Hindi News »Punjab »Bhatinda» 1 डाक्टर के अचानक छुट्टी पर जाने पर ओपीडी में लगीं लाइनें, मायूस लौटे

1 डाक्टर के अचानक छुट्टी पर जाने पर ओपीडी में लगीं लाइनें, मायूस लौटे

सिविल अस्पताल में स्पेशलिस्ट डाक्टरों की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों को...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 02:15 AM IST

सिविल अस्पताल में स्पेशलिस्ट डाक्टरों की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों को डाक्टर न मिलने के कारण उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ता है या फिर निजी अस्पतालों में इलाज करवाने काे मजबूर हैं। वर्तमान में अस्पताल में दो एमडी मेडिसिन डाक्टर मौजूद हैं लेकिन वह कब और किस समय मिलेंगे इसकी कोई गारंटी नहीं। वीरवार को अस्पताल खुलते ही ओपीडी के कमरा नंबर 16 में इलाज के लिए मरीजों की भीड़़ लग गई। ओपीडी में डाक्टर रमेश महेश्वरी व रमनदीप गोयल एमडी मेडिसिन के तौर पर तैनात हैं मगर वीरवार को डा. रमेश महेश्वरी अचानक छुट्टी पर चले गए जिस कारण भीड और बढ़ गई और पूरी जिम्मेदारी सिर्फ एक ही डाक्टर पर रही। ऐसे में दूरदराज से आए मरीजों को शाम तक इंतजार करना पड़ा तब भी नंबर न आने की स्थिति में उन्हें बिना इलाज के ही लौटना पड़ा। सर्दियों में डॉक्टरों की छुट्टियां मरीजों पर भारी पड़ सकती हैं, क्योंकि सर्दियों में खांसी-जुकाम व सांस रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। ओपीडी में रोजाना सैकड़ों नए मरीज पहुंच रहे हैं।

मरीजों की संख्या को देखते हुए डाक्टरों की व्यवस्था करनी चाहिए

ओपीडी ब्लाक के कमरा नंबर 16 में डाॅक्टर के कमरे के बाहर मरीजों की भीड़।

भीड़ देखकर ही लौट गई

तरुण जीत कौर वासी बाजक पीलिया की शिकायत होने पर चेकअप करने व इलाज के लिए अस्पताल आई थी, लेकिन मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण तीन घंटे इंतजार करने के बाद वापस लौट गई। इसी तरह नंदिनी बलराज नगर, मोती सिंह वासी कोटशमीर, राजविंदर कौर वासी बज्जुआना ने कहा कि सरकार को डॉक्टरों का प्रबंध करना चाहिए।

डॉक्टर्स की कमी के बारे में लिखा है

ओपीडी में डा. रमेश माहेश्वरी और डा. रमनदीप गोयल की ड्यूटी है। लेकिन वीरवार को डा. माहेश्वरी के अचानक छुट्टी जाने के कारण एक ही डाक्टर को ही मरीजों को देखना पड़ा। जिसके चलते मरीजों को परेशानी हुई। डाक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए हम विभाग को लिख चुके हैं। डा. सुखजिंदर गिल, एसएमओ।

पेट में दर्द से परेशान थी, साढ़े 9 बजे से कर रही हूं इंतजार

अस्पताल पहुंची खुशमीत कौर वासी बुर्जमेहमा पेट दर्द से परेशान थी और सुबह साढ़े नौ बजे से अपनी बारी का इंतजार करती रही। अगर सरकार सही तरीके से लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देना चाहती है तो डाक्टरों की संख्या बढ़ाए।

9 बजे से बैठी हूं, 11 बजे तक नंबर नहीं आया

नसीब कौर वासी रुलदूवाला डबवाली थायरायड व अमनदीप सिंह वासी रामपुरा पीलिया का चेकअप करवाने 9 बजे से ओपीडी के बाहर बैठे हैं मगर 11 बजे तक नंबर नहीं अाया। उन्हें निजी अस्पताल में जाना पड़ा। गुरचरण सिंह वासी बंगी जो छाती में दर्द होने के कारण इलाज करवाने पहुंचे ने कहा कि खेद की बात है कि सरकार यहां डाक्टरों की कमी को पूरा करने में हमेशा विफल रहती है।

सेंट्रल यूनिवर्सिटी की छात्रा अर्शदीप कौर किडनी में तकलीफ होने के कारण डाक्टर को दिखाने आई। उसने कहा कि एमडी मेडिसिन डाक्टरों को विभाग द्वारा किसी भी प्रकार का अतिरिक्त कार्यभार नहीं देना चाहिए। मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन को डाक्टरों की व्यवस्था करनी चाहिए। अगर डाक्टर पर छुट्टी पर गए हैं तो कमरे के बाहर सूचना जरूर लिखा होना चाहिए ताकि मरीजों को परेशानी न हो।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Bhatinda

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×