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रेप केस में 20 साल की सजा काट रहे युवक ने जेल में लगाया फंदा

केंद्रीय जेल में दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा काट रहे गांव रायखाना के 23 साल के कैदी अमृतपाल सिंह ने खुदकुशी कर...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:10 AM IST
केंद्रीय जेल में दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा काट रहे गांव रायखाना के 23 साल के कैदी अमृतपाल सिंह ने खुदकुशी कर ली। युवक की लाश जेल के बाथरूम की ग्रिल में फंदे के साथ लटकी हुई मिली। घटना शनिवार को सुबह करीब 8.30 बजे बताई जा रही है। जेल कर्मचारियों ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल में पहुंचाया। यहां तीन डॉक्टरों के बोर्ड ने सीजेएम के सामने कैदी की लाश का पोस्टमार्टम किया। नथाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद लाश को परिजनों को सौंप दिया। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के पास कैदी के पिता ने बयान दर्ज करवाए कि उसके बेटे ने जेल में ही बंद कुछ लोगों से परेशान होकर सुसाइड किया। इसके बाद मामले की मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। नथाना पुलिस के एएसआई लक्ष्मण सिंह ने बताया कि उन्हें शनिवार को जेल से साढ़े 8 बजे के करीब फोन आया कि किसी कैदी ने जेल में खुदकुशी कर ली है। उन्होंने बताया कि कैदी की पहचान अमृतपाल सिंह के तौर पर हुई जिस पर अपने ही गांव की ही नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने मामले में 2015 में थाना मौड़ मंडी में दुष्कर्म का केस दर्ज किया था। अमृतपाल को 29 नवंबर 2017 को कोर्ट ने 20 साल की कैद और 3 लाख 20 हजार रुपए सजा सुनाई थी।

अमृतपाल सिंह।

पिता ने सीजेएम के पास दर्ज करवाए बयान

अमृतपाल के पिता सुखमंदर सिंह ने सीजेएम के पास दर्ज करवाए बयान में बताया कि उसका बेटा 26 मार्च 2018 को एक अन्य केस में पेशी पर बठिंडा कोर्ट में आया था। तब उसके बेटे ने उसे बताया था कि उसे जेल में बंद शिकायतकर्ता पक्ष के रिश्तेदार कैदी से परेशान करते हैं और धमकियां देते हैं। इसी वजह से उसका बेटा परेशान चल रहा था। उक्त लोगों से परेशान होकर उसके बेटे ने खुदकुशी कर ली। वहीं सुखमंदर सिंह ने बताया कि जेल में उसके बेटे की मौत के बारे में जेल कर्मचारियों ने बताया तक नहीं जब कि उन्हें इसकी जानकारी सोशल मीडिया और अन्य लोगों से मिली।

10 माह पहले भी घटित हुई घटना

केंद्रीय जेल में बंद कैदी दिनेश पासवान ने 25 मई 2017 को जेल में बनी फैक्टरी में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक को नशा तस्करी के तहत 10 साल की कैद हुई थी। मृतक के चार बच्चे हैं । दिनेश कुमार बिहार का रहने वाला था। उसका परिवार पिछले 20 साल से पटियाला में रह रहा था। रेलवे पुलिस ने एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत एक केस दर्ज किया था और इस केस की सजा इसे 17 मई 2017 को हुई जिसमें इसे 10 साल कैद की सजा सुनाई गई थी।