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31 हजार करोड़ की क्रेडिट लिमिट को कर्ज में बदलने का फैसला मेरी सहमति से हुआ : परमिंदर ढींढसा

पूर्व वित्तमंत्री परमिंदर सिंह पत्रकारों से बात करते हुए। भास्कर संवाददाता| बठिंडा वित्तमंत्री मनप्रीत...

Danik Bhaskar

Apr 01, 2018, 02:10 AM IST
पूर्व वित्तमंत्री परमिंदर सिंह पत्रकारों से बात करते हुए।

भास्कर संवाददाता| बठिंडा

वित्तमंत्री मनप्रीत बादल की तरफ से पूर्व अकाली सरकार के समय में लिए गए कर्ज को लेकर बार-बार बयान जारी करने पर पूर्व वित्तमंत्री परमिंदर ढींढसा ने जबाव देते कहा कि उनका फैसला पंजाब के हित में था। पंजाब की 31 हजार करोड़ कैश क्रेडिट लिमिट को मियादी कर्जे में बदलने का फैसला मेरी सहमति के साथ अकाली-भाजपा कैबिनेट ने सामूहिक तौर पर लिया था। इसके साथ पंजाब को क्रेडिट लिमिट पर पड़ रहे ब्याज के मुकाबले मियादी कर्ज के रूप में कम ब्याज अदा करना पड़ रहा है। पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा बठिंडा में पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे। वह आज यहां अपने मामा प्रो. जसवीर सिंह गिल के घर आए हुए थे। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी में अकाली सरकार की तरफ से राज्य के हितों को ध्यान में रखकर दिए सुझावों का ही नतीजा है कि मौजूदा समय आमदन में 14 प्रतिशत विस्तार हुआ है, जिस के साथ 5 सालों के दौरान 5 हजार करोड़ से अधिक वित्तीय लाभ राज्य को मिलेगा। ढींढसा ने कहा कि कांग्रेसी मंत्रियों नवजोत सिद्धू और मनप्रीत बादल की तरफ के बादल परिवार पर की गैर जिम्मेवार टिप्पणियां उनके निम्न स्तर की राजनीति का सबूत हैं। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने ई-वे बिल शुरू करना चाहिए और जीएसटी विभाग से तालमेल करके टैक्स चोरी रोकनी चाहिए। इस मौके जसवीर सिंह गिल सूबा प्रधान पॉलीटैक्निक कालेज टीचर्स एसोसिएशन भी उपस्थित थे।

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