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भगत पूर्ण सिंह सेहत बीमा योजना का हाल

बीपीएल कार्ड होल्डरों को मुफ्त में इलाज की सुविधा देने के लिए शुरू की गई भगत पूर्ण सिंह सेहत बीमा योजना का लाभ लेने...

Danik Bhaskar

Apr 17, 2018, 03:10 AM IST
बीपीएल कार्ड होल्डरों को मुफ्त में इलाज की सुविधा देने के लिए शुरू की गई भगत पूर्ण सिंह सेहत बीमा योजना का लाभ लेने के लिए 6 महीनों से लाभार्थियों को परेशान होना पड़ रहा है। वहीं इसमें भी राजनीतिक रंग देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां जिले के करीब 40 सरकारी व प्राइवेट अस्पताल 6 महीने से बकाया डेढ़ करोड़ रुपए मिलने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के गांव मेहराज के सीएचसी में सिर्फ 4 केसों को छोड़कर बाकी सभी क्लियर कर दिए हैं। इनका 4 हजार रुपए पेडिंग है। जबकि योजना के तहत हुए एग्रीमेंट के समय सारी अदायगी 30 दिन में करने की बात हुई थी। अब हालात यह हैं कि प्राइवेट अस्पताल वाले 31 अक्टूबर 2017 के बाद मरीजों का इलाज करने में हाथ पीछे खींच रहे हैं तो सरकारी अस्पताल वाले मरीजों को फरीदकोट अस्पताल में रेफर कर रहे हैं।

अस्पतालों का पैसा बकाया, मरीज किए जा रहे रेफर

मानसा में डॉक्टरों ने 22 अप्रैल से मरीजों का इलाज

न करने की दी चेतावनी

अब मानसा में प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टरों द्वारा 22 अप्रैल से गरीब लोगों का इलाज न करने का फैसला किया गया है। इसको लेकर विभिन्न प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टरों ने सिविल सर्जन के नाम सेहत विभाग, डिप्टी कमिश्नर मानसा, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को लिखित मांग पत्र भेजे हैं। इसमें डॉक्टरों ने कहा कि अगर 20 अप्रैल तक अदायगी न की गई तो वह 22 अप्रैल के बाद इस स्कीम के तहत गरीब व जरूरतमंद मरीजों का इलाज नहीं करेंगे। इस संबंध में डा. तेजिंदरपाल सिंह रेखी, डा. सुखदेव सिंह डुमेली, डा. कुलवंत सिंह, डा. राजन सिंगला, डा. प्रदीप कुमार बांसल, डा. राज कुमार, अनिल कुमार ने कहा कि उनके द्वारा भगत पूर्ण सिंह बीमा योजना के तहत काफी समय से काम किया जा रहा है लेकिन इस स्कीम के तहत उनके द्वारा दी गई सेवाओं के बदले यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी द्वारा विगत 5 माह की रकम की अदायगी अभी तक नहीं की गई। जिसके कारण वह इस स्कीम के तहत अन्य सेवाएं निभाने उनके लिए अब अमली रूप से संभव नहीं रहा है।

डॉक्टरों ने सरकार को पत्र लिखकर पैसे देने की अपील की

भगत पूर्ण सिंह सेहत बीमा योजना के तहत पैसे जारी न होने को लेकर जिले के डॉक्टरों की ओर से भी सरकार को पत्र लिखकर पैसे देने की अपील की है। उन्होंने कई बार ईमेल भी किए, मगर कोई जवाब नहीं आया। जबकि वह 50 फीसदी छूट के साथ मरीजों का योजना के तहत इलाज करते हैं। उनके द्वारा इसकी कॉपी प्रधानमंत्री, सीएम पंजाब, भारत सरकार के सेहत मंत्री, पंजाब सरकार के हेल्थ मंत्री, पंजाब सरकार के फाइनेंस मंत्री, सांसद बठिंडा के अलावा डायरेक्टर पीएचएससी मोहाली, सिविल सर्जन बठिंडा, डीएमसी बठिंडा को भी भेजी गई है।

1 नवंबर 2016 से 31 अक्टूबर 2017 तक की स्थिति

सरकारी अस्पताल केस बकाया

रामपुरा 112 9,02,150

बठिंडा 250 17,10,175

भगता 29 1,06,900

गोनियाना 26 96,750

तलवंडी 29 2,12,375

मेहराज 4 6 हजार

भुच्चो 1 450

नथाना 11 19,850

कुल 462 30,54,650

इनका भी बकाया| यहां ध्यान दें कि 1 नवंबर 2016 से 31 अक्टूबर 2017 तक जिले के इन सरकारी व प्राइवेट 23 अस्पतालों के 1106 केसों के 97,38,097 रुपए बकाया हैं। जबकि ऐसे ही जिले में 15 प्राइवेट अस्पताल ओर हैं, जिनका करीब 50 लाख रुपए का बकाया पेंडिंग पड़ा है, जिसको लेकर वह सरकार के पास अपील कर रहे हैं।

सरकार जल्द पैसे करे जारी : डॉ. विकास

आईएमए, बठिंडा के प्रधान डॉ. विकास छाबड़ा का कहना है कि भगत पूर्ण सिंह सेहत बीमा योजना के तहत जिन अस्पतालों में इलाज की सुविधा दी जाती है। उनका 6 महीने से बकाया है। अभी तक कई बार पत्र लिखने के बाद भी पैसे क्लियर नहीं किया गया, जिसके चलते वह अब मरीजों का इलाज करने में भी पीछे हो रहे हैं। जबकि यह योजना गरीब लोगों के लिए शुरू की गई है, जिसको देखते हुए सरकार को चाहिए कि वह इनका जल्द हल करे।

प्राइवेट अस्पताल केस बकाया

बडियाल 11 1,02,250

चहल 41 7,03,250

जेम- 11 2,09,400

मेजर गुप्ता 8 93,700

आदेश 63 2,78,460

नवजीवन 38 5,99,300

बठिंडा लेसिक 14 82,500

नागपाल 164 17,25,687

गुप्ता 10 1,07,350

गुरु रामदास 77 8,86,150

किरण 12 1,81,250

जिंदल ईएनटी 86 5,53,900

अपेक्स 50 4,84,400

अमन 5 91,550

छाबड़ा 54 8,84,300

कुल 644 66,83,447

(आंकड़े रुपए में)

इस संबंधी पत्र भेजा है : डीसी

बठिंडा के डिप्टी कमिश्नर दीप्रवा लाकड़ा का कहना है कि भगत पूर्ण सिंह सेहत बीमा योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि को लेकर सरकार को लिखकर भेज दिया है। अब सरकार को पैसे क्लियर करना है। इसके बारे में वह कुछ नहीं कह सकते।

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