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दाे दिन से मेडिकल किट खत्म होने से असलहा धारकों के डोप टेस्ट रुके

असलाह धारकों के सिविल अस्पताल में किए जा रहे डोप टेस्ट 2 दिन से मेडिकल किट्स खत्म होने की वजह से नहीं हो पा रहे।...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:10 AM IST

असलाह धारकों के सिविल अस्पताल में किए जा रहे डोप टेस्ट 2 दिन से मेडिकल किट्स खत्म होने की वजह से नहीं हो पा रहे। अस्पताल की लेबोरेटरी के डॉक्टरों के अनुसार डोप टेस्ट में प्रयोग होने वाली एक किट खत्म हो गई है। किट खत्म होने के कारण सोमवार को 70 से 80 लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। प्रशासन द्वारा आननफानन में इस प्रक्रिया को शुरू करने तथा स्टाक में किट न होने की वजह से खमियाजा धारकों को भुगतना पड़ रहा है। गौर हो कि लेबोरेटरी में अब तक 2020 के करीब टेस्ट किए जा चुके है। जानकारी के अनुसार शहर में लगभग 25 हजार असलह धारक है। शहर में वारदातों के दौरान असलह इस्तेमाल करने के चलते प्रशासन की ओर से डोप टेस्ट करवाने के लिए कहा गया है। इससे धारक के शरीर में ड्रग मौजूद है या नहीं इसका चेकअप होगा। सिविल अस्पताल में करवाए जा रहे इन टेस्ट की फीस 1500 रुपए फीस रखी गई है। लक्ष्मण सिंह वासी शेरगढ़ ने कहा कि वह पिछले सप्ताह से लगभग 5-6 बार चक्कर लगा चुके हैं। तीन बार लैब से टोकन नहीं मिला जिस कारण टेस्ट से वंचित रह गए और सोमवार को आने पर पता चला कि किट खत्म है। रणजीत सिंह वासी जलाल ने कहा कि डोप टेस्ट के लिए 1550 रुपये जमा करवाए जा रहे हैं। लेकिन रसीद 1500 रुपये की दी जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर आवेदक से 1550 रुपये लिए जा रहे है तो उन्हें फीस की पूरी रसीद देनी चाहिए। लैब इंचार्ज रिचा अग्रवाल ने कहा कि डोप टेस्ट में प्रयोग होने वाली किट आवश्यकता अनुसार मंगवाया जाता है। रोजाना 50 आवेदकों के डोप टेस्ट किए जाते हैं। शुक्रवार को खत्म हो गया था,आने के बाद ही आवेदकों के टेस्ट होंगे। उन्होंने कहा कि डोप टेस्ट के लिए 1500 रुपये ही लिए जाते हैं और फार्म पर सेना का स्टीकर लगाया जाता है जिसके एवज में 50 रुपये की अतिरिक्त फीस ली जाती है।

आर्म्स रखने का शौक महंगा हुआ

सरकार की ओर से लाइसेंस फीस कई गुणा बढ़ा देने से अब आर्म्स रखने का शौक महंगा हो गया है। नए आर्म्स लाइसेंस के लिए 15 हजार रेड क्रॉस सहायता एवं आर्म्स प्रशिक्षण आदि तकरीबन 25 हजार फीस देनी पड़ती है। पुराने लाइसेंस धारकों को लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए सेवा केंद्र सुविधा फीस समेत तकरीबन 18 सौ रुपये अदा किए जाते थे। अब 1500 रुपये डोप टेस्ट फीस सरकार ने निर्धारित कर दी है। पंजाब राज्य सेहत निगम ने 17 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी किया है। डोप टेस्ट के लिए पेशाब के नमूने के अलावा किट से अफीम, डोडे, भंग, कोकीन, हेरोइन एवं स्मैक या नशीली दवा के नशे का पता चल जाता है।

किट खत्म थी तो फीस जमा क्यों करवाई

डोप टेस्ट के लिए पहुंचे दीपक दास ने कहा कि वह सुबह 8.30 बजे लाइन में खड़े होकर सभी प्रक्रियाएं पूरी की। अंत में पता चला कि डोप टेस्ट की किट खत्म हैं। उन्होंने कहा कि अगर अस्पताल में किट खत्म थी फीस क्यों जमा करवाई गई।

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