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बठिंडा सिविल अस्पताल में नहीं है हीमोफीलिया के इलाज का प्रबंध

बठिंडा| हीमोफीलिया का इलाज महंगा होने से मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पाता। बठिंडा सिविल अस्पताल में हीमोफीलिया से...

Danik Bhaskar

Apr 17, 2018, 03:15 AM IST
बठिंडा| हीमोफीलिया का इलाज महंगा होने से मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पाता। बठिंडा सिविल अस्पताल में हीमोफीलिया से पीड़ित मरीजों के लिए कोई सुविधा नहीं है। अस्पताल में हीमोफीलिया से पीड़ित मरीजों के आने पर अस्पताल की ओर से सिर्फ प्राथमिक सहायता देते हुए पीजीआई व अन्य अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है। हीमोफीलिया अनुवांशिक बीमारी है, जिससे पुरुष पीड़ित होते हैं और महिलाएं इसकी वाहक होती हैं।

एमडी मेडिसिन डाक्टर रमनदीप गोयल ने कहा, यह बीमारी अक्सर बचपन में सामने आ जाती है। वैसे किसी भी उम्र के लोग इससे पीड़ित हो सकते हैं। व्यक्ति के रक्त में फैक्टर आठ व नौ की कमी के के चलते यह बीमारी होती है और पीड़ित मरीज को शरीर के किसी हिस्से में आंतरिक या बाहरी रक्तस्राव होने लगता है। रक्त जमकर ट्यूमर का रूप ले लेता है। इससे ग्रस्त व्यक्ति के कान, नाक व मुंह समेत शरीर के विभिन्न अंगों से रक्त स्राव होता रहता है। चोट या दुर्घटना में यह बीमारी जानलेवा साबित होती है।

ये हैं लक्षण: घुटनों व जोड़ों में दर्द, जोड़ों में सूजन, नाक से खून निकलना, खाना खाते समय दांतों से खून निकलना, पेशाब के रास्ते खून आना, खून निकलने के स्थान पर थक्का नहीं जमना, लंबे समय से सिरदर्द या गर्दन में दर्द रहना, गर्दन का ठीक ढंग से नहीं मुड़ना, अधिक उल्टियां आना।

हीमोफीलिया डे आज


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