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सेवा केंद्रों को बंद करने के फैसले के विरोध में वित्तमंत्री ऑफिस के बाहर की नारेबाजी

पंजाब सरकार के अतिरिक्त सेवा केंद्रों को बंद करने के फैसले का पता चलते ही इनमें काम करने वाले मुलाजिमों में घबराहट...

Danik Bhaskar | Feb 02, 2018, 02:15 AM IST
पंजाब सरकार के अतिरिक्त सेवा केंद्रों को बंद करने के फैसले का पता चलते ही इनमें काम करने वाले मुलाजिमों में घबराहट फैल गई है। नौकरी जाने के डर से वीरवार को जिले के सेवा केंद्रों के मुलाजिमों ने वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और बंद किए जाने वाले सेवा केंद्रों को चालू रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर सरकार प्रदेश भर में 1,592 सेवा केंद्रों को बंद कर देगी, तो इसमें काम करने वाले हजारों नौजवान बेरोजगार हो जाएंगे, जबकि कांग्रेस सरकार ने हर घर नौकरी देने का वादा किया है। मुलाजिमों ने सरकार से कंपनी की बकाया राशि भी जल्द रिलीज कराने की मांग की, ताकि उन्हें चार महीने से पेंडिंग सैलरी मिल सके।

वित्तमंत्री मनप्रीत बादल के दफ्तर के बाहर नारेबाजी करते सेवा केंद्र के मुलाजिम।

सिर्फ 550 सेवा केंद्र ही चलाने का फैसला

पंजाब सरकार ने हाल ही में पंजाब स्टेट ई-गवर्नेंस सोसायटी की एक्जीक्यूटिव कमेटी के जरिए 2,142 में से सिर्फ 550 सेवा केंद्र ही चलाने का फैसला किया है। बाकी बचे 1,592 सेवा केंद्रों को बंद कर दिया जाएगा। वहीं, अगर मौजूदा कंपनी इन्हें नहीं चलाती तो उसे नोटिस जारी कर नई एजेंसी के लिए टेंडर भी जारी करने को कहा जा चुका है। मुलाजिमों ने बताया कि केवल बठिंडा जिले के 191 सेवा केंद्रों में लगभग 400 मुलाजिम काम कर रहे हैं। पिछले एक साल में वह जिले के आठ लाख लोगों को सरकारी सेवाओं की सहूलियत दे चुके हैं। अगर सेवा केंद्र बंद किए जाते हैं तो उनका रोजगार छिन जाएगा। मौके पर प्रीतपाल सिंह, हरमीत सिंह, जगजीत सिंह, अमित कुमार, हरमीत सिंह, गुरजीवन सिंह, गगनदीप सिंह, राजीव कुमार, दविंदर बांसल, परमिंदर पाल, गुरप्रीत सिंह, जगदीप सिंह, हरविंदर सिंह, संदीप कुमार व जतिंदर मौजूद थे।