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बालद कलां में दलितों के विरोध के चलते रिजर्व कोटे की जमीन की बोली स्थगित

गांव बालद कलां में रिजर्व कोटे की जमीन की बोली दलितों के विरोध के चलते स्थगित कर दी गई है। इस दौरान दलितों की ओर से...

Danik Bhaskar | May 23, 2018, 02:25 AM IST
गांव बालद कलां में रिजर्व कोटे की जमीन की बोली दलितों के विरोध के चलते स्थगित कर दी गई है। इस दौरान दलितों की ओर से डीसी के नाम बीडीपीओ को मांगपत्र भी सौंपा गया। इस मौके पर जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी के नेताओं चरण सिंह व पाल सिंह ने कहा कि हर वर्ष दलितों को पंचायती जमीन लेने के लिए संघर्ष करना पड़ता है, जबकि कानून के अनुसार जमीन पटे पर लेने का दलितों का पूरा अधिकार है। पंचायती जमीनों के रेट बढ़ाने से कांग्रेस सरकार का दलित विरोधी चेहरा सामने आ गया है। दलित पंचायती जमीनों को मंहगे दाम पर नहीं ले सकते। जिस तरह प्रशासन की ओर से गौशाला व फैक्टरियों को जमीन पट्टे पर दी जाती है। उस तरह ही दलितों को भी कम रेट पर 99 वर्षीय पट्टे पर जमीन मिलनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि खेतों में मोटरंे न होने के कारण जमीन का कुछ हिस्सा बंजर है, इसलिए खेतों में मोटरों का प्रबंध किया जाए, दलितों के रिजर्व कोटे की जमीन की बोली दलित धर्मशाला में की जाए। इस मौके पर देव सिंह, पाला सिंह, प्रकाश कौर, परमजीत कौर, जरनैल कौर, सुरजन सिंह आदि उपस्थित थे। (लखविंदर)

भवानीगढ़ के गांव बालद कलां में नारेबाजी करते दलित वर्ग के लोग।

2 वर्ष के संघर्ष के बाद जलूर में दलितों को मिली हिस्से की जमीन

लहरागागा |पिछले 2 वर्षों से जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी के संघर्ष के चलते गांव जलूर में पंचायती जमीन की तीसरे हिस्से की बोली दलितों के नाम हो गई है। इस कारण दलितों व छोटे किसानों द्वारा जमीन पर झंडा लहराया गया है। महिलाओं की ओर से गिद्धा डाल खुशी मनाई जा रही है। किसानों द्वारा ढोल बजा कर भांगड़ा डाला जा रहा है। यह वह जलूर गांव है, जिसकी माता गुरदेव कौर संघर्ष के दौरान एक हमले में शहीद हो गई थी। काफी लंबे समय से जमीन के लिए लड़ाई झगड़े हो रहे थे। गांव के लोगों ने अपनी आवाज चंडीगढ़ तक पहुंचाई थी। इस मौके पर जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी के नेता बलविंदर सिंह जलूर ने कहा कि लोगों के संघर्ष की जीत हुई है। आज की बोली से दलितों के हिस्से में 16.5 एकड़ जमीन 22,000 प्रति एकड़ के हिसाब से मिली है। लोगों ने इस जमीन पर सांझी खेती करने का फैसला लिया है। उन्होंने ऐलान किया है कि जमीन को 99 वर्ष पटे पर लेने के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाया जाएगा। इस मौके पर गुरदास सिंह, अजैब सिंह, चंद सिंह, अमरजीत सिंह, सरबजीत सिंह, मनजीत सिंह, कुलदीप कौर आदि उपस्थित थे। (वरिंदर)