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यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे स्टेशन पर गैस सिलेंडर पर पाबंदी

रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा का हवाला देते हुए हुए रेलवे स्टेशनों पर गैस सिलेंडर के इस्तेमाल पर तुरंत प्रभाव से...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 03:15 AM IST

यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे स्टेशन पर गैस सिलेंडर पर पाबंदी
रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा का हवाला देते हुए हुए रेलवे स्टेशनों पर गैस सिलेंडर के इस्तेमाल पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। कमर्शियल विभाग के आदेश मिलते ही वीरवार को अंबाला डिविजन से पहुंचे अधिकारियों स्टाल व रेहड़ियों से गैस सिलेंडर हटवा दिए। अंबाला रेलवे डिवीजन के अधीन आते सभी रेलवे स्टेशनों पर गैस सिलेंडर के इस्तेमाल पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। सीनियर डीसीएम प्रवीण द्विवेदी गौड़ ने इस संबंध में पत्र जारी कर डिविजन के तमाम स्टेशन प्रबंधकों को आगाह कर दिया है।

नई नीति

स्टाल-रेहड़ी चालकों ने काम चौपट रहने की जताई विवशता, खाना गर्म करने और पकाने का वैकल्पिक बंदोबस्त देने का किया आग्रह

आगजनी की घटना के बाद कुछ समय होती है पाबंदी स्टेशन अथवा प्लेटफार्म पर आगजनी की घटना के बाद अक्सर रेलवे की ओर से स्टालों-रेहड़ी से गैस सिलेंडर का प्रयोग बंद करवा दिया जाता है। करीब 4 साल पहले भी गंभीरता दिखाते हुए सिलेंडर बंद करवा दिए गए जबकि प्रभावशाली लोगों का प्रेशर बढ़ने के साथ ही कुछ समय बाद सिलेंडर पहले की तरह स्टेशनों पर इस्तेमाल होने लगे। आलाकमान के निर्देशों का पालन करते हुए एक बार फिर से स्टेशन पर सिलेंडर का इस्तेमाल बंद करवा दिया गया है, स्टाल संचालक वेंडरों के तर्क को अनसुना करते हुए सिलेंडर उठवा दिए गए।

स्टेशन की स्टाल से सिलेंडर उतारने के बाद टंकी में घर से तैयार चाय बेचता वेंडर।

इलेक्ट्रिकल उपकरण का प्रयोग करने की हिदायत

विगत दिवस कुछ रेलवे स्टेशनों पर आगजनी की घटनाओं को देखते हुए रेल मंत्रालय ने सभी मंडल के कॉमर्शियल अधिकारियों को सभी स्टाल व रेहड़ी पर इस्तेमाल होने वाले गैस सिलेंडर पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। उनके अधीन अहमदगढ़ से बठिंडा रेलवे स्टेशन पर स्टाल-ट्राली पर सिलेंडर हटाने शुरू कर दिया हैं। स्टाल वालों को इलेक्ट्रिकल उपकरण इस्तेमाल करने को कह है। -एमआर खान, सीएमआई बठिंडा

यात्रियों को नहीं मिलेंगे गर्मागर्म ताजा छोले-भटूरे

बठिंडा रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन 78 रेलगाड़ियां आवागमन करती हैं जिनमें 17 हजार यात्री सफर करते हैं। बठिंडा स्टेशन के 7 प्लेटफार्म पर 10 स्टाल जबकि 26 ट्राली-रेहड़ी हैं जहां से मुसाफिर गर्मागर्म चाय, भटूरे-छोले, पूरी-छोले, पकौड़े, ब्रेड पकौड़ा आदि खाकर पेट भरते थे, लेकिन अब यात्रियों को स्टाल व रेहड़ी पर मिलने वाली गर्मागर्म चाय अथवा ताजे पूरी-छोले व भटूरे नहीं मिलेंगे। यात्रियों को या तो घर से खाना लाना होगा या फिर स्टेशन पर मौजूद अन्य खान-पान की वस्तुओं पर निर्भर करना होगा।

बेस किचन को जगह न मिलने से बढ़ी मुसीबत

रेल विभाग ने सिलेंडर बंद करवा दिए लेकिन खाना पकाने के लिए स्टेशन के समीप कहीं भी बेस किचन का बंदोबस्त नहीं किया। ऐसे में वेंडरों को दूरदराज स्थित अपने घरों से चाय एवं अन्य खाद्य सामग्री तैयार करके लानी होगी जोकि मुमकिन नहीं। स्टाल संचालक तो बिजली के उपकरण माइक्रोवेव ओवन अथवा इलेक्ट्रिक तवा इंडक्शन आदि से काम चला सकेंगे लेकिन मुसीबत तो रेहड़ी-ट्राली संचालकों को होगी जिनके पास बिजली कनेक्शन न होने की वजह से गैस सिलेंडर का कोई विकल्प नहीं है।

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