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बालाजी जब मेरे साथ हंै... भजन पर नाचे भक्त

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 02:15 AM IST

Bhatinda News - श्री महावीर संकीर्तन मंडल द्वारा श्री हनुमान जन्मोत्सव पूरी धूमधाम से वीर कॉलोनी स्थित वीर भवन में मनाया गया।...

बालाजी जब मेरे साथ हंै... भजन पर नाचे भक्त
श्री महावीर संकीर्तन मंडल द्वारा श्री हनुमान जन्मोत्सव पूरी धूमधाम से वीर कॉलोनी स्थित वीर भवन में मनाया गया। गायत्री परिवार द्वारा श्री सत नारायण गर्ग द जनक राज गर्ग तथा उनके परिवार के हाथों हवन करवाने के साथ इस कार्यक्रम का आरंभ हुआ। इसके बाद पंडित युवराज व कांता सचदेवा द्वारा सामूहिक सुन्दरकांड का पाठ करवाया गया। सुदर्शन गुप्ता पीजानो वाले व मनोहर लाल द्वारा सवामणी लगवाई गई। सहारा जनसेवा के प्रधान विजय गोयल, आसरा वेलफेयर के रमेश मेहता व गुडविल सोसायटी के विजय बरेजा विशेष रूप से इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इसके बाद भजन गायक ललित गर्ग, हैप्पी कोहली,विक्की शर्मा,मोहिंदर पाल व मोंटू सिंह द्वारा सुंदर-सुंदर भजनों के माध्यम से श्री हनुमान जी का गुणगान किया गया। मंडल प्रधान सुरिंदर वैद द्वारा गए भजन ‘बाला जी जब मेरे साथ हैं पर भक्त जन झूम झूम कर नाचने लगे। इस मौके पर जवाहर मेडिकल व लकी बूट हाउस द्वारा भंडारा में सहयोग दिया गया, जबकि हरी ओम शंकर चरण पादुका सेवा दल की टीम द्वारा भंडारा के वितरण व जूतों की संभाल में पूर्ण सहयोग दिया। इस मौके पर एमआर जिंदल, सुरिंदर बांसल, दीना नाथ, स्वीटी गर्ग, दपिंदर, उमेश, सुरिंदर, प्रदीप, सुशील, रिंदर, पवन, पिंकी चावला, जीवन गर्ग, वरुण, रमेश, कमल, पवन व संजू उपस्थित थे।

भक्त के समस्त गुणों को हनुमान जी ने चरितार्थ किया है: साध्वी

बठिंडा| दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से रामपुरा फूल में तीन दिवसीय सुंदर कांड प्रसंग करवाया गया। साध्वी परमजीत भारती ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने बड़े ही मार्मिक ढंग से इस कथा को श्रीराम चरित्र मानस में वर्णित किया है। इसमें श्री हनुमान जी के माध्यम से सच्ची भक्ति का मार्ग दिखाया गया है। यह बताया गया है कि किस प्रकार से एक शिष्य को अपने प्रभु का निरंतर ध्यान सुमिरन करते हुए बड़ी से बड़ी बाधा को पार किया जा सकता है। भक्त के समस्त गुणों को हनुमान जी ने चरितार्थ किया है। जब मां जानकी की खोज करने के लिए समुद्र पार कर लंका जाना था तो कोई भी इस कार्य को करने का साहस नहीं कर पाता, तब हनुमान जी के पास जामवंत जाकर उनकी छुपी हुई शक्ति को जागृत करते हैं। तब हनुमान जी विशाल आकार धारण कर उड़ान भरते हैं। मार्ग में उन्हें अनेक बाधाओं का सामना करना पड़ा। लेकिन हनुमान जी विचलित नहीं होते। हनुमान जी हमें समझा रहे हैं जब हमारा ध्यान मन हमारे ध्येय में ही होगा ताे बाधा हमारे मार्ग में रुकावट नहीं बन सकती और मानव का जीवन का लक्ष्य मात्र प्रभु की प्राप्ति है।

सुनाती साध्वी।

हनुमान जयंती पर सुंदरकांड पाठ का श्रवण करते श्रद्धालु। भास्कर

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