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कर्जमाफी को किसानों ने आईटीआई चौक में लगाया जाम

पंजाब व केंद्र सरकार की किसान व मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ किसानों द्वारा यहां आईटीआई चौक में 12 से 2 बजे तक...

Danik Bhaskar | Feb 08, 2018, 02:00 AM IST
पंजाब व केंद्र सरकार की किसान व मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ किसानों द्वारा यहां आईटीआई चौक में 12 से 2 बजे तक चक्काजाम किया गया।

जिला मीत प्रधान दरबारा सिंह छाजला, अजैब जखेपल, सुखपाल माणक कणकवाल, रामशरण उगराहां, जसवंत सिंह तोलावाल, गोबिंद, गुरभगत, मेजर सिंह, छज्जू छाजली, जसवीर, महिंदर नमोल, संतराम छाजली, रामपाल सुनाम, पाल दौलेवाल ने कहा कि कैप्टन ने चुनाव में वादा किया था कि कांग्रेस की सरकार बनने पर किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाएगा लेकिन अब कैप्टन सरकार अपने इस वादे से पूरी तरह भाग चुकी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने बजट में किसानों को कुछ नहीं दिया है। जबकि केंद्र सरकार को किसानों का पूरा कर्ज करते हुए कर्ज कानून बनाना चाहिए था। उन्होंने मांग की कि पंजाब के सभी किसानों व मजदूरों का पूरा कर्ज माफ किया जाए, स्वामीनाथन की रिपोर्ट जल्द लागू की जाए, सूदखोरी खत्म की जाए, खेती मोटरों पर मीटर लगाने बंद किए जाएं, बेरोजगारी खत्म की जाए, कर्ज कानून बनाया जाए, बेसहारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाई जाए, खेती पर लग रहा हर प्रकार का टैक्स खत्म किया जाए। (टिंका/अशोक)

सुनाम के आईटीआई चौक में चक्काजाम करते हुए किसान ।

किसानों ने जाम लगाकर नारेबाजी की

भवानीगढ़ |भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां व भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा की अगुवाई में किसानों द्वारा मुख्य सड़क पर जाम लगाकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। इस मौके किसान यूनियन एकता डकौंदा के नेता गुरमीत सिंह भट्टीवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा सभी किसानों के कर्ज माफ करने की बजाए मोटरों पर मीटर लगाकर किसानों पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। जबकि किसान तो पहले ही आत्महत्याएं करने के लिए मजबूर हैं। उन्होंंने मांग की कि किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए अौर बिजली बिल लागू न किया जाए। इस अवसर पर जनरल सचिव जगतार सिंह कालाझाड़, कर्म सिंह बलियाल, सुखदेव सिंह, बाबू सिंह, सुखदेव सिंह, मनजीत सिंह, लाभ सिंह, जिंदर सिंह और तजिंदर सिंह मौजूद थे। (लखविंदर)

धूरी- संगरूर हाईवे पर भाकियू ने दिया धरना, यातायात ठप

धूरी |भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां और डकौंदा ग्रुप समेत 7 किसान संगठनों के आह्वान पर बुधवार को किसानों द्वारा धूरी-संगरूर राष्ट्रीय हाईवे पर 2 घंटे धरना देकर यातायात को ठप किया गया। इस मौके किसानों द्वारा केन्द्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। इस मौके किसान नेता श्याम दास कांझली, कर्मजीत सिंह छन्नां ने कहा कि कर्ज के बोझ तले दबे किसानों/मजदूरों के लिए सरकार द्वारा बजट में एक भी पैसे का प्रावधान नही रखा गया है, जबकि कॉरर्पोरेट घरानों को हर साल करोड़ों रुपए माफ कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि बेहद गंभीर आर्थिक हालातों के चलते किसान खुदकुशियां कर रहे हैं। उनके द्वारा दोपहर 12 बजे लगाया गया यह धरना दोपहर 2 बजे जाकर समाप्त हुआ। इस मौके हरबंस सिंह लड्डा, महिन्द्र सिंह, हमीर सिंह, किरपाल सिंह, दर्शन सिंह, धन्ना सिंह, मनजीत सिंह जहांगीर मौजूद थे। (राजेश टोनी)

किसानों ने लहरा-सुनाम सड़क पर चक्काजाम किया

लहरागागा |भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की अगुवाई में किसानों द्वारा लहरा-सुनाम सड़क पर 12 से 2 बजे तक चक्काजाम किया गया। किसान नेता धरमिंदर सिंह पिशोर व बहाल सिंह ढींढसा ने कहा कि केंद्र सरकार व राज्य सरकार कर्ज तले किसानों की कोई सुध नहीं ले रही है उल्टा मोटरों पर मीटर लगाकर किसानों पर और आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया बजट किसान विरोधी व शब्दों का हेरफेर है। सरकार ने अपने बजट में किसानों को कोई राहत नहीं दी है। इस अवसर पर मास्टर गुरचरन सिंह खोखर, सूबा सिंह संगतपुरा, मक्खन सिंह पापड़ा, लीला सिंह चोटीयां, राम सिंह नंगला, सुखदेव शर्मा, बिक्कर सिंह खोखर, दर्शन सिंह चंगालीवाला और बंता सिंह बलरां आदि मौजूद थे। (वरिंदर)

केंद्रीय वित्त मंत्री का पुतला फूंक जताया रोष

मालेरकोटला |भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की अगुवाई में किसानों द्वारा लुधियाना-मालेरकोटला रोड पर स्थित गांव भोगीवाल में चक्काजाम करके केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली का पुतला फूंका गया। यूनियन नेता बलजिंदर हथन, सर्बजीत भुरथला, मिट्ठू हथन, कुलविंदर भूदन ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसान आत्महत्याओं को रोकने व किसानों के कर्ज माफ करने का कोई ऐलान न करके किसान विरोधी होने का सबूत दिया है। किसानों को कोई राहत देने की बजाए किसानों की मोटरों पर मीटर लगाए जा रहे हैं। जिस कारण किसानों को मजबूर होकर सड़कों पर धरने देने पड़ रहे हैं। इस मौके अजमेर सिंह माणकी, मेला सिंह कंगणवाल, जरनैल सिंह भैणी कलां, त्रिलोचन सिंह नारोमाजरा, मनजिंदर सिंह मंगा, चंद सिंह सदोपुर, निर्मल सिंह मौजूद थे। (शरीफ)