही है। शिक्षा विभाग की ओर से एसोसिएट स्कूल का दर्जा हासिल करने वाले प्रदेश के स्कूलों को हर शैक्षणिक सेशन के लिए कॉन्टीन्यूशन प्रोफार्मा व फीस भरवाई जाती है। यह प्रोसेस सितंबर से दिसंबर महीने में चलता है जबकि 6 जनवरी आखिरी तारीख होती है। इस बार शिक्षा विभाग ने जनवरी महीना निकलने पर भी प्रोफार्मा रिलीज नहीं किया जबकि मार्च 31 को स्कूलों की मंजूरी खत्म हो जाएगी। आखिरी तारीखें होने की वजह से प्रदेश के 2212 स्कूलों को अगले सेशन 2018-19 के लिए जारी न रख पाने का भय सताने लगा है।

एफिलिएशन की शर्त पूरा करना टेढ़ी खीर: एफिलिएशन के लिए सबसे बड़ी शर्त 1.5 से 2 कनाल यानी 500 गज में स्कूल होना अनिवार्य है जबकि अधिकांश एसोसिएट स्कूल 200 गज में ही हैं, घने रिहायशी इलाकों में बरसों पुराने बने इन स्कूलों के लिए दायरा बढ़ाकर निर्धारित जगह पूरा करना संभव नहीं।

3500 से कम होकर 2212 ही रह गए एसोसिएट स्कूल

राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत निर्धारित मापदंडों पर खरा उतरने वाले स्कूलों को सुधार का समय देने के लिए 2011 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री सेवा सिंह सेखवां के निर्देश पर 3500 स्कूलों को एसोसिएट स्कूलों का दर्जा दिया गया। प्रत्येक शैक्षिक सत्र में कांटीन्यूशन की मंजूरी के लिए भरे गए स्वघोषणा पत्र के आधार पर शिक्षा विभाग द्वारा इंस्पेक्शन प्रक्रिया में साल-दर-साल स्कूल बंद होते चले गए। वर्तमान में प्रदेश में एसोसिएट कैटेगरी के 2212 स्कूल चल रहे हैं।

10 तक स्कूलों की 6 हजार और 12 तक की 12 हजार कांटीन्यूशन फीस

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से साल 2011 से प्रदेश के एसोसिएट स्कूलों को मंजूरी के लिए हर साल शैक्षिक सत्र से पूर्व कांटीन्यूशन फीस भरवाई जाती है। स्कूल को अनुमति लेने के लिए बोर्ड को स्कूलों का ऑनलाइन स्वघोषणा पत्र देना होता है। प्रदेश के एसोसिएट स्कूलों को बोर्ड की ओर से निर्धारित फीस अदा करनी होती है जिसमें 10वीं तक के स्कूलों को 6 हजार जबकि 12वीं तक के स्कूलों को 12 हजार रुपए चुकाने होंगे। वहीं बोर्ड की ओर से गठित की गई फीस कमेटी में भी प्रत्येक स्कूल को एक हजार रुपए सालाना अलग से अदा करने होते हैं

एसोसिएट का दर्जा हासिल प्रदेश के 2212 स्कूल, पढ़ते हैं 6 लाख बच्चे

एसोसिएट का दर्जा हासिल प्रदेश में 2212 स्कूल हैं जहां प्रति स्कूल 200 बच्चे के अनुपात में 6 लाख बच्चे पहली से बारहवीं तक की कक्षाओं में पढ़ रहे हैं। नए सेशन 2018-19 के लिए शिक्षा विभाग एफिलिएशन की शर्त रखता है तो अधिकांश स्कूल निर्धारित शर्त पूरा न कर पाने की सूरत में तालाबंदी के शिकार हो सकते हैं।

सेशन खत्म होने में बचा एक महीना स्कूल प्रबंधकों में बढ़ी बेचैनी

मंत्रियों से सिर्फ भरोसा मिला

एसोसिएटेड स्कूल्स ज्वाइंट एक्शन फ्रंट पंजाब का शिष्टमंडल कांटीन्यूशन प्रोफार्मा के मसले को लेकर शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों से लेकर केबिनेट मंत्रियों से भी मिल चुका है जहां से इन्हें अभी तक भरोसा ही मिला है। अभी हाल ही में सेहत मंत्री ब्रह्म महिंद्रा से भी पासा के नेतृत्व में एसोसिएट स्कूल प्रबंधकों का शिष्टमंडल मिला और तर्क दिया कि एसोसिएट स्कूलों का साल 2015-16 के बोर्ड रिजल्ट एफिलिएटेड एवं आदर्श स्कूलों से बेहतर रहे, एसोसिएट स्कूलों का बोर्ड एग्जाम 74 प्रतिशत रहा जोकि एफिलिएटेड स्कूलों से ज्यादा था। वहीं 2016-17 में बोर्ड के परिणाम एसोसिएटेड स्कूलों के दूसरे नंबर पर रहे।

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