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खुले आसमां के नीचे पड़ीं 1500 साइकिलें हुईं कबाड़, लाभपात्र मजदूरों को नहीं बांटी

मजदूरों को बांटने के लिए लेबर विभाग की ओर से भवानीगढ़ की गौशाला में रखे साइकिल खुले आसमां के नीचे कबाड़ बन गए हैं।...

Danik Bhaskar | Feb 15, 2018, 03:25 AM IST
मजदूरों को बांटने के लिए लेबर विभाग की ओर से भवानीगढ़ की गौशाला में रखे साइकिल खुले आसमां के नीचे कबाड़ बन गए हैं। आलम यह है कि पिछले एक साल से बरसात और धूप में साइकिलों के टायर फट चुके हैं और जंगाल बॉडी को खा रहा है। गौशाला प्रबंधकों की ओर से बार-बार विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद न तो साइकिल बांटे गए हैं और न ही गौशाला की जमीन को खाली किया गया है। नतीजन 30 लाख रुपए की कीमत के साइकिल कबाड़ का रूप धारण कर चुके हैं।

सहायक लेबर कमिश्नर विभाग के पास बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के तहत चुनाव से पहले मजदूरों को देने के लिए करीब 5 हजार साइकिलें भेजी गईं थीं। जिसे क्षेत्र में काम करते लाभपात्री मजदूरों की पहचान कर दिए जाने थे। विभाग की मानें तो विभाग 3500 साइकिल बांट चुका हैं। चुनाव के दौरान कोड ऑफ कंडक्ट लगने के कारण साइकिल देने बंद कर दिए गए थे। विभाग के पास लाभपात्री पहुंच नहीं कर रहे हैं। जिस कारण साइकिल दिए नहीं जा सके हैं। मौजूदा समय में करीब 1500 साइकिल गौशाला के तीन गोदामों में पड़ीं हैं। जिनकी हालत बेहद खस्ता हो चुकी है। साइकिलों के चारों तरफ घास पैदा हो चुका है। टायर बुरी तरह से खराब हो चुके हैं। बॉडी को जंग लग चुकी है।

मामले की जांच जरूरी: लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष में जुटे संगठनों के सदस्य अशोक मलोद, भूपिंदर लौंगोवाल, हरभगवान भीखी का कहना है कि मामले की जांच की जानी चाहिए कि आखिर साइकिल लाभपात्रियों तक क्यों नहीं पहुंचे हैं। साइकिलों के नुकसान के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।

भवानीगढ़ की गौशाला में खुले आसमां के नीचे खराब हो रहीं साइकिलें।

जगह के अभाव के कारण ठंड से दम तोड़ रही हैं गाएं : प्रधान अवतार सिंह

कमेटी प्रधान अवतार सिंह तूर ने एसडीएम को बताया कि एक साल से साइकिलें गौशाला में पड़ीं हैं। ऐसे में गायों को रखने में दिक्कत आ रही है। साइकिलों से दो शैड भी रुके पड़े हैं। जिस कारण ठंड से गाय बीमार पड़ कर दम तोड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि ठंड के कारण 20 के करीब गाय दम तोड़ चुकी हैं।


उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द जगह खाली न की गई और ऐसे में गाय का नुकसान होता है तो वह सड़कों पर आने के लिए मजबूर होंगे।

आरोप : 10 हजार किराया देने का था वादा

उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारियों ने साइकिल रखने का 10 हजार रुपए प्रति माह किराया देने का वादा किया था। लेकिन अब तक विभाग की ओर से एक भी रुपया नहीं दिया गया है। उन्होंने मांग की कि विभाग से किराया दिलाया जाए और जमीन को जल्द खाली करवाया जाए।

जल्द साइकिल लाभपात्रों तक पहुंचाएंगेे


Rs.30 लाख बर्बाद

बाजार में साइकिल की कीमत के अनुसार 2 हजार रुपए प्रति साइकिल के हिसाब से 1500 साइकिल की कीमत 30 लाख रुपए के आसपास है। विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण 30 लाख के साइकिल कबाड़ बन चुके हैं।