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जांच कमेटी से असंतुष्ट यूनाइटेड अकाली दल ने संघर्ष तेज करने की दी चेतावनी

संत अंतर सिंह मस्तुआना के तप स्थान पर गुरुद्वारा गुरसागर मस्तुआना की सीमा में बनाए जा रहे गुरुघर की बनावट श्री...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 10, 2018, 02:20 AM IST

जांच कमेटी से असंतुष्ट यूनाइटेड अकाली दल ने संघर्ष तेज करने की दी चेतावनी
संत अंतर सिंह मस्तुआना के तप स्थान पर गुरुद्वारा गुरसागर मस्तुआना की सीमा में बनाए जा रहे गुरुघर की बनावट श्री हरमंदिर साहिब से मिलने को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुघर की लुक बदलने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे यूनाइटेड अकाली दल के जनरल सचिव पुरुषोत्तम सिंह फगूवाला ने एसजीपीसी की जांच कमेटी की अब तक की कारगुजारी पर असंतुष्टि जाहिर करते हुए तीखा संघर्ष शुरू करने की चेतावनी दी है। उधर, क्षेत्र के करीब दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों ने पहले ही साफ कर दिया है कि गुरुद्वारा साहिब की लुक में जरूरी तबदीली कर दी गई है, अब और तबदीली संभव नहीं है।

गुरुघर की लुक बदलने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब श्री अमृतसर द्वारा 20 जून 2009 को हुकमनामा जारी किया गया था। हुकमनामे को लागू करवाने की मांग को लेकर पुरुषोत्तम फगूवाला द्वारा 20 जनवरी को भवानीगढ़ में मरण व्रत शुरू किया गया था। जिस पर एसजीपीसी के प्रधान भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी बना दी थी। जिसके चलते 24 जनवरी को फगूवाला ने मरण व्रत खत्म कर दिया था। जांच कमेटी में शामिल भाई हरदेव सिंह रोगला, करनैल सिंह पंजोली, भूपिंदर भलवान व मलकीत चंगाल ने 27 जनवरी को यहां गुरुद्वारा नानकियाणा साहिब में बैठक करके इस मामले पर चर्चा की थी। 6 फरवरी को गुरुघर का जायजा लेना तय हुआ था लेकिन जांच टीम ने 6 फरवरी का दौरा स्थगित कर दिया था। उस दिन क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांवों के लोगों ने प्रस्ताव पास कर दिया था कि गुरुघर की लुक बदलने के लिए बनती तबदीली की जा चुकी है व इससे अधिक तबदीली संभव नहीं है। अब पुरुषोत्तम फगूवाला ने जांच कमेटी की अब तक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे ढीली कार्रवाई करार दिया है। फगूवाला ने कहा कि जांच कमेटी दो बैठकें कर चुकी हैं लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। एसजीपीसी ने जांच करवाने का भरोसा देकर उसके साथ धोखा किया है। फगूवाला ने बताया कि गुरुघर की लुक बदलने की मांग को लेकर वह साल 2015 में भवानीगढ़ में पानी वाली टंकी पर चढ़ गए थे। तब भी जांच कमेटी बनाई गई थी लेकिन कुछ नहीं हुआ। उधर, जांच कमेटी के सदस्य भाई मलकीत सिंह चंगाल का कहना है कि कमेटी तय समय एक माह के भीतर अपनी मुकम्मल रिपोर्ट एसजीपीसी के प्रधान भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल को सौंप देगी।

2009 में जारी श्री अकाल तख्त साहिब के हुक्कमनामे को लागू करवाने की मांग

बता दें कि मस्तुआना साहिब में गुरुद्वारा गुर सागर मस्तुआना की सीमा में नए गुरुद्वारा की इमारत का निर्माण करीब ४० वर्ष पूर्व शुरू किया गया था। जिसकी झलक श्री हरमंदिर साहिब की तरह दिखाई देती है। ऐसे में गुरुद्वारा की इस इमारत की बनावट को लेकर पिछले 20 वर्षों से विवाद उठता आ रहा है। १९९३-९४ में विवाद उठ खड़ा हो गया था। उस समय शिरोमणि गुरुद्वारा कमेटी ने कारसेवा को बंद करवा दिया था। जिसके बाद 20 जून 2009 को श्री अकाल तख्त साहिब से उक्त गुरुद्वारा साहिब मामले संबंधी शिकायत मिलने के बाद हुकमनामा जारी हुआ था। हुकमनामे को लागू करवाने के लिए एसजीपीसी को आदेश दिए गए थे कि श्री मस्तुआना साहिब में हरमंदिर साहिब की तर्ज पर बनाए गए संबंधित गुरुद्वारा के सरोवर को बंद कर दिया जाए, गुरुघर के अंदर जाने के लिए बनाए गए पुल पर बने गुंबदों को हटाया जाए, हर की पोड़ी बंद की जाए, गुरुद्वारा साहिब के चारों ओर बरामदा बनाया जाए, गुरुद्वारा साहिब के बीच वाले बड़े गुंबद को छोड़कर बाकी के चारों गुंबद हटा दिए जाएं व गुरुद्वारा साहिब का नाम बदलकर श्री गुरु सिंह सभा मस्तुआना साहिब रखा जाए।

संगरूर के मस्तुआना साहिब में श्री हरिमंदिर साहिब की तर्ज पर बना गुरुद्वारा।

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