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लंबित केंद्रीय योजनाओं को शुरू करने के साथ मालवा को रेल मार्ग से जोड़ने की योजनाओं की मंजूरी की बजट से उम्मीद

वीरवार को पेश होने वाले बजट को लेकर मालवा के साथ बठिंडा के लोगों को रेलवे की लंबित योजनाओं को शुरू करने के साथ...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:10 AM IST

वीरवार को पेश होने वाले बजट को लेकर मालवा के साथ बठिंडा के लोगों को रेलवे की लंबित योजनाओं को शुरू करने के साथ उद्योगों का पलायन रोकने और नए उद्योगों का आगमन प्रशस्त करने को लेकर बजट में कोई अप्रत्यक्ष घोषणा की मांग कर रहे हैं। पहली बार रेल बजट अब आम बजट में ही पेश किया जाएगा। बठिंडा में केंद्रीय योजनाओं में शामिल एम्स, बायो-एथनॉल प्लांट लगाने के लिए रास्ता साफ करने की उम्मीद है। इन दोनों योजनाओं में केंद्र अब तक राज्य सरकार की तरफ से हिस्सा नहीं देने के कारण काम शुरू नहीं होने की बात कर रहा था। वहीं रेल योजनाओं में बठिंडा से तलवंडी साबो तक और कोटकपूरा से मोगा व राजपुरा से चंडीगढ़ तक के रेलमार्ग को मंजूरी देने की मांग कर रहे हैं। यह 3 रेल योजनाएं एक दशक से लटक रही है जबकि इन तीनों मार्गों में कई बार रेल विभाग सर्वे भी कर चुका है। फिरोजपुर से चंडीगढ़ ट्रेन को फाजिल्का से चलाने, फाजिल्का से हरिद्वार के लिए सीधी ट्रेन, जलालाबाद-मुक्तसर नई रेल लाइन, जालंधर व जालंधर कैंट स्टेशनों के आधुनिकीकरण, फरीदकोट में छह रेलवे ओवरब्रिज बनाने की मांग, राजपुरा-मोहाली रेल लाइन का बाकी 14 किमी. हिस्सा पूरा कर चंडीगढ़ को सीधे मालवा से जोड़ने की मांगों के अलावा मोगा-कोटकपूरा की मांग की जा रही है। वहीं व्यापार जगत से जुड़े लोग रेल विभाग से दिल्ली-चंडीगढ़-अमृतसर हाई स्पीड रेल गलियारे को प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने और लुधियाना तक बनने वाले ड्राईपोर्ट गलियारे को अटारी चेक पोस्ट तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। चंडीगढ़ आने-जाने के लिए महंगे बस सफर पर निर्भर रहना पड़ता है राजपुरा से बठिंडा वाया पटियाला रेल लाइन को डबल लाइन करने की मांग भी लंबे समय से पूरी नहीं हुई है। इस बार लोग रेल परियोजनाओं में नई दिल्ली शताब्दी वाया पटियाला, पटियाला-चंडीगढ़ रेल लिंक, बठिंडा से लुधियाना-जालंधर ट्रेन आदि परियोजना की उम्मीद कर रहे हैं।

सेहत से जुड़ी सभी आधुनिक सुविधाएं देने के लिए एक साल पहले बठिंडा में एम्स प्रोजेक्ट का नींव पत्थर रखा गया इससे कैंसर, हृदय और जटिल सर्जरी के मरीजों को खासा लाभ होना था। केंद्र सरकार ने 27 जुलाई 2016 को बठिंडा में एम्स अस्पताल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी । इस एम्स का सबसे बड़ा लाभ राज्य में बढ़ रहे कैंसर रोगियों, हृदय व जटिल सर्जरी के मरीजों को होना है यह प्रोजेक्ट करीब 4 साल में बनना था लेकिन अभी तक इसमें काम शुरू नहीं किया जा सका है। राजनीतिक तौर पर केंद्र राज्य सरकार से एनओसी नहीं मिलने व बनता हिस्सा जमा नहीं करवाने से काम शुरू नहीं करने की बात कर रही है लेकिन जमीनी स्तर पर लोग इस बजट’में इसका स्थायी हल निकालने व फंड जारी करने की उम्मीद कर रहे हैं।

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