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फीस रेगुलेटरी कमीशन का फैसला आने तक पेरेंट्स नहीं भरेंगे एनुअल फीस

प्राइवेट स्कूलों की मनमानियों से सताए पेरेंट्स ने फैसला लिया है कि फीस रेगुलेटरी कमीशन के फैसला आने तक वे स्कूल...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:15 AM IST
प्राइवेट स्कूलों की मनमानियों से सताए पेरेंट्स ने फैसला लिया है कि फीस रेगुलेटरी कमीशन के फैसला आने तक वे स्कूल में एनुअल फीस नहीं भरेंगे। पेरेंट्स के अनुसार स्कूलों ने अब री-एडमिशन और कैपिटेशन फीस का नाम बदलकर एनुअल चार्ज अथवा एनुअल फंड करके कमीशन और सीबीएसई को भ्रमित करने का प्रयास किया है। इससे सीधे तौर पर पेरेंट्स ही शिकार हो रहे हैं, इसलिए पेरेंट्स अब एकजुट होकर संघर्ष की तैयारियों में जुट गए हैं।

रविवार को टीचर्स होम में हुई पेरेंट्स राइट्स एसोसिएशन की बैठक में मिल्क प्लांट के रिटायर्ड पेंशनर भी शामिल हुए और स्कूलों के खिलाफ किए जा रहे संघर्ष में हरसंभव सहयोग का वादा किया। रिटायर पेंशनरों ने ऐलान किया कि फीस रेगुलेटरी कमीशन के अध्यक्ष डिविजनल कमिश्नर फरीदकोट का फैसला आने तक कोई भी पेरेंट्स स्कूलों में एनुअल फीस नहीं भरेगा। इस संदर्भ में वे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ते अपने पोते अथवा दोहतों की एनुअल फीस नहीं भरने के लिए अपने बच्चों को भी प्रेरित करेंगे।

उन्होंने कहा कि हर बार की तरह इस बार भी प्राइवेट स्कूलों में एनसीआरटी बुक्स नहीं लगवाई बल्कि महंगे प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें अपनी चुनिंदा दुकानों से खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

सीबीएसई नियमों की अनदेखी करने वाले प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी। वहीं कोई कार्यवाही न होने की सूरत में अपनी आवाज बुलंद करने के लिए सभी पेरेंट्स सड़कों पर उतरेंगे।

बैठक में रिटायर्ड पेंशनर मिल्क प्लांट की ओर से मोहन लाल, कुलवंत सिंह के अलावा पेरेंट्स राइट्स एसोसिएशन के रोहित शर्मा, राकेश कुमार, संजीव कुमार सोनी समेत अनेक पेरेंट्स हाजिर रहे।

एनुअल फीस व चार्ज न देने को लेकर विमर्श करते पेरेंट्स एसोसिएशन के सदस्य।