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संगरूर के लाल बत्ती चौक में मोदी के पुतले को जूतों से पीटा, राहगीरों से उलझीं

केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में आंगनबाड़ी सेंटरों के लिए कोई फंड न रखने से नाराज आंगनबाड़ी मुलाजिम सड़क पर...

Danik Bhaskar | Feb 03, 2018, 03:15 AM IST
केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में आंगनबाड़ी सेंटरों के लिए कोई फंड न रखने से नाराज आंगनबाड़ी मुलाजिम सड़क पर उतर आईं हैं। शुक्रवार को जिले भर से जुटी आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन पंजाब (सीटू) की सदस्यों ने केंद्र सरकार के पुतले की शव यात्रा निकाल लाल बत्ती चौक में धरना देकर यातायात को ठप कर दिया। इस दौरान गुस्साई आंगनबाड़ी मुलाजिमों ने पुतले को जूतों से पीटा। ऐसे में शहर के सबसे अधिक भीड़भाड़ वाले लाल बत्ती चौक में जाम लगने के कारण राहगीरों व आंगनबाड़ी सदस्यों के बीच तकरारबाजी भी हुई।

यूनियन सदस्य शुक्रवार को जिला प्रधान गुरमेल कौर बिंजोकी की अगुवाई में डीसी कार्यालय के समक्ष एकत्रित हुईं। जहां से रोष मार्च करते हुए लाल बत्ती चौक पहुंचीं। चौक में धरने को संबोधित करते हुए गुरमेल कौर ने कहा कि मोदी सरकार ने सत्ता में आने से पहले चुनाव मनोरथ पत्र में वादा किया था कि आंगनबाड़ी वर्करों व हेल्परों के मान भत्ते में इजाफा किया जाएगा परन्तु अपने चौथे बजट में आंगनबाड़ी सेंटरों के लिए एक रुपए का फंड भी नहीं रखा। भाजपा सरकार ने अपने इस बजट में 27 लाख आंगनबाड़ी वर्करों, हेल्परों के साथ धोखा किया है। आंगनबाड़ी मुलाजिमों पर काम का बोझ तो दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है पर अभी तक मान भत्ते में इजाफा नहीं हुआ है। इस मौके पर जसविंदर कौर नीलोवाल, अंग्रेज कौर भवानीगढ़, रूपिंदर कौर हथोआ, मनदीप कुमारी, सरबजीत कौर, छत्रपाल कौर, कुलवंत कौर, सुनीता शाहपुर आदि उपस्थित थे।

संगरूर के लाल बत्ती चौक में मोदी सरकार के पुतले को जूतों से पीटतीं आंगनबाड़ी वर्कर्स।

केंद्र सरकार से छह महीनों से नहीं आई खुराक, दो साल से इमारतों का किराया बकाया : सुरिंदर मंडेर

चेयरपर्सन सुरिंदर कौर मंडेर ने कहा कि जिले में 3800 आंगनबाड़ी वर्कर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बजट में लगातार कटौती कर रही है। आंगनबाड़ी स्कीम के तहत फंड तो जरूर रखा है लेकिन आंगनबाड़ी मुलाजिमों के मान भत्ते के लिए एक रुपया भी नहीं रखा गया। लगातार बजट में कटौती के कारण स्कीम को चलाना मुश्किल हो रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों में 6-6 महीनों से खुराक नहीं आई है। दो साल से इमारतों का किराया बकाया पड़ा है। मोदी सरकार पूंजीपतियों को लाभ देकर गरीब लोगों को कुचलना चाहती है। सरकार के इस बजट से साफ होता है कि सरकार धीरे-धीरे आंगनबाड़ी केंद्रों को खत्म करना चाहती है। जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस ने रास्ता डायवर्ट कर वाहन निकाले

लाल बत्ती चौक में धरने के कारण वाहनों का लंबा जाम लग गया। पुलिस ने रास्ता डायवर्ट कर वाहन चालकों को निकाला। जाम के कारण रास्ता लेने की मांग को लेकर आंगनबाड़ी वर्करों व राहगीरों में काफी तकरार भी हुई। प्रदर्शन के दौरान यूनियन सदस्यों ने पुलिस मुलाजिमों को भी जाम से नहीं निकलने दिया।